
आर्थिक मामलों की मंत्रिमण्डलीय समिति (सीसीईए)

कैबिनेट ने मध्य प्रदेश में एनएच-347बी के हिवारखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड (125.01 किमी) की मौजूदा मध्यवर्ती लेन को पक्की शोल्डर मानक के साथ 2 लेन में अपग्रेड करने और देशगांव-जुलवानिया खंड (108.643 किमी) की मौजूदा 2 लेन को 4 लेन में चौड़ा करने को हाइब्रिड वार्षिकी मोड पर मंजूरी दी
कुल लंबाई 233.653 किलोमीटर, लागत 4,415.60 करोड़ रुपये
प्रविष्टि तिथि: 03 JUN 2026 3:29PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों पर केंद्रीय मंत्रिमंडलीय समिति ने आज मध्य प्रदेश राज्य में एनएच-347बी के हिवारखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड (125.01 किमी) की मौजूदा मध्यवर्ती लेन को पक्की शोल्डर मानक वाली 2 लेन में अपग्रेड करने और देशगांव-जुलवानिया खंड (108.643 किमी) की मौजूदा 2 लेन को 4 लेन में चौड़ा करने को हाइब्रिड वार्षिकी मोड पर मंजूरी दे दी है। इस पर 4,415.60 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
मध्य प्रदेश में एनएच-347बी के हिवारखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी और देशगांव-जुलवानिया खंड के प्रस्तावित उन्नयन से बेतूल, खंडवा, खरगोन और बरवानी जिलों के शहरी क्षेत्रों में मौजूद गंभीर ज्यामितीय खामियों, तिरछे मोड़ों और भीड़भाड़ की समस्या का समाधान होगा। इस परियोजना के अंतर्गत खरगोन जिले के लिए 16.20 किलोमीटर लंबा एक विस्तारित ग्रीनफील्ड बाईपास विकसित किया जाएगा। इस परियोजना से औसत यात्रा गति बढ़ेगी, यात्रा का समय कम होगा और सड़क सुरक्षा, ईंधन दक्षता और वाहन परिचालन लागत में सुधार होगा, जिससे क्षेत्रीय गतिशीलता और सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
यह परियोजना मध्य प्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध रूप से जोड़ेगी। उन्नत कॉरिडोर 6 पीएम गति-शक्ति आर्थिक केंद्रों (1 कपड़ा क्लस्टर, 2 मेगा फूड पार्क, 1 औद्योगिक पार्क, 2 सुपर थर्मल पावर प्लांट), 5 सामाजिक केंद्रों (2 आकांक्षी जिले – खंडवा और बरवानी, 3 आदिवासी जिले – बेतूल, खंडवा, खरगोन) और 5 लॉजिस्टिक्स केंद्रों (2 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 2 हवाई अड्डे, 1 एमएमएलपी) से जुड़कर बहु-मोडल एकीकरण को बढ़ावा देगा, जिससे पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज हो सकेगी।
गलियारे का नक्शा

परिशिष्ट – I: परियोजना विवरण
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विशेषता | विवरण | |
परियोजना का नाम | मध्य प्रदेश राज्य में एनएच-347बी के हिवारखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड (125.01 किमी) की मौजूदा मध्यवर्ती लेन को पक्की शोल्डर मानक के साथ दो लेन में अपग्रेड करना और देशगांव-जुलवानिया खंड (108.643 किमी) की मौजूदा दो लेन को चार लेन में चौड़ा करना हाइब्रिड वार्षिकी मोड पर किया जाएगा। (कुल लंबाई-233.653 किमी) | |
गलियारे | बेतुल-खंडवा-वडोदरा | |
लंबाई (किमी) | 233.653 | |
कुल सिविल लागत (करोड़ रुपये में) | 2705.08 | |
भूमि अधिग्रहण लागत (रुपये करोड़ में) | 432.77 | |
कुल पूंजी लागत (करोड़ रुपये में) | 4415.60 | |
तरीका | हाइब्रिड वार्षिकी मोड (एचएएम) | |
बाईपास (उपमार्ग) | हिवारखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड बाईपास की लंबाई = 70.39 किमी | देशगांव-जुलवानिया खंड बाईपास की लंबाई = 54.273 किमी |
जुड़ी हुईं प्रमुख सड़कें | राष्ट्रीय राजमार्ग – एनएच-47, एनएच-753, एनएच-347बीजी और एनएच-52 राज्य राजमार्ग – एसएच-15 और एमडीआर | |
जुड़े हुए आर्थिक / सामाजिक / परिवहन केंद्र | हवाई अड्डा: इंदौर और नागपुर रेलवे स्टेशन: बैतूल, खंडवा मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक पार्क (एमएमएलपी): इंदौर आर्थिक केंद्र: 01 वस्त्र क्लस्टर, 02 मेगा फूड पार्क, 01 औद्योगिक पार्क, 02 सुपर थर्मल पावर प्लांट | |
जुड़े हुए प्रमुख शहर/कस्बे | बैतूल, खंडवा, खरगोन, बड़वानी | |
रोजगार सृजन क्षमता | 19.50 लाख व्यक्ति-दिवस (प्रत्यक्ष) और 23.00 लाख व्यक्ति-दिवस (अप्रत्यक्ष) | |
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पीके/केसी/एके/एसवी
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