Jaipur: कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच प्रदेशवासियों के लिए एक राहत भरी खबर है. प्रदेश  में 60 से अधिक स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे. नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल के निर्देश पर मंगलवार को अधिकारियों ने देश के प्रमुख ऑक्सीजन प्लांट निर्माताओं के साथ इस संबंध में चर्चा की है. 

दरअसल, प्रदेश में कोरोना का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है. इसके साथ ही ऑक्सीजन की भारी किल्लत संक्रमित मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो रही है. प्रदेश में पिछले 3 दिनों से कोरोना संक्रमितओं की मौत का आंकड़ा 150 से बाहर चल रहा है.

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दूसरी ओर राज्य सरकार ने ऑक्सीजन की किल्लत कम करने के लिए प्रदेश में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की कवायद तेज कर दी है. इस क्रम में मंगलवार दोपहर देश के ऑक्सीजन प्लांट निर्माताओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्च स्तरीय बैठक की गई. 

देश के 11 प्रमुख ऑक्सीजन प्लांट निर्माता जुड़े बैठक 
बैठक में प्रमुख सचिव नगरीय विकास  कुंजीलाल मीणा, सचिव स्वायत्त शासन भवानी सिंह देथा, आयुक्त जयपुर विकास प्राधिकरण गौरव गोयल, निदेशक एवं विशिष्ठ सचिव स्वायत्त शासन दीपक नन्दी, मुख्य अभियन्ता भूपेन्द्र माथुर, नेशनल हेल्थ मिशन के अधिशाषी अभियन्ता  अशोक गोयल एवं 11 देश के प्रमुख ऑक्सीजन प्लान्ट निर्माता मैं न्यूबर्ग इन्जिनियरिंग लि. नोएडा के आलोक शर्मा, मै. सेम गैस प्रोजेक्ट के . अफसार, मै. गर्ग गैस अजमेर के महेन्द्र जोशी, मै. ओस मेडि कावया प्रा.लि. के चेतन्य गोयल, मै. यूनिसी इण्डिया प्रा.लि. की. दीक्षा, मै. मेडिकल केयर सिस्टम के पी.एस. कपूर, मै. एयर टूल जोधपुर के महेन्द्र जोशी, मै. प्रायोरोटक इल्केट्रानिक उदयपुर, मै. केन एनर्जी प्रा.लि. के विमल भारद्वाज, मै. सागर ऑक्सीजन के विशाल व्यास उपस्थित थे.

अलग-अलग क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे
राज्य के नगरीय निकायों, नगर विकास न्यास, प्राधिकरण अपने-अपने संस्थाधनों से एवं निजी संस्थानों द्वारा ऑक्सीजन व गैस संयत्र स्थापित करवाने की कार्रवाई करने के निर्देश दिया है. प्रदेश में 50 बेड, 100 बेड, 150 बेड, व 300 बेड के हॉस्पिटल है.

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यहां प्रतिदिन एक बेड पर 2 से 3 ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता होती है. इसे देखते हुए जिला हॉस्पिटलों में 100 सिलेंडर, 150 सिलेंडर, 300 सिलेंडर प्रतिदिन की क्षमता वाले तथा जयपुर व अन्य बड़े शहरों 800 से 1000 सिलेंडर क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट लगाए जाएंगे.

जमीन व अन्य संसाधनों पर दी गई है छूट 
उल्लेखनीय है कि कोविड-19 वैश्विक माहमारी की दूसरी लहर को दृष्टिगत रखते हुए ऑक्सीजन प्लांट स्थापित करने एवं इसकी सहायक सामग्री क्रय करने के लिए नगरीय निकायों एवं अन्य उपापन संस्थाओं को आरटीपीपी एक्ट 2012 एवं नियम 2013 के प्रावधानों में राज्य सरकार द्वारा पूर्णतया छूट प्रदान की गई है. स्वास्थ्य विभाग एवं नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर ऑक्सीजन प्लांट लगवाए जाने के आदेश दिए गए है.

सीधे पाइप के जरिए पहुंचाई जाएगी ऑक्सीजन
प्रदेश में जिला हॉस्पिटल, मेडिकल कॉलेज में लगवाए जाने वाले ऑक्सीजन प्लांट की क्षमता के लिए नगरीय निकायों, नगर विकास न्यासों एवं प्राधिकरणों से जानकारी प्राप्त की गई है. जानकारी के अनुरूप ऑक्सीजन प्लांट लगवाए जाएंगे. ऑक्सीजन प्लांट आधुनिक तकनीक के होंगे. इनमें सीधे पाइप लाइन के माध्यम से अस्पतालों को ऑक्सीजन पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध होगी. कुछ प्लाटों में सिलेंडर रिफील (फिलिंग प्लांट) की सुविधा भी रखी जाएगी. जिससे ऑक्सीजन की त्वरित मांग को पूरा किया जा सकेगा. यह सभी प्लान्ट दो माह में लगाए जा सकेंगे.