पंचायती राज मंत्रालय
अनुसूचित जनजाति बहुल क्षेत्रों में ई-ग्राम स्वराज पोर्टल
प्रविष्टि तिथि: 21 JUL 2026 6:17PM by PIB Delhi
संसद ने संविधान के अनुच्छेद 243एम(4)(बी) के तहत ‘पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996′ (पेसा) बनाया ताकि संविधान के भाग IX के प्रावधानों को कुछ अपवादों एवं बदलावों के साथ पांचवीं अनुसूची वाले क्षेत्रों तक बढ़ाया जा सके। पंचायतें “स्थानीय स्वशासन” होने के नाते राज्य का विषय हैं और संबंधित राज्य के पंचायती राज अधिनियमों के तहत काम करती हैं। इसके अनुसार, अनुसूचित क्षेत्रों में पेसा को लागू करना, जिसमें ईग्रामस्वराज और ऑडिटऑनलाइन जैसे डिजिटल गवर्नेंस एप्लिकेशन को अपनाना और उनका उपयोग करना शामिल है, संबंधित राज्य सरकारों के अधिकार क्षेत्र में आता है।
पंचायती राज मंत्रालय ई–पंचायत मिशन मोड परियोजना (एमएमपी) के माध्यम से डिजिटल शासन को सुगम बनाता है, जिसमें ईग्रामस्वराज और ऑडिटऑनलाइन शामिल हैं तथा समय-समय पर समीक्षा बैठकों और अन्य निगरानी तंत्रों के माध्यम से राज्यों के साथ इनके कार्यान्वयन की समीक्षा करता है। मंत्रालय ने राज्यों द्वारा पेसा के कार्यान्वयन के आकलन को सुगम बनाने के लिए 10 पेसा संकेतक भी विकसित किए हैं, जिनमें से एक ईग्रामस्वराज पोर्टल पर पेसा ग्राम सभाओं की ग्राम पंचायत विकास योजनाओं को अपलोड किए जाने से संबंधित है।
पेसा क्षेत्रों में ईग्रामस्वराज के उपयोग/जीपीडीपी अपलोड की स्थिति का राज्यवार विवरण निम्नलिखित है।
डाटा
|
क्रम सं. |
राज्य का नाम |
कुल पेसा पंचायत |
कुल गांव |
स्वीकृत पेसा मुख्य योजना |
|
1 |
आंध्र प्रदेश |
609 |
1613 |
609 |
|
2 |
छत्तीसगढ़ |
5552 |
9891 |
5532 |
|
3 |
गुजरात |
2889 |
4701 |
2755 |
|
4 |
हिमाचल प्रदेश |
178 |
1533 |
164 |
|
5 |
झारखंड |
2066 |
17240 |
2066 |
|
6 |
मध्य प्रदेश |
5197 |
7710 |
5173 |
|
7 |
महाराष्ट्र |
2918 |
4317 |
2907 |
|
8 |
ओडिशा |
1390 |
11668 |
1390 |
|
9 |
राजस्थान |
1608 |
5690 |
1604 |
|
10 |
तेलंगाना |
1314 |
1321 |
1314 |
|
कुल |
23,721 |
65,684 |
23,514 |
|
पंचायती राज मंत्रालय ने ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) संरचना के भीतर पेसा के एकीकरण की पहल की है, ताकि पेसा–विशिष्ट ग्राम विकास योजनाओं की तैयारी संभव हो सके। मंत्रालय द्वारा एक समर्पित पेसा-जीपीडीपी पोर्टल लॉन्च किया गया है, जो पेसा अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम पंचायत विकास योजनाओं की तैयारी, कार्यान्वयन एवं निगरानी को सुगम बनाने के लिए है।
इसके अलावा, योजना वर्ष 2026-27 में, पेसा को 42 गतिविधियों के साथ ईग्रामस्वराज पोर्टल में एक पृथक विषय के रूप में शामिल किया गया है। साथ ही, पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों की ग्राम सभाओं के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे अपनी जीपीडीपी योजना तैयार करते समय पेसा विषय के अंतर्गत कम से कम एक गतिविधि को शामिल करें।
कुछ ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में अपर्याप्त डिजिटल अवसंरचना, रुक-रुक कर मिलने वाली इंटरनेट कनेक्टिविटी तथा सीमित तकनीकी क्षमता जैसी चुनौतियां सामने आ रही हैं, जिससे डिजिटल शासन अनुप्रयोगों को अपनाने पर प्रभाव पड़ा है। इन चुनौतियों का समाधान करने के लिए, पंचायती राज मंत्रालय राज्य सरकारों के समन्वय से निरंतर तकनीकी सहायता प्रदान करता है, ई-पंचायत अनुप्रयोगों के कार्यान्वयन की समय-समय पर समीक्षा करता है तथा हितधारकों से प्राप्त प्रतिक्रिया के आधार पर इन अनुप्रयोगों का उन्नयन करता है। इसके अलावा, देशभर की ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दूरसंचार विभाग द्वारा कार्यान्वित भारतनेट परियोजना के माध्यम से ग्राम पंचायतों की इंटरनेट कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है।
पंचायत, “स्थानीय स्वशासन” होने के कारण राज्य विषय है और भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची का हिस्सा है। तथापि, पंचायती राज मंत्रालय वित्तीय वर्ष 2022-23 से राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, जिनमें जनजातीय/पेसा क्षेत्र भी शामिल हैं, में पुनर्गठित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) की केंद्र प्रायोजित योजना लागू कर रहा है। इसका उद्देश्य निर्वाचित प्रतिनिधियों (ईआर), पंचायत पदाधिकारियों तथा अन्य हितधारकों को प्रशिक्षण प्रदान करके पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) की क्षमता को सुदृढ़ करना और उनकी नेतृत्व संबंधी भूमिकाओं के लिए शासन संबंधी क्षमताओं का विकास करना है ताकि ग्राम पंचायतें सभी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में प्रभावी तरीके से कार्य कर सकें।
इस योजना के अंतर्गत, मंत्रालय राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की प्राथमिकता के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में क्षमता निर्माण एवं प्रशिक्षण के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों को सहायता प्रदान करता है, जिसमें विभिन्न डिजिटल प्रशिक्षण भी शामिल हैं। वर्ष 2022-23 से 2026-27 तक (10.07.2026 तक), डिजिटल शासन और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म को सुदृढ़ करने के लिए पेसा राज्यों में 1,87,238 पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया है।
यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 21 जुलाई 2026 को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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पीके/केसी/एके/डीए
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