
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय

कैबिनेट ने ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक नए तटीय राजमार्ग (दो पैकेज में निर्मित कुल 163.180 किलोमीटर लंबाई वाले तटीय राजमार्ग का हिस्सा) के निर्माण को हाइब्रिड एन्यूटी मोड पर मंजूरी दी
प्रविष्टि तिथि: 03 JUN 2026 3:32PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति ने आज ओडिशा में रामेश्वर से पारादीप तक हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएम) के तहत नए तटीय राजमार्ग के निर्माण को दो पैकेज के तहत मंजूरी दे दी है। इसकी कुल लंबाई 160.18 किलोमीटर और कुल पूंजी लागत 8300.79 करोड़ रुपये है।
रामेश्वर से पारादीप तक नए तटीय राजमार्ग का परियोजना खंड ओडिशा के खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों से होकर गुजरता है। विद्यमान एनएच-16 सड़क नेटवर्क स्वर्णिम चतुर्भुज का हिस्सा है और पहले से ही 6 लेन का राजमार्ग है जो खुर्दा, भुवनेश्वर और कटक जैसे प्रमुख शहरों से होकर गुजरता है। विद्यमान एनएच-316 भुवनेश्वर-पुरी को जोड़ता है और आगे सतपाड़ा और कोणार्क की ओर बढ़ता है। पुरी-सतपाड़ा और पुरी-कोणार्क खंडों पर विद्यमान सड़क संरचना खराब है। लगभग 40 प्रतिशत सड़क पर रिबन निर्माण और सड़क किनारे स्थानीय यात्रियों की भारी आवाजाही के कारण यह गलियारा सुचारू और लंबी दूरी के वाहनों के कुशल आवागमन के लिए अनुपयुक्त है।
प्रस्तावित परियोजनाओं में रामेश्वर से कोणार्क तक 4 लेन (पैकेज-1) और कोणार्क से पारादीप तक पक्की शोल्डर वाली 2 लेन (पैकेज-2) शामिल हैं। इससे ओडिशा राज्य के खुर्दा, पुरी, केंद्रपाड़ा और जगतसिंहपुर जिलों में 100 किमी/घंटे की निर्धारित गति सुनिश्चित होगी और यात्रा दक्षता में सुधार होगा। यह परियोजना क्षेत्रीय आवागमन को भी बढ़ावा देगी और सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करेगी।
ये परियोजनाएं प्रधानमंत्री गतिशक्ति सिद्धांतों के अनुरूप हैं और 9 इकोनॉमिक नोड एवं 5 लॉजिस्टिक नोड को आपस में जोड़ेंगी। इससे देश के लॉजिस्टिक परफॉर्मेंस इंडेक्स (एलपीआई) पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
परियोजना पूरी होने पर रामेश्वर और पारादीप के बीच यात्रा का समय लगभग 2 घंटे 30 मिनट कम होने की उम्मीद है। साथ ही, यात्री और माल ढुलाई दोनों के लिए सुरक्षित, त्वरित और निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। इसके अतिरिक्त, इस परियोजना से ईंधन उपभोग, कार्बन उत्सर्जन और वाहन परिचालन लागत (वीओसी) में भी अत्यधिक कमी आएगी।
गलियारे का नक्शा



परिशिष्ट-I : परियोजना विवरण
विवरण | रामेश्वर-कोणार्क 4-लेन एक्सेस-नियंत्रित राजमार्ग | कोणार्क-परादीप पक्की शोल्डर वाली 2-लेन सड़क |
लंबाई (किमी) | 79.40 | 80.78 |
ब्राउनफील्ड की लंबाई (किमी) | 2.560 | – |
ग्रीनफील्ड की लंबाई (किमी) | 76.840 | 80.78 |
कुल सिविल लागत (करोड़ रुपये में) | 3129.06 | 1566.02 |
भूमि एवं अन्य निर्माण-पूर्व लागत (करोड़ रुपये में) | 751.62 | 668.13 |
कुल पूंजी लागत (करोड़ रुपये में) | 5304.80 | 2995.99 |
मोड | हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) | हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (एचएएम) |
कुल रियायत अवधि | 17.5 वर्ष (2.5 वर्ष निर्माण + 15 वर्ष संचालन एवं रखरखाव) | 17.5 वर्ष (2.5 वर्ष निर्माण + 15 वर्ष संचालन एवं रखरखाव) |
इकोनॉमिक | 2 एसईजेड-भुवनेश्वर, खोरधा (खंडगिरि), मेगा फूड पार्क-भुवनेश्वर, मत्स्य पालन क्लस्टर-पारादीप, कोणार्क, जगतसिंहपुर, पुरी, केंद्रपाड़ा, फार्मा क्लस्टर- कटक। | |
लॉजिस्टिक नोड | पुरी रेलवे स्टेशन, पुरी हवाई अड्डा, अस्तरंग बंदरगाह, पारादीप बंदरगाह और एमएमएलपी-जगतसिंहपुर। | |
रोजगार सृजन क्षमता | 53.61 लाख प्रत्यक्ष मानव-दिवस और 67.01 लाख अप्रत्यक्ष मानव-दिवस | |
वित्तीय वर्ष 2027-28 के दौरान अपेक्षित वार्षिक औसत दैनिक यातायात (एएडीटी) | पैकेज I: 10,437 पीसीयू (9,236 पीसीयू टोल योग्य) पैकेज II: 7,249 पीसीयू (6,369 पीसीयू टोल योग्य) | |
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पीके/केसी/एसकेजे/एचबी
(रिलीज़ आईडी: 2268389) आगंतुक पटल : 23
