सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय
एमएसएमई मंत्रालय पूरे देश में सूक्ष्म और लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम (एमएसई-सीडीपी) लागू कर रहा है
इस योजना का उद्देश्य वित्तीय सहायता प्रदान करके, क्लस्टर विकास दृष्टिकोण अपनाते हुए, सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) की समग्र विकास के लिए उनकी उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है
प्रविष्टि तिथि: 23 MAR 2026 4:57PM by PIB Delhi
एमएसएमई मंत्रालय पूरे देश में सूक्ष्म और लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम (एमएसई–सीडीपी) लागू कर रहा है। इस योजना का उद्देश्य क्लस्टर विकास दृष्टिकोण अपनाते हुए सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) की उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाना है, ताकि उनका समग्र विकास हो सके। इसके तहत मौजूदा क्लस्टरों में कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) स्थापित करने और नए/मौजूदा औद्योगिक संपदाओं/क्षेत्रों/फ्लैटेड फैक्ट्री परिसरों में अवसंरचनात्मक सुविधाओं को स्थापित/उन्नत करने के लिए भारत सरकार द्वारा अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह मांग आधारित योजना है और राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों से उनकी आवश्यकता के अनुसार प्रस्ताव प्राप्त किए जाते हैं।
सूक्ष्म एवं लघु उद्यम–समूह विकास कार्यक्रम (एमएसई–सीडीपी) के तहत देश भर में कुल 242 सामान्य सुविधा केंद्र (सीएफसी) स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें पंजाब राज्य के छह (06) केंद्र शामिल हैं। इसी प्रकार, पारंपरिक उद्योगों के पुनरुद्धार हेतु निधि योजना (एसएफयूआरटीआई) के तहत वर्ष 2015-16 से देश भर में 513 समूह स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें पंजाब राज्य के दो (02) समूह शामिल हैं। एमएसई–सीडीपी के तहत स्वीकृत सीएफसी और एसएफयूआरटीआई योजना के तहत स्वीकृत समूहों का राज्यवार विवरण, जिनमें पंजाब के समूह भी शामिल हैं, अनुलग्नक में दिया गया है।
इसके अलावा, छह (6) सीएफसी में से, निम्नलिखित दो (02) को पंजाब राज्य में ऑटोमोबाइल और कपड़ा क्षेत्रों में अनुमोदित किया गया है, जैसा कि नीचे दिए गए विवरण के अनुसार है।
|
क्र. सं. |
सीएफसी का नाम |
ज़िला |
सेक्टर |
|
1 |
वस्त्र क्लस्टर, लुधियाना |
लुधियाना |
वस्त्र |
|
2 |
कटिंग टूल क्लस्टर, पटियाला |
पटियाला |
ऑटोमोबाइल |
कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) प्रौद्योगिकी उन्नयन, कौशल विकास, गुणवत्ता सुधार और बाजार पहुंच से संबंधित सामान्य चुनौतियों का समाधान करके लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसई) की स्थिरता, प्रतिस्पर्धात्मकता और समग्र विकास को बढ़ाने में योगदान देते हैं। एमएसई–सीडीपी योजना के तहत, पिछले पांच वर्षों में सीएफसी परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए 438.94 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है।
सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए ऋण गारंटी योजना (सीजीएस), जिसे सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों के लिए ऋण गारंटी निधि ट्रस्ट (सीजीटीएमएसई) के माध्यम से कार्यान्वित किया जाता है, एमएसई को दिए गए ऋणों के लिए ऋण गारंटी कवरेज प्रदान करती है। इस योजना के अंतर्गत गारंटी कवरेज की अधिकतम सीमा 10 करोड़ रुपये (01.04.2026 से प्रभावी) है। इसके अलावा, अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों (आईएमई) —जो जीएसटी व्यवस्था से मुक्त हैं—की समग्र ज़रूरतों को पूरा करने के लिए, उन्हें बिना किसी गारंटी के सस्ती दर पर ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा हेतु, ऋण गारंटी योजना के तहत एक विशेष प्रावधान किया गया है; जिसके अंतर्गत ₹20 लाख तक की ऋण सुविधा पर 85% तक की गारंटी प्रदान की जाती है।
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के संवर्धन और विकास को सुगम बनाने के उद्देश्य से, अधिसूचना संख्या S.O.1296 (E), दिनांक 20.03.2023 के माध्यम से, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने यह अधिसूचित किया है कि अनौपचारिक सूक्ष्म उद्यमों को उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म पर जारी किया गया प्रमाण पत्र, ‘प्राथमिकता क्षेत्र ऋण का लाभ प्राप्त करने के प्रयोजन हेतु, ‘उद्यम पंजीकरण प्रमाण पत्र के समकक्ष माना जाएगा।
अनुलग्नक
एमएसएमई योजना के तहत अनुमोदित सामान्य सुविधा केंद्रों और स्फूर्ति योजना के तहत अनुमोदित क्लस्टरों का राज्यवार विवरण निम्नलिखित है।
|
राज्य |
एमएसई–सीडीपी योजना के तहत अनुमोदित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) |
SFRUTI योजना के अंतर्गत अनुमोदित क्लस्टर |
|
अंडमान और निकोबार |
0 |
1 |
|
आंध्र प्रदेश |
11 |
16 |
|
अरुणाचल प्रदेश |
0 |
3 |
|
असम |
2 |
35 |
|
बिहार |
1 |
10 |
|
छत्तीसगढ़ |
0 |
5 |
|
दिल्ली |
0 |
0 |
|
गोवा |
2 |
0 |
|
गुजरात |
14 |
14 |
|
हरियाणा |
10 |
5 |
|
हिमाचल प्रदेश |
1 |
4 |
|
जम्मू और कश्मीर |
1 |
8 |
|
झारखंड |
0 |
15 |
|
कर्नाटक |
29 |
29 |
|
केरल |
17 |
10 |
|
मध्य प्रदेश |
2 |
45 |
|
महाराष्ट्र |
50 |
29 |
|
मणिपुर |
2 |
26 |
|
मेघालय |
1 |
6 |
|
मिजोरम |
1 |
1 |
|
नगालैंड |
5 |
9 |
|
ओडिशा |
7 |
70 |
|
पुदुचेरी |
0 |
0 |
|
पंजाब |
6 |
2 |
|
राजस्थान |
7 |
34 |
|
सिक्किम |
1 |
4 |
|
तमिलनाडु |
49 |
28 |
|
तेलंगाना |
2 |
16 |
|
त्रिपुरा |
0 |
3 |
|
उत्तर प्रदेश |
8 |
59 |
|
उत्तराखंड |
2 |
5 |
|
पश्चिम बंगाल |
11 |
21 |
|
कुल |
242 |
513 |
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
पीके/केसी/जीके/डीके
(रिलीज़ आईडी: 2244176) आगंतुक पटल : 14
