Air Force one colour change: डोनाल्ड ट्रंप एक तरफ ईरान पर हमले की तैयारी कर रहे हैं तो दूसरी तरफ इस आपाधापी में भी अपने प्लेन का रंग बदलने में जुटे हुए हैं. अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ जहां दिन-रात तैयारियों में लगी हुई है, वहीं युद्ध के खतरे के बीच भी डोनाल्ड ट्रंप अपने शौक पूरे कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक विमान एयरफोर्स वन का 60 साल पुराना नीला रंग अब बदला जा रहा है. जिस तरह ट्रंप ने अपना रंग यानी व्यवहार बदल लिया, ठीक उसी तरह एयरफोर्स वन का भी रंग बदलने जा रहा है.

एयरफोर्स वन का रंग बदला

एयरफोर्स वन अब ट्रंप के पसंदीदा रंग का हो जाएगा. जिस रंग की टाई में ट्रंप अक्सर नजर आते हैं, वही रंग अब ट्रंप के प्लेन में भी दिखाई देगा. जो सुनहरा रंग ट्रंप के होटल में दशकों से मौजूद है और अब व्हाइट हाउस में भी इस्तेमाल हो रहा है, वो अब एयरफोर्स वन का भी हिस्सा बनने जा रहा है.

राष्ट्रपति ट्रंप की पसंद के मुताबिक अब एयरफोर्स वन के विमानों को नया लुक दिया जा रहा है. नया डिजाइन लाल, सफेद और गहरे नीले रंगों के साथ गोल्डन टच वाला होगा. ये बदलाव न केवल नेक्स्ट जेनरेशन के बोइंग 747 विमानों में दिखेगा, बल्कि एयरफोर्स वन के पूरे बेड़े में लागू किया जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला C-32 विमान ट्रंप के पसंदीदा रंग में रंगा जा चुका है और अगले कुछ हफ्तों में इसे उड़ान के लिए सौंप दिया जाएगा.

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अमेरिकी राष्ट्रपति के बेड़े का प्रोटोकाल

कतर की तरफ से 3,600 करोड़ रुपये का जो बोइंग विमान ट्रंप को उपहार के रूप में सौंपा गया था, उसे भी नए रंग में पेंट किया जाएगा. ट्रंप की दलील है कि लाल, सफेद और नीला रंग अमेरिकी झंडे का प्रतिनिधित्व करते हैं और दुनिया के सबसे शानदार विमान के लिए यही रंग होने चाहिए. यानी उन्होंने इस बदलाव को देशभक्ति से भी जोड़ दिया है. यहां आपको ये भी जानना चाहिए कि एयरफोर्स वन के बेड़े में कितने विमान होते हैं.

एयरफोर्स वन में 2 VC 25A विमान हैं जिनमें राष्ट्रपति मुख्य रूप से उड़ान भरते हैं. इसके अलावा 8, C 32A विमान हैं जो प्रेसिडेंशियल फ्लीट का हिस्सा होते हैं. इस पर जब उपराष्ट्रपति सवार होते हैं तो इसे एयर फोर्स टू कहा जाता है.

इसके अलावा कुछ सहायक विमान भी होते हैं जैसे C-17 और E-4B जिसे Doomsday Plane भी कहा जाता है. लेकिन ये मुख्य रूप से एस्कॉर्ट या बैकअप के लिए होते हैं.

60 साल बाद बदल गया रंग

अब इसमें कतर से उपहार के रूप में मिले Boeing 747-8i को भी शामिल किया जाएगा. इस तरह कुल मिलाकर प्रेसिडेंशियल फ्लीट में 12 से ज्यादा विमान हैं. अब बारी-बारी से इन विमानों को ट्रंप के मनपसंद रंग में रंगा जाएगा.

एयरफोर्स वन के विमानों का मौजूदा रंग 60 के दशक से चला आ रहा है. उस वक्त जॉन एफ कैनेडी अमेरिका के राष्ट्रपति थे. मौजूदा रंग सफेद और हल्का नीला है. लेकिन ये रंग ट्रंप को शुरू से ही पसंद नहीं रहा है. ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी इसे बदलने की कोशिश की थी.

एक्सपर्ट्स की अनसुनी

हालांकि ट्रंप ने रंग बदलने की जो योजना बनाई थी, उसे बाइडेन प्रशासन ने लागत और तकनीकी कारणों से रद्द कर दिया. इस वजह से ट्रंप की ये योजना सफल नहीं हो पाई. 

एक्सपर्ट्स ने विमान के निचले हिस्से को गहरे नीले रंग से रंगने का विरोध किया था. उनका कहना था कि गहरे नीले रंग से तापमान बढ़ेगा जिससे विमान के संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स को नुकसान हो सकता है. लेकिन इसके बावजूद नए डिज़ाइन को हरी झंडी मिल गई. सोचिए, ट्रंप सिर्फ टैरिफ के मामले में ही नहीं बल्कि विमानों के रंग के मामले में भी मनमानी करते हैं. उनके लिए विशेषज्ञों की राय का कोई महत्व नहीं है.

ट्रंप ने एयरफोर्स वन के लिए जो कलर स्कीम चुनी है, वो उनके प्राइवेट बोइंग 757 विमान से काफी मिलता-जुलता है जिसे ट्रंप फोर्स वन कहा जाता है. ट्रंप के प्राइवेट जेट में भी लाल, सफेद, नीला और सुनहरा रंग है. अब ट्रंप फोर्स वन की तरह ही राष्ट्रपति का विमान भी हो जाएगा.

प्रेसिडेंशियल फ्लीट के सभी विमानों के रंग को बदलने में अभी लंबा समय लगेगा. ज़ाहिर है, कि इस पर खर्च भी आएगा. लेकिन ट्रंप प्रशासन या अमेरिकी वायुसेना की तरफ से ये नहीं बताया गया है कि ट्रंप के शौक को पूरा करने में कितना खर्च आएगा.