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उप राष्ट्रपति सचिवालय

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उपराष्ट्रपति जी ने पुदुचेरी में स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को संरक्षित करने और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया


उपराष्ट्रपति जी ने पुदुचेरी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत एक हाउसिंग प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया

उपराष्ट्रपति जी ने “सभी के लिए आवास” मिशन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की

ज्ञान, चरित्र और सेवा के मेल से विकसित भारत @2047 अपने वास्तविक रूप में साकार होगा: उपराष्ट्रपति जी

 उपराष्ट्रपति जी ने महाकवि सुब्रमण्यम भारतीयर की प्रतिमा का अनावरण किया और महान कवि को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की

प्रविष्टि तिथि: 29 DEC 2025 6:41PM by PIB Delhi

भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने पुदुचेरी में एक नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित किया और स्मार्ट सिटी मिशन के अंतर्गत एक आवासीय परियोजना का उद्घाटन किया, जिसमें उन्होंने 216 नए बने घरों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपी, और समावेशी स्थायी शहरी विकास के प्रति भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

यह नागरिक अभिनंदन समारोह पुदुचेरी के विभिन्न संगठनों की ओर से आयोजित किया गया था, जिसमें पुदुचेरी नागरिक मंच के सदस्य, धार्मिक नेता, और अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, वाणिज्य और कारीगर संघों, बार काउंसिल और होटल संघों के प्रतिनिधि शामिल थे, और यह आयोजन उपराष्ट्रपति जी के पद संभालने के बाद पहली यात्रा के मौके पर किया गया था, इससे पहले वे पुदुचेरी के उपराज्यपाल के रूप में कार्य कर चुके हैं।

सभा को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति जी ने अपने उपराज्यपाल के तौर पर अपने पिछले कार्यकाल को याद किया और केंद्र शासित प्रदेश को अनूठी सभ्यतागत, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व वाली भूमि बताया। रोमन दुनिया के साथ भारत के समुद्री संबंधों को दर्शाने वाले अरिकामेडु के प्राचीन बंदरगाह का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि पुदुचेरी हमेशा एक जीवंत सांस्कृतिक केंद्र के तौर पर दुनिया के लिए खुला रहा है।

भारत के स्वतंत्रता संग्राम को याद करते हुए, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने ऐतिहासिक कीझूर जनमत संग्रह का जिक्र किया, जहां भारी बहुमत ने पुदुचेरी के भारत में विलय के पक्ष में मतदान किया, जो लोगों की गहरी देशभक्ति और स्वतंत्रता की इच्छा को दर्शाता है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को संरक्षित करने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की जरूरत पर जोर दिया।

आवासीय परियोजना के जल्दी पूरा होने पर संतोष जताते हुए उपराष्ट्रपति जी ने कहा कि घर केवल एक भौतिक ढांचा नहीं है, बल्कि यह परिवारों के लिए सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का जरिया है। उपराज्यपाल के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने इस परियोजना पर करीब से नजर रखी थी।

उपराष्ट्रपति जी ने कुमारगुरु पल्लम साइट पर सौंपे गए घरों का दौरा भी किया और लाभार्थियों से बातचीत की, जिन्होंने परियोजना को जल्दी पूरा करवाने के लिए उनका धन्यवाद किया।

भारत सरकार की कल्याणकारी पहलों पर जोर देते हुए, उपराष्ट्रपति जी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और पीएमकिसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का जिक्र किया, और कहा कि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली ने पारदर्शिता और सहायता की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित की है।

उन्होंनेसभी के लिए आवासके मिशन के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की और इस परियोजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पुदुचेरी सरकार के प्रयासों की भी प्रशंसा की।

इसके बाद, भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने पुदुचेरी में पेटिट सेमिनार सीबीएसई स्कूल के सीनियर सेकेंडरी ब्लॉक का उद्घाटन किया। उन्होंने संस्थान की 181 साल पुरानी विरासत पर आधारित संपूर्ण शिक्षा और मूल्यआधारित अध्यापन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की।

शिक्षा को एकमात्र अविनाशी संपत्ति बताते हुए, उपराष्ट्रपति जी ने छात्रों से ज्ञान को गहराई, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ हासिल करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 केवल इंफ्रास्ट्रक्चर से नहीं, बल्कि ज्ञान, चरित्र और सामाजिक जिम्मेदारी के मेल से बनेगा।

उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में शुरू की गई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बदलाव लाने वाले असर पर भी जोर दिया, जिसने भारत की शिक्षा प्रणाली को रटने की बजाय आलोचनात्मक सोच, रचनात्मकता और सर्वांगीण विकास की ओर मोड़ा है।

बाद में, श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने पुदुचेरी में भारतीयार मेमोरियल में महाकवि सुब्रमण्यम भारतीयार की प्रतिमा का अनावरण किया, और उस महान कवि को भावभीनी श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने निडर शब्दों, क्रांतिकारी विचारों और तमिल भारत के प्रति असीम प्रेम से एक राष्ट्र को जगाया।

गहरी प्रसन्नता जाहिर करते हुए उपराष्ट्रपति जी ने कहा कि यह बड़े गर्व का विषय है कि उस धरती पर मूर्ति का अनावरण किया जा रहा है, जहां महाकवि सुब्रमण्य भारती ने लगभग एक दशक तक स्वतंत्र विचार और रचनात्मक प्रतिभा के साथ जीवन बिताया। उन्होंने कहा कि पुदुचेरी में भारतीयार के साल, जो गहरी दार्शनिक खोज और ज्ञान की तलाश से भरे थे, उन्हें आधुनिक तमिल साहित्य का सुनहरा दौर माना जाता है।

इस कार्यक्रम में पुदुचेरी के उपराज्यपाल श्री के. कैलाशनाथन, मुख्यमंत्री श्री एन. रंगासामी, जन प्रतिनिधि और अन्य गणमान्य शामिल हुए।

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पीके/केसी/एमएम/डीके

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