उप राष्ट्रपति सचिवालय
उपराष्ट्रपति ने राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी की पुस्तक ‘संकल्प से सिद्धि का मोदी युग’ का विमोचन किया
उपराष्ट्रपति ने कहा- प्रधानमंत्री मोदी सपनों और हकीकत के बीच ‘सेतु पुरुष’ हैं
संकल्प से सिद्धि का मोदी युग भारत की संकल्प से उपलब्धि तक की यात्रा को दर्शाता है
प्रविष्टि तिथि: 27 AUG 2026 6:22PM by PIB Delhi
उपराष्ट्रपति श्री सीपी राधाकृष्णन ने आज नई दिल्ली स्थित उपराष्ट्रपति भवन में राज्यसभा सांसद श्री घनश्याम तिवारी द्वारा लिखित पुस्तक ‘संकल्प से सिद्धि का मोदी युग‘ का विमोचन किया।
Vice President Shri C. P. Radhakrishnan released Rajya Sabha MP Shri Ghanshyam Tiwari’s book ‘Sankalp Se Siddhi Ka Modi Yug’ at Uprashtrapati Bhavan, New Delhi today.
Describing the book as an inspiring account of Bharat’s journey from resolve to achievement, the Vice President… pic.twitter.com/7PN3JY9ICl
— Vice-President of India (@VPIndia) August 27, 2026
श्री सीपी राधाकृष्णन ने ‘संकल्प से सिद्धि का मोदी युग‘ शीर्षक को एक सशक्त और प्रेरणादायक संदेश देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि संकल्प मात्र एक इच्छा नहीं, बल्कि समर्पण, परिश्रम और अनुशासन से समर्थित एक दृढ़ निश्चय है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पुस्तक पिछले बारह वर्षों में भारत की यात्रा का वर्णन करती है। इसमें प्रशासनिक उपलब्धियों के साथ-साथ वैचारिक पुनर्जागरण भी शामिल है और यह 2047 में विकसित भारत की परिकल्पना के संदर्भ में प्रस्तुत करती है।
उपराष्ट्रपति ने स्वामी विवेकानंद, रवींद्रनाथ टैगोर, केशव बलिराम हेडगेवार, वीर सावरकर और अटल बिहारी वाजपेयी जैसे महान राष्ट्रीय विचारकों के विचारों और आदर्शों को समकालीन शासन से जोड़ने के पुस्तक के प्रयास की सराहना की। उन्होंने कहा कि लेखक ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को ‘सेतु पुरुष‘ के रूप में सटीक रूप से वर्णित किया है – सपनों और वास्तविकता के बीच एक सेतु – यह इन विचारकों के संकल्प और समकालीन भारत में उनकी प्राप्ति के बीच सम्बंध को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में हुए प्रमुख विकासों को याद करते हुए श्री सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि यह पुस्तक राष्ट्र प्रथम, समग्र मानवतावाद और अंत्योदय की भावना को समाहित करती है। उन्होंने राष्ट्रीय अखंडता, सामाजिक और आर्थिक न्याय, महिला नेतृत्व वाला विकास, आत्मनिर्भर भारत और पारदर्शी शासन के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि यह कृति विभिन्न शासन सम्बंधी पहलों को स्थायी राष्ट्रीय विचारों को क्रियान्वित करने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत के साथ-साथ पाठकों को भारत की यात्रा पर चिंतन करने और आत्मविश्वास और आशावाद के साथ भविष्य की ओर देखने के लिए प्रोत्साहित करती है।
केंद्रीय कानून एवं न्याय तथा संसदीय कार्य राज्य मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा सांसद और लेखक श्री घनश्याम तिवाड़ी, राज्यसभा सांसद श्री लहर सिंह सिरोया और प्रभात प्रकाशन के श्री पवन कुमार भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
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पीके/केसी/वीके/एम
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