

नई दिल्ली: विराट कोहली की कप्तानी वाली टीम इंडिया (Team India) को न्यूजीलैंड के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल (WTC Final) मैच में 8 विकेट से करारी हार का सामना करना पड़ा. अब भारतीय टीम (Team India) इस दिल तोड़ने वाली हार को भुलाकर इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए तैयारी कर रही है. 4 अगस्त से भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का आगाज होगा. इंग्लैंड का ये दौरा भारतीय क्रिकेट टीम के लिए बेहद अहम है, ऐसे में एक और हार 4 खिलाड़ियों को भारी पड़ सकती है. इन 4 खिलाड़ियों का प्रदर्शन तय करेगा कि उनका टेस्ट क्रिकेट का भविष्य क्या होगा.
चेतेश्वर पुजारा
इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) का प्रदर्शन तय करेगा कि उनका टेस्ट क्रिकेट का भविष्य क्या होगा. चेतेश्वर पुजारा (Cheteshwar Pujara) ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के फाइनल की पहली पारी में 8 रन और दूसरी पारी में 13 रन बनाए थे. पुजारा के इस प्रदर्शन के बाद उनके करियर की उल्टी गिनती शुरू हो गई है.
विरोधी टीम पर हावी होने के लिए डिफेंसिव होने की बजाय रन बनाने की जरूरत है, लेकिन पुजारा की बल्लेबाजी में कोई दम नजर नहीं आया. टॉप ऑर्डर भारत की ताकत रहा है, जो टेस्ट मैचों में लगातार फ्लॉप हो रहा है. अब नंबर तीन पर पुजारा की जगह को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. चेतेश्वर पुजारा ने आखिरी बार शतक दो साल पहले 2018 में पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ही लगाया था. पुजारा ने तब सिडनी में ही 193 रनों की पारी खेली थी. इस पारी के बाद से उनका एक भी शतक नहीं आया है, जो टीम इंडिया के लिए चिंता की बात है.
शुभमन गिल
शुभमन गिल ने वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के फाइनल की पहली पारी में 28 रन और दूसरी पारी में 8 रन बनाए थे. रोहित शर्मा के साथ ओपनिंग करते हुए शुभमन गिल टीम इंडिया को अच्छी शुरुआत देने में नाकाम रहे हैं. ओपनिंग बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने के बाद पूरा दबाव मिडिल ऑर्डर पर पड़ता है. मिडिल ऑर्डर भी चेतेश्वर पुजारा, विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे के आउट होने के कारण पूरी तरह तहस-नहस हो रहा है.
शुभमन गिल के लचर बल्लेबाजी प्रदर्शन के बाद उनकी टेस्ट टीम में जगह को लेकर सवाल उठ रहे हैं. शुभमन गिल ने अपने टेस्ट करियर में अब तक 8 मैचों में 414 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका औसत 31.84 रहा है. शुभमन गिल की फॉर्म टीम इंडिया के लिए चिंता की बात है. ओपनिंग में शुभमन गिल की जगह मयंक अग्रवाल बेहतर विकल्प हो सकते हैं.
ऋद्धीमान साहा
भारतीय क्रिकेट टीम के लिए जब से महेन्द्र सिंह धोनी ने टेस्ट से संन्यास लिया है, उसके बाद से उनके बदले में ऋद्धीमान साहा विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी निभा रहे हैं. ऋद्धीमान साहा लगातार टेस्ट टीम के साथ जुड़े रहे हैं. वैसे उन्हें पिछली कुछ सीरीज में भारत की प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं मिल पा रहा है, क्योंकि ऋषभ पंत उन पर भारी पड़ रहे हैं. ऋद्धीमान साहा को इस बार भी इंग्लैंड के दौरे पर टीम में जगह मिली है. वो टीम का हिस्सा हैं, अब तक भारत के लिए ऋद्धीमान साहा 38 टेस्ट मैच खेल चुके हैं. साहा फिलहाल 36 साल के हो चुके हैं, तो वहीं उनको अब प्रतिस्पर्धा भी मिलने लगी है. ऐसे में कहा जा सकता है कि ये इंग्लैंड दौरा उनका आखिरी दौरा हो सकता है.
उमेश यादव
भारतीय क्रिकेट को पिछले कुछ सालों में एक से एक शानदार तेज गेंदबाज हाथ लगे हैं. इन युवा तेज गेंदबाजों ने भारत के रफ्तार के सौदागर माने जाने वाले उमेश यादव के करियर पर काफी प्रभाव डाला है. उमेश यादव की धीरे-धीरे सीमित ओवर की टीम से तो पूरी तरह से छुट्टी हो गई, लेकिन वो अभी भारत की टेस्ट टीम का हिस्सा हैं. उमेश यादव को भारतीय टेस्ट टीम में खेलने का लगातार मौका दिया जा रहा है, लेकिन वो प्लेइंग इलेवन का हिस्सा लगातार नहीं बन पा रहे हैं. अब ऐसे में उमेश यादव भले ही इस बार इंग्लैंड के दौरे पर जगह बनाने में तो कामयाब रहे हैं, लेकिन 48 टेस्ट खेल चुके 33 वर्षीय उमेश यादव के लिए ये इंग्लैंड का दौरा अंतिम साबित हो सकता है.

