British PM Keir Starmer: अमेरिका से निकली एप्सटीन फाइल की आग ब्रिटेन तक पहुंच गई है. इसके कारण ब्रिटिश पीएम स्टार्मर की कुर्सी खतरे में आ गई है. मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाने लगा कि वह इस्तीफा दे सकते हैं. हालांकि,उनके आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर अपने काम पर ध्यान दे रहे हैं और इस्तीफा नहीं देंगे. हाल में ही एपस्टीन स्कैंडल में अपने करीबी का नाम आने के बाद स्टार्मर विपक्ष के निशाने पर हैं.

स्टार्मर के प्रवक्ता ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि पीएम पूरे देश में बदलाव लाने के काम में लगे हुए हैं. यह बात प्रधानमंत्री के कम्युनिकेशन चीफ और चीफ ऑफ स्टाफ के इस्तीफा देने के कुछ घंटे बाद कही गई. 18 महीने पहले ब्रिटिश में लेबर पार्टी ने जीत हासिल की थी. इसके बाद स्टार्मर देश के पीएम बने थे. 

क्यों ब्रिटेन में क्यों गहराया सियासी संकट? 

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स्टार्मर इस समय इस्तीफे के दबाव का सामना कर रहे हैं. बताया जाता है कि  उन्होंने पीटर मैंडेलसन को यूएस राजदूत नियुक्त किया था. बावजूद इसके उन्हें पता था कि 2008 में यूएस यौन अपराधी को दोषी ठहराए जाने के बाद भी मैंडेलसन के एपस्टीन से संबंध थे. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, प्रवक्ता ने आगे कहा कि सुबह स्टाफ को संबोधित करने के बाद स्टार्मर खुश और आत्मविश्वासी लग रहे हैं. इस दौरान उनके प्रवक्ता ने इस बात से भी इनकार किया कि पीएम सप्ताहांत में अपना पद छोड़ने पर विचार कर रहे थे. उन्होंने कहा कि आज सुबह स्टाफ के सामने जो प्रधानमंत्री दिखे, वे ऐसे नहीं थे.

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‘देश के लिए काम कर रहे स्टार्मर’

कीर स्टार्मर के प्रवक्ता ने बताया कि वह पूरे देश में बदलाव लाने के काम में लगे हुए हैं. यह बहुत साफ है कि वह अपने हाथ में लिए गए काम को पूरा करने के लिए दृढ़ हैं. वहीं, प्रवक्ता ने कहा कि स्टार्मर को यह भी भरोसा है कि उन्हें कैबिनेट का सर्वसम्मत समर्थन प्राप्त है.

क्या है पूरा मामला? 

उल्लेखनीय है कि रविवार को ही ब्रिटिश पीएम के सबसे करीबी सलाहकार और चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया. साल 2024 में मैकस्वीनी ने कीर स्टार्मर की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने अपने त्यागपत्र में कहा था कि मैंडेलसन की नियुक्ति ‘गलत’ थी और इससे पार्टी, देश और राजनीति को गहरा नुकसान पहुंचा है. उन्होंने अपनी सलाह की पूरी जिम्मेदारी ली और इस्तीफा दे दिया. (इनपुट-आईएएनएस)

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