इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही एशेज सीरीज को इंग्लैंड बुरी तरह से गंवा चुकी है. साल 2011 से ऑस्ट्रेलियाई धरती पर एक जीत की तलाश में इंग्लैंड ने एड़ी-चोटी का जोर लगाया फिर भी वह 1 मैच भी जीतने में सामर्थ्य नहीं रहे. इसी बीच एक और मामले ने आग पकड़ ली है. दरअसल, आरोप है इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने दूसरा टेस्ट हारने के बाद क्वींसलैंड के नूसा शहर में चार रात रुकने के लिए गई थी और उस दौरान खिलाड़ियों ने जमकर शराब पिया. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ट्रिप के आयोजक ब्रैंडन मैकुलम ने खिलाड़ियों के शराब पीने को रिफ्रेशमेंट कहा. वहीं, टीम के मैनेजिंग डायरेक्टर रॉब की इस पार्टी में शामिल नहीं हुए थे. तीसरे टेस्ट में हार के बाद कुछ लोग इसे बैचलर्स पार्टी के साथ जोड़ रहे हैं. बहरहाल, आज हम आपको बताएंगे कि क्या मैच खत्म होने के बाद खिलाड़ियों को शराब पीने की इजाजत है या नहीं.
क्या हैं ICC के नियम
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ने अपने कोड ऑफ कंडक्ट में साफ लिखा है प्रोफेशनल खिलाड़ियों को मैच के दौरान या मैच से मिले ब्रेक दौरान शराब पीना पूरी तरह से बैन है. क्रिकेट को जेंटलमेन गेम की श्रेणी में रखा गया है. शराब या किसी भी नशीले पदार्थ पर नियंत्रण लगाने का सीधा मतलब है खेल गी गुणवत्ता और फैंस में भरोसा बनाए रखना. ICC के नियमों की मानें तो खिलाड़ियों सीरीज के दौरान अभ्यास के समय या फिर किसी भी परिस्थिति में शराब और कोई भी नशीले पदार्थ का सेवन करने की मनाही है.
नियम तोड़ने का परिणाम
इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल के कोड ऑफ कंडक्ट की माने तो नियम का उल्लंघन करने वाले खिलाड़ियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा सकती है. इसके कई सारे परिणाम हो सकते हैं मैच से बाहर बैठना, लंबे समय के लिए प्रतिबंध या फिर जुर्माना आदि. यही नहीं नेशनल बोर्ड भी खिलाड़ियों को जिम्मेदार ठहराने के लिए स्वतंत्र है.
इंग्लैंड पर आरोप
हाल ही में एशेज सीरीज के बीच में ही ब्रेक पर गई इंग्लैंड की टीम पर शराब पीने का आरोप है. मैनेजमेंट मामले की जांच में लग गई है. साथ ही ICC भी मामले में टीम मैनेजमेंट को जांच करने की सख्त हिदायात दीहै.
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