Iran US latest news: ईरान को लेकर तस्वीर अचानक बदलती दिख रही है. अमेरिका और ईरान के बीच कल तक युद्ध की तारीख आगे बढ़ती दिख रही थी. लेकिन आज लग रहा है कि युद्ध कभी भी शुरू हो सकता है. युद्ध के इस माहौल के बीच डोवल के दूत की तेहरान पहुंचने की तस्वीरें सारी दुनिया में वायरल हो रही हैं. यानी जिस वक्त दुनिया सोच रही है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध कब शुरू होगा?  रोजाना दी जा रही नई नई धमकियों के बीच क्या युद्ध तय है या फिर समझौते की भी कोई गुंजाइश बची है ? उस वक्त भारत के इस दांव ने सारी दुनिया को चौंका दिया. आखिरकार ईरान के खलीफा को डोवल की जरूरत क्यों पड़ गई. इसे समझने के लिए आज आपको ईरान-अमेरिका की संभावित वॉर से जुड़ी 4 बड़ी खबरों के बारे में जानना चाहिए.

ईरान के नजदीक पहुंचा यूएस का दूसरा सैन्य बेड़ा

आज अमेरिका ने तेहरान की तरफ अपने परमाणु बम सूंघने वाले विमान को रवाना कर दिया है. जिसके बाद ईरान ने परमाणु बम हासिल करने की आशंका जाहिर की जा रही है. बुधवार तक ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के बंकर में छिपे होने की खबर सामने आ रही थी. लेकिन आज उनकी सार्वजनिक तस्वीर सामने आ गई. यानी खामेनेई बंकर से बाहर आ गए हैं.

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इसी के साथ अमेरिका का दूसरा कैरियर स्ट्राइक ग्रुप ईरान के और नजदीक पहुंच गया है. इन सारे अपडेट्स के बीच डोवल के दूत यानी भारत के डिप्टी एनएसए पवन कपूर ने तेहरान में उस शख्सियत के साथ बड़ी मीटिंग की है. जिसे ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई का रणनीतिक दिमाग कहा जाता है.

जिस वक्त मिडिल ईस्ट में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं . उस वक्त ईरान के खलीफा को अजित डोवल की याद क्यों आई? डोवल ने अपने दूत को खामेनेई के बुलावे पर तेहरान भेजा या इस दौरे के पीछे भारत का कोई हित छिपा हुआ है. आज आपको ये भी समझना चाहिए कुछ दिनों पहले यूएन में ईरान के पक्ष में वोटिंग करने वाला भारत अगर इज़रायल का पक्का दोस्त है. तो इस तनाव भरे माहौल में युद्ध छिड़ने से ठीक पहले तेहरान के साथ ये बड़ी मीटिंग क्यों हुई? 

अमेरिका ने रवाना किया Nuke Sniffer प्लेन

इस मुलाकात के जरिए अमेरिका और इज़रायल को भारत ने क्या संदेश दिया है. आज आपके लिए ये जानना भी जरूरी है. कहीं इस हाईप्रोफाइल मुलाकात की वजह पाकिस्तान तो नहीं. इस मुलाकात का मिडिल ईस्ट पर क्या प्रभाव पड़ने वाला है. लेकिन इससे पहले आप उस खबर के बारे में जानिए जिसकी आशंका सच निकली तो मिडिल ईस्ट का युद्ध दुनिया की तबाही की वजह भी बन सकता है.

अमेरिका के ऑफट एयरफोर्स बेस से WC-135R कॉन्स्टेंट फ़ीनिक्स विमान ने उड़ान भरी . इस विमान को Nuke Sniffer यानी परमाणु बम को सूंघने वाला विमान कहा जाता है. ये अमेरिकी विमान यूरोप होते हुए मिडिल ईस्ट की तरफ जा रहा है. जिस ऑफट एयरफोर्स बेस से इस विमान ने उड़ान भरी. वो अमेरिका का सबसे संवेदनशील और रणनीतिक सैन्य अड्डों में एक है. जहां कुछ खास तैयारियां की जाती हैं.

अमेरिका के नेब्रास्का राज्य में स्थित इस एयर बेस में अमेरिकी सामरिक कमान का मुख्यालय है. जो अमेरिका के परमाणु हथियारों को संभालता है. न्यूक्लियर डिटरेंस यानी परमाणु हथियारों के ज़रिए दुश्मन को हमला करने से रोकने की योजना भी यहीं बनती है. अमेरिका पर होने वाले मिसाइल हमले से सुरक्षा और साइबर और स्पेस ऑपरेशन की रूपरेखा भी यहीं पर तैयार की जाती है.

इस अमेरिकी विमान के उड़ान के मायने समझिए

यानी आप कह सकते हैं. जिस एयरबेस से अमेरिका के परमाणु बम सूंघने वाले विमान ने उड़ान भरी. वहीं पर अमेरिका का न्यूक्लियर दिमाग भी बैठता है. अब आप समझिए. इस विमान के उड़ान भरने का ईरान युद्ध के विनाशकारी होने से क्या संबंध है.

अमेरिका का WC-135R कॉन्स्टेंट फ़ीनिक्स विमान जब यहां से उड़ता है, तो आमतौर पर ये कोई सामान्य ट्रेनिंग मिशन नहीं होता. तब वह दुनिया के किसी हिस्से में परमाणु गड़बड़ी का संकेत होता है. फिलहाल ये विमान यूरोप होते हुए मिडिल ईस्ट की तरफ बढ़ रहा है. यानी अमेरिका को पूरा शक है कि मिडिल ईस्ट में कोई परमाणु घटना हो रही है. इस उड़ान को दुनिया भर के डिफेंस एक्सपर्ट सीधे ईरान के परमाणु बम से जोड़कर देख रहे हैं. आज आपको इसकी वजह भी जाननी चाहिए.

 अमेरिका का ये विमान उस वक्त ही अपना एयरबेस छोड़ता है जब अमेरिका को किसी देश पर न्यूक्लियर टेस्ट का शक हो. या फिर युद्ध जैसे हालात में किसी देश ने अमेरिका को न्यूक्लियर हथियारों की धमकी दी हो. मतलब यह विमान पता लगाता है कि कहीं एटमी विस्फोट, न्यूक्लियर टेस्ट या रेडिएशन लीक तो नहीं हुआ. 

क्या ईरान ने बना लिया है परमाणु बम

आपको ये भी समझना चाहिए यह विमान कैसे काम करता है. ये विमान बादलों और ऊंचाई पर उड़ते हुए हवा के सैंपल लेता है. जिसके जरिए विमान पता लगाता है परमाणु बम का टेस्ट हुआ या नहीं हुआ. ये विमान हवा में मौजूद रेडियोएक्टिव कणों को पकड़ता है. अगर हवा में ऐसे कण मिलते हैं तो उन्हें परमाणु गतिविधि का सबूत माना जाता है.  

इस विमान के पास न्यूक्लियर प्लांट से निकले रेडिएशन का पता लगाने की क्षमता है. इसीलिए इसे न्यूक्लियर स्निफर या फिर परमाणु सूंघने वाला विमान कहते हैं.

आज अमेरिका के परमाणु बम सूंघने वाले विमान का मिडिल ईस्ट की तरफ जाना इस आशंका को और ज्यादा मजबूत कर रहा है कि ईरान परमाणु बम हासिल करने वाला दूसरा इस्लामिक देश बन गया है. या अगले कुछ घंटो में वो परमाणु बम हासिल करने वाला है. अमेरिका भी ईरान में संभावित परमाणु घटना को लेकर बेहद सतर्क हो गया है. इसका मतलब अगले कुछ घंटों में ईरान के परमाणु बम से जुड़ा कोई बड़ा ऐलान संभव है. 

शुक्रवार को हो सकता है बड़ा ऐलान

ये ऐलान अमेरिका भी ईरान के आसमान की जांच के बाद कर सकता है . इस बात की संभावना भी जाहिर की जा रही है कि जुमे के दिन खुद ईरान के सर्वोच्च धार्मिक नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई इसका ऐलान कर दें. जिनके अमेरिकी हमले के खतरे के बाद बंकर में छिपने की खबर सामने आ रही थी. लेकिन अब उनकी नई तस्वीर सामने आ गई है.

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अयातुल्लाह अली खामेनेई ने गुरुवार को मस्जिद का दौरा किया. जमकरान मस्जिद ईरान के क़ुम शहर के पास स्थित है. जिसे बेहद पवित्र शिया धार्मिक स्थल कहा जाता है. यह मस्जिद सिर्फ इबादत की जगह नहीं, बल्कि आस्था, राजनीति और बड़े फ़ैसलों के संकेत से भी जुड़ी मानी जाती है. 

खामेनेई ने खास मस्जिद में जाकर की इबादत

खामेनेई अमेरिकी हमले की परवाह किए बगैर अपने बंकर से निकलकर इस मस्जिद तक पहुंचे. ईरान में कहा जाता है कि खामेनेई कोई महत्वपूर्ण फैसला लेने से पहले इस मस्जिद में जाते हैं. मस्जिद के अंदर की जो दो तस्वीरें सामने आई हैं उसमें एक तस्वीर में वो खड़े हुए हैं. जबकि दूसरी तस्वीर में खामेनेई बैठकर कुछ पढ़ रहे हैं.

ईरान में कहा जा रहा है कि खामेनेई बड़े फैसले से पहले इबादत कर रहे हैं. इस तस्वीर के सामने आने के बाद कल के जुमे को ईरान में बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. कल ये भी पता चल जाएगा अमेरिका के परमाणु बम को सूंघने वाले  विमान के उड़ने और खामेनेई के इस मस्जिद पहुंचने का क्या कनेक्शन है.