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भोपाल/आकाश द्विवेदीः देशभर में कोरोना वायरस के बढ़ते संकट के बाद इसे महामारी घोषित किया गया. वहीं इस साल आई संक्रमण की दूसरी लहर के दौरान ब्लैक फंगस के मरीज भी तेजी से बढ़ने लगे. जिसे देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने इस बीमारी को भी राजकीय महामारी घोषित कर दिया. 

ब्लैक फंगस महामारी घोषित
क्राइसिस मैनेजमेंट व जिला कलेक्टरों के साथ हुई बैठक के बाद CM शिवराज ने एक महत्त्वपूर्ण निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि प्रदेश में ब्लैक फंगल इन्फेक्शन (Mucormycosis) को महामारी घोषित किया जाता है. इस बीमारी से जूझ रहे मरीजों के इलाज के लिए अच्छी से अच्छी से व्यवस्था की जाए. जिन मरीजों का ऑपरेशन हुआ है, सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें एम्फोटेरिसिन बी (Amphotericin B) समय पर मिल जाए. 

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‘इसी महीने शून्य हो पॉजिटिविटी रेट’
कोरोना की स्थिति एवं व्यवस्थाओं की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में इस माह के अंत तक किसी भी तरह कोरोना पॉजिटिविटी दर शून्य की जाए. CM शिवराज ने एग्रेसिव टेस्टिंग के निर्देश जारी करते हुए कहा कि एक-एक संकमित को ढूंढ निकालें. उनका इलाज करवाएं, हमें किसी भी तरह अगले महीने से जन जीवन सामान्य कर काम-धंधे चालू करवाना है. 

इन राज्यों में भी ब्लैक फंगस महामारी
मध्य प्रदेश से पहले देश के कई राज्यों ने भी ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया. जिनमें राजस्थान, हरियाणा, गुजरात, तेलंगाना शामिल हैं. अन्य राज्यों को भी इस बीमारी को लेकर हाई अलर्ट पर रखा गया. वहीं केंद्रीय राजधानी दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार भी इस पर विचार कर रही है. वहां भी मरीज तेजी से बढ़ने लगे है.

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