
World News In Hindi: ईरान और इजरायल के बीच बीते कुछ महीनों पहले जंग देखने को मिली थी. इस दौरान अमेरिका ने भी ईरान पर बम बरसाया था. वहीं अब अमेरिका में यह हलचल जोरों पर है कि क्या ईरान और अमेरिका के बीच कोई जंग होने वाली है या फिर इन दोनों देशों ने जंग का ऐलान कर दिया है? बता दें कि यह ऐसे समय पर देखने को मिल रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार 29 दिसंबर 2025 को इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकात कर रहे हैं.
ईरान पर होंगे हमले?
एक ओर जहां ट्रंप गाजा युद्धविराम योजना के अगले चरण की तरफ बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं तो वहीं नेतन्याहू भी संभावित तौर पर अपनी नजर ईरान पर केंद्रित कर रहा है. माना जा रहा है कि ईरान पर अभी और अधिक अमेरिकी हमले हो सकते हैं. ट्रंप की इजरायली प्रधानमंत्री के साथ यह बैठक उनके आलीशान मार ए लोगों रिजॉर्ट में हुई है. दोनों नेताओं के बीच इस साल अबतक 5 बार यह बैठक हो चुकी है.
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ट्रंप-नेतन्याहू की बैठक
ट्रंप और नेतन्याहू के बीच यह बैठक ऐसे वक्त पर हो रही है जब व्हाइट हाउस के कुछ आशंका है कि इजरायल और हमास दोनों ही अपने युद्धविराम के दूसरे चरण को लागू करने में देरी कर रहे हैं. बता दें कि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सोमवार 29 दिसंबर 2025 को ट्रंप के साथ होने वाली बैठक से पहले ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने शनिवार 27 दिसंबर 2025 को कहा था कि उनका देश अमेरिका, इजरायल और यूरोप के साथ फुल स्केल वॉर पर है.
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पेजेश्कियन का बयान
पेजेश्कियन ने ईरान की एक वेबसाइट पर छपे इंटरव्यू में कहा था कि पश्चिम नहीं चाहता कि इस्लामिक रिपब्लिक अपने पैरों पर खड़ा हो. उन्होंने कहा,’ वे नहीं चाहते कि हमारा देश अपने पैरों पर खड़ा हो. यह युद्ध इराक के हमारे खिलाफ युद्ध से भी ज्यादा बुरा है.’ उन्होंने 1980 के दशक में 8 साल तक चले संघर्ष और सद्दाम हुसैन के नेतृत्व में इराक की ओर से ईरान पर किए गए हमले का जिक्र करते हुए कहा,’अगर कोई इसे अच्छी तरह समझे तो यह युद्ध उस युद्ध से कहीं ज्यादा जटिल और मुश्किल है. इराक के साथ युद्ध में स्थिति साफ थी. उन्होंने मिसाइलें दागीं और हमें पता था कि कहां हमला करना है. यहां वे हमें हर तरफ से घेर रहे हैं. वे हमारे लिए रोजी-रोटी, सांस्कृतिक, राजनीतिक और सुरक्षा के मामले में समस्याएं पैदा कर रहे हैं.’

