
Silicon Valley Techies Stole Data: सिलिकॉन वैली के 3 इंजीनियरों पर गूगल समेत कई लीडिंग टेक्नोलॉजी कंपनियों के ट्रेड सीक्रेट चुराने की साजिश का आरोप लगा है. आरोपियों ने सेंसिटिव डाटा को ईरान समेत अनऑथराइज्ड जगहों पर ट्रांसफर किया, जिसके चलते उनके खिलाफ मुकदमा चलाया गया है. घटना को लेकर नॉर्थ कैलिफॉर्निया के US अटॉर्नी ऑफिस का कहना है कि सैन जोस की रहने वाली 41 साल की समनेह गंडाली, 40 साल के मोहम्मद जावद खोसरावी और 32 साल की सोरूर गंडाली को गिरफ्तार किया गया. आरोपियों की सैन जोस में फेडरेल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेशी हुई.
चुराए सीक्रेट डाटा
आरोपियों पर चलाए गए मुकदमे के मुताबिक तीनों ने कथित तौर पर सिलिकॉन वैली के मुख्य कर्मचारियों से मोबाइल प्रोसेसर सिक्योरिटी, क्रिप्टोग्राफी और बाकी एडवासं टेक्नोलॉजी से संबंधित सीक्रेट जानकारी प्राप्त करने और उसे बाहर निकालने की साजिश रची थी. समानेह और सोरूर गंडाली बहनें हैं. इससे पहले दोनों गूगल में काम करती थीं और बाद में एक अन्य टेक्नोलॉजी फर्म में शामिल हो गईं, जिसे कोर्ट डॉक्यूमेंट्स में कंपनी 3 बताया गया है. खोसरावी समानेह गंडाली के पति हैं और एक अलग कंपनी में काम करते थे, जिसे कंपनी 2 बताया गया है.
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ट्रांसफर की फाइलें
आरोपियों के खिलाफ अपनी नौकरी का गलत इस्तेमाल कर हाई कॉन्फिडेंशियल जानकारी प्राप्त करने और फिर ट्रेड सीक्रेट को अवैध थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म्स, पर्सनल डिवाइसेज, एक-दूसरे के डिवाइसेज और कुछ ईरान भेजने का आरोप लगा है. अभियोग पत्र में दावा किया गया है कि गूगल में काम करते हुए समनेह गंडाली ने ट्रेड सीक्रेट समेत सैकड़ों फाइलें एक थर्ड पार्टी कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म को ट्रांसफर किए. सोरूर गंडाली पर भी कई गूगल फाइलों को उनकी ओर से बनाए गए कुछ चैनलों पर ट्रांसफर करने का आरोप है.
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आरोपियों को क्या सजा होगी?
प्रॉसिक्यूटर्स के मुताबिक इन सभी मटीयिरल्स को बाद में पर्सनल डिवाइसेज पर कॉपी किया गया और खोसरावी की कंपनी 2 के वर्क डिवाइस और सोरूर गंडाली की कंपनी 3 के वर्क डिवाइस पर भेजा गया. अधिकारियों का आरोप है कि आरोपियों ने पकड़े जाने से बचने के लिए जानबूझकर कुछ कदम उठाए. इनमें सीक्रेट जानकारी के ट्रांसफर से इनकार करते हुए साइन किए गए एफिडेविट पेश करना, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड नष्ट करना और कंप्यूटर स्क्रीन पर डिस्प्ले किया गया सेंसिटिव डाटा की पूरी फाइलों को इलेक्ट्रॉनिक रूप से ट्रांसफर करने के बदले मैनुअल रूप से तस्वीरें लेना शामिल था. बता दें कि अगर आरोपी दोषी पाए जाते हैं तो उन्हें 10 साल की जेल और 250,000 डॉलर का जुर्माना हो सकता है. इसके अलावा उन्हें ऑफीशियल प्रोसीडिंग्स में बाधा डालने के आरोप में लगभग 20 साल की कैद और 250,000 डॉलर का जुर्माना हो सकता है.

