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श्रम और रोजगार मंत्रालय

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असंगठित श्रमिकों के लिए ई-श्रम कार्ड


ई-श्रम पोर्टल पर 31 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक पहले ही पंजीकृत हो चुके हैं

प्रविष्टि तिथि: 02 FEB 2026 6:23PM by PIB Delhi

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने असंगठित श्रमिकों (एनडीयूडब्ल्यू) के व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस (एनडीयूडब्ल्यू) के निर्माण के लिए 26 अगस्त, 2021 को ई–श्रम पोर्टल (eshram.gov.in) का शुभारंभ किया था। ई–श्रम पोर्टल असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण करता है और उन्हें स्व–घोषणा के आधार पर एक सार्वभौमिक खाता संख्या (यूएएन) प्रदान करता है।

26 जनवरी 2026 तक, ई–श्रम पोर्टल पर 31.48 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं।

असंगठित श्रमिकों को कई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच प्रदान करने के लिए ई–श्रम को एक ही स्थान पर उपलब्ध समाधान के रूप में विकसित करने की बजट 2024-25 में घोषणा के विचार के अनुसार, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 21 अक्टूबर 2024 को ई–श्रम – “एक ही स्थान पर समाधान उपलब्ध” का शुभारंभ किया। ई–श्रम – “एक ही स्थान पर समाधान उपलब्ध” में विभिन्न सामाजिक सुरक्षा/ कल्याण योजनाओं को जोड़ा गया है, जो एक ही पोर्टल यानी ई–श्रम पर उपलब्ध हैं। इससे ई–श्रम पर पंजीकृत असंगठित श्रमिक ई–श्रम के जरिए सामाजिक सुरक्षा योजनाओं तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं और अब तक मिले लाभ को देख सकते हैं।

अब तक, विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों/ विभागों की चौदह (14) योजनाओं, जिसमें प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (पीएमएसवीएनिधि), प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई), प्रधान मंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई), महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (एमजीएनआरईजीएस), प्रधान मंत्री आवास योजना, ग्रामीण (पीएमएवाई–जी), आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी–पीएमजेएवाई), प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी (पीएमएवाई–यू), प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम–किसान), वन नेशन वन राशन कार्ड (ओएनओआरसी) और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई), आदि शामिल हैं, को पहले ही ईश्रम के साथ जोड़ा/ मैप किया जा चुका है, जिससे ई–श्रम कार्डधारकों को लाभ और पहुंच प्रदान की जा सके।

उपरोक्त के साथ ही, ई–श्रम के रोजगार के अवसरों के लिए राष्ट्रीय कैरियर सेवा (एनसीएस), कौशल निर्माण के लिए स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच), पेंशन के लिए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन (पीएम–एसवाईएम) और गृह मंत्रालय के कन्वर्जेंस पोर्टल के साथ संबंध हैं।

ई–श्रम पहल के अंतर्गत पंजीकरण बढ़ाने और प्रवासी श्रमिकों, निर्माण श्रमिकों और कृषि श्रमिकों सहित असंगठित श्रमिकों को विस्तृत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक व्यापक रणनीति अपनाई है। वेब पोर्टल और मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से स्व–पंजीकरण के योग्य करने के साथ ही, श्रमिकों की आसानी के लिए सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी), राज्य सेवा केंद्र (एसएसके) और उमंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से सहायता प्राप्त पंजीकरण के उपाय शुरू किए गए हैं। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय पंजीकरण अभियान, सामुदायिक संपर्क कार्यक्रम और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप संचार प्रयासों सहित लक्षित जागरूकता अभियान चला रहा है। पहुंच को बढ़ाने के लिए, मंत्रालय वीडियो, ट्यूटोरियल और अन्य जानकारी से भरी सामग्री प्रसारित करने के लिए सोशल मीडिया चैनलों का इस्तेमाल करता है, जिससे यह पहल अधिक सुलभ और आकर्षक बन जाती है।

प्रवासी श्रमिकों, निर्माण श्रमिकों और कृषि श्रमिकों सहित असंगठित श्रमिकों के लिए ई–श्रम और उससे संबंधित सेवाओं की उपलब्धता और पहुंच को और बेहतर बनाने के लिए, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 24 फरवरी 2025 को आधिकारिक तौर पर ई–श्रम मोबाइल एप्लिकेशन लॉन्च किया। यह एप्लिकेशन ई–श्रम प्लेटफॉर्म से जुड़ी कल्याणकारी योजनाओं तक त्वरित समय में पहुंच को आसान बनाता है, जिससे पहुंच और यूजर की सुविधा दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। 

श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/केसी/एमएम

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