Ayatollah Ali Khamenei: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को हाल ही में रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के साथ एक मेक ईरान ग्रेट अगेन हैट पर हस्ताक्षर करते हुए देखा गया. यह घटना तब हुई जब ईरान में सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन जारी थे जो आर्थिक और राजनीतिक भ्रष्टाचार के विरोध में हो रहे थे.

बता दें, ग्राहम ने सोशल मीडिया साइट X पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें वह ट्रम्प के बगल में खड़े हैं और दोनों थम्स अप करते हुए दिखाई दे रहे हैं. ग्राहम के हाथ में वह साइन की हुई टोपी थी. तस्वीर के साथ ग्राहम ने लिखा कि हमारे राष्ट्रपति के साथ एक और शानदार दिन जिन्होंने अमेरिका को देश में और विदेश में पहले से कहीं ज्यादा मजबूत किया है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भगवान हमारे कमांडर इन चीफ और उनके अधीन सेवा करने वाले सभी बहादुर पुरुषों और महिलाओं को आशीर्वाद दें. ग्राहम ने यह भी कहा कि मुझे एक अमेरिकी होने पर गर्व है. भगवान ईरान के बहादुर लोगों को आशीर्वाद दें और उनकी रक्षा करें जो अत्याचार के खिलाफ खड़े हो रहे हैं.

ईरान कर रहा आर्थिक संकट का सामना 

Add Zee News as a Preferred Source

बता दें, ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन 28 दिसंबर को आर्थिक तंगी के खिलाफ शुरू हुए थे और अब ये पूरे देश के 31 में से 26 प्रांतों में फैल चुके हैं. ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की है क्योंकि देश गहरे आर्थिक संकट का सामना कर रहा है. ईरान में महंगाई दर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और जरूरी सामानों जैसे मांस और चावल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. अब तक 20 से अधिक लोग मारे गए हैं और 990 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ईरानी सरकार को प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने को लेकर चेतावनी दी है. ट्रम्प ने कहा है कि हम इस पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं. अगर वे पहले की तरह लोगों को मारना शुरू करते हैं तो मुझे लगता है कि अमेरिका उन्हें बहुत बुरी तरह से सबक सिखाएगा.

ईरानी अधिकारियों ने इस बारे में कहा है कि वे विरोध प्रदर्शनों का शांतिपूर्वक समाधान करने का प्रयास करेंगे और नागरिकों की वैध शिकायतों को सुनेगें. हालांकि, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों को दंगाई करार दिया है. विरोध प्रदर्शनों के दौरान तेहरान, यासुज, सारी, इलम, अराक, हमदान, अमोल, लाहिजान, केरमानशाह, मालेकशाह, सेमनान और नूराबाद जैसे शहरों में भारी विरोध देखा गया. 

ये भी पढ़ें: आखिर क्या है खामेनेई का ‘Plan-B’? सच में ईरान छोड़ना चाहते है सुप्रीम लीडर! जानें क्या है पूरा माजरा

प्रदर्शनकारियों ने आजादी, आजादी, आजादी और तानाशाह की मौत हो जैसे नारे लगाए. कुछ स्थानों पर सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की है जिसमें मालेकशाह में एक सरकारी परिसर के बाहर हुई गोलीबारी में कम से कम चार प्रदर्शनकारी मारे गए. यह विरोध प्रदर्शन 2022 में महसा अमिनी की हिरासत में मौत के बाद हुए बड़े विरोध प्रदर्शनों के बाद ईरान में सबसे व्यापक हो गए हैं. तब 550 से अधिक लोग मारे गए थे और 20000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया था.