
US-Iran Conflict: ईरान में बढ़ते विरोध प्रदर्शन के बीच अमेरिका की ओर से संभावित हमले को लेकर एक नया अपडेट आया है. बुधवार 14 जनवरी 2026 को अमेरिकी सेना ने एक इमरजेंसी मीटिंग कर फिलहाल जंग के लिए तैयार न होने की बात कही है. सेना के अधिकारियों का कहना है कि अगर वे स्ट्राइक करते हैं और इसका कोई हल नहीं निकलता है तो उन्हें लंबे समय के लिए युद्ध में कूदना पड़ सकता है और यह अमेरिका के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है.
क्या गारंटी चाहते हैं ट्रंप?
‘NBC’ के मुताबिक मीटिंग में शामिल सूत्रों ने बताया कि अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मीटिंग के बाद अपनी सिक्योरिटी टीम से इसको लेकर राय मांगी. ट्रंप ने सवाल किया कि क्या उनके पास ऐसी कोई योजना है, जिसमें एक ही अटैक के अंदर ईरान के मामले का समाधान हो सके? ट्रंप की सिक्योरिटी टीम इसका कोई जवाब नहीं दे पाई. ‘टेलीग्राफ ब्रिटेन’ के मुताबिक इस बैठक के तुरंत बाद ईरान की ओर से ट्रंप को मैसेज पहुंचाया गया कि यहां पर कोई भी कड़ा एक्शन नहीं लिया जाएगा. राष्ट्रपति ने इसका जिक्र प्रेस कांफ्रेंस में भी किया.
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वेनेजुएला जैसा हाल चाहते हैं ट्रंप?
‘NBC’ के मुताबिक ट्रंप एक ही स्ट्राइक में ईरान के मामले का समाधान होने की गारंटी चाहते हैं, हालांकि उनकी टीम इसकी गारंटी देने में असफल रही. पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने बताया कि वह आगे की प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं. फिलहाल उनके पास बताने के लिए कुछ भी नहीं हैं. बता दें कि ट्रंप वेनेजुएला की तरह साइलेंट ऑपरेशन करना चाहते हैं, जिसमें एक ही झटके में सब समाधान हो जाए, हालांकि इस स्थिति के सत्य होने को लेकर आशंका है.
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कतर बेस से सैनिक क्यों हटा रहा अमेरिका?
बता दें कि बुधवार 14 जनवरी 2026 की शाम कतर के अल-उदीद मिलिट्री बेस से अमेरिकी सैनिकों के वापस हटने की खबर सामने आई थी. न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ के मुताबिक अमेरिका उदीद बेस से भी अपने कुछ सुरक्षाबलों को हटा रहा है. फिलहाल इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि आखिर अमेरिका की ओर से यह कदम क्यों उठाया जा रहा है.
