al darwish damascus return in syria: सीरिया के रैपर अली अल दरविश, जिनका असली नाम हनी अल सावा है, 13 साल बाद अपने देश लौटे और दमिश्क में मंच पर अपनी राजनीतिक गीतों के साथ प्रदर्शन किया है. यह उनका पहला मौका था जब उन्होंने असद परिवार के सत्ता में न होने पर घर लौटकर गाया है. अल सावा ने कहा कि कभी उन्होंने सोचा भी नहीं था कि वे सीरिया लौट पाएंगे. उनके लिए यह अनुभव भावुक करने वाला और उत्साहपूर्ण था.
अपने गानों के जरिए उठाई थी आवाज
2011 की उथल-पुथल के दौरान, अल सावा ने अपने गीतों के जरिए विरोध और तानाशाही के खिलाफ आवाज उठाई है. 2012 में वे लेबनान और फिर जर्मनी चले गए थे, लेकिन उनके संगीत ने सीरिया में और बाहर रहने वाले लोगों में उनकी पहचान बनाई. उन्होंने खुद को हमेशा से एक विद्रोही माना और 2001 में रैप संगीत के जरिए अपने विचारों को व्यक्त करना शुरू किया था.
हॉम्स शहर में उनका युवा जीवन एक अंडरग्राउंड रैप सीन से जुड़ा था, जिसमें उन्होंने और उनके साथियों ने गाने और विचारों का आदान-प्रदान किया है. अधिकारियों ने कई बार उनके पहनावे और संगीत शैली को लेकर सवाल उठाए और कहा कि यह पश्चिमी संस्कृति और साम्राज्यवाद का प्रभाव है. बावजूद इसके, अल सावा ने अपने पिता के आदेशों की परवाह किए बिना छिप के असद विरोधी प्रदर्शनों में भाग लिया करते थे.
शासन के खत्म होने के बाद किया दौरा
2024 में असद परिवार के आधी सदी पुराने शासन के अचानक खत्म होने के बाद, अल सावा ने पिछले महीने ही दमिश्क का दौरा किया है. उन्होंने देखा कि हाल के परिवर्तन तेज और असमान थे, खासकर हॉम्स और अलप्पो जैसे शहरों में भारी तबाही हुई थी. उन्होंने अपने गीतों में तटीय प्रांत और स्वेदा के लोगों को समर्पित किया, जहां सरकार की कार्रवाई ने सैकड़ों नागरिकों की जान ले ली.
अल सावा ने कहा कि असद के जाने की खुशी के बावजूद, उन्हें इस नए प्रशासन के तहत सेक्टेरियन हिंसा की चिंता है. मंच पर उन्होंने अपनी गानों के जरिए उन समुदायों के प्रति सहानुभूति और न्याय की अपील की, और दर्शकों का समर्थन देखकर उन्हें उम्मीद मिली. यह अनुभव उन्हें प्रेरित करता है कि वे अपने देश लौटकर लोगों की आवाज़ बनें और नए सीरिया में सुधार और एकता की दिशा में योगदान दें.
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