
US-Greenland Dispute: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ग्रीनलैंड को खरीदने की धमकियों और 10% टैरिफ लगाने की चेतावनी देने के बाद यूरोपीय संसद की अध्यक्ष रोबर्टा मेट्सोला ने एक सख्त प्रतिक्रिया दी है. मेट्सोला ने स्पष्ट रूप से कहा कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है और इसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए. यूरोपीय संघ ने ट्रम्प के इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए न केवल ग्रीनलैंड बल्कि डेनमार्क के अधिकारों की भी रक्षा की.
मेट्सोला ने ट्रंप पर साधा निशाना
मेट्सोला ने ट्विटर पर अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यूरोपय संघ डेनमार्क और ग्रीनलैंड के लोगों का समर्थन करता है. हम एकजुट हैं और दृढ़ संकल्प के साथ खड़े हैं. नाटो सहयोगियों के खिलाफ घोषित उपाय आर्कटिक में सुरक्षा सुनिश्चित करने में मददगार नहीं होंगे. बल्कि, वे विपरीत स्थिति पैदा कर सकते हैं और हमारे साझा दुश्मनों को बढ़ावा दे सकते हैं, जो हमारे साझा मूल्यों और जीवनशैली को नष्ट करना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ग्रीनलैंड और डेनमार्क दोनों ने यह साफ कर दिया है कि ग्रीनलैंड बिक्री के लिए नहीं है और इसके संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए. मेट्सोला ने जोर देकर कहा कि टैरिफ की कोई भी धमकी इस तथ्य को बदल नहीं सकती.
बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 16 जनवरी को घोषणा की थी कि ग्रीनलैंड को लेकर डेनमार्क और अन्य यूरोपीय देशों से आने वाले सामानों पर 10% टैरिफ 1 फरवरी से लागू होगा, जो बाद में बढ़कर 25% हो सकता है. ट्रम्प का दावा था कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी था क्योंकि ग्रीनलैंड में चीन और रूस के हित बढ़ते जा रहे हैं. उन्होंने यह भी चेतवनी दी कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ तो 1 फरवरी 2026 से टैरिफ 10% और 1 जून 2026 से 25% तक बढ़ा दिए जाएंगे.
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ट्रम्प के बयान ने यूरोपीय देशों में विरोध की लहर पैदा कर दी. उन्होंने कहा था कि डेनमार्क के लिए अब समय आ गया है कि वह अमेरिकी समर्थन के बदले कुछ वापस दें. ट्रम्प का कहना था कि ग्रीनलैंड के मामले में किसी तरह का समझौता न होने पर इन देशों से व्यापार पर शुल्क लगाया जाएगा. इस धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए यूरोपीय संघ और फ्रांस ने भी अपनी चिंता व्यक्त की. यूरोपीय संघ ने जुलाई 2025 में अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच घोषित व्यापार समझौते की पुष्टि प्रक्रिया को रोकने का आह्वान किया. यूरोपीय पीपल्स पार्टी के उपाध्यक्ष सिगफ्रीड मुरेसन ने कहा कि हमें पहले जुलाई में होने वाले यूरोपीय संघ-अमेरिका व्यापार समझौते की पुष्टि करनी थी, लेकिन अब इस नई स्थिति को देखते हुए, इस पुष्टि को थोड़े समय के लिए और टाला जाएगा.
इमैनुल मैक्रॉन ने भी ट्रंप की धमकी पर दी प्रतिक्रिया
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुल मैक्रॉन ने ग्रीनलैंड के मामले में ट्रम्प की धमकियों को अस्वीकार्य बताया और कहा कि उनका देश ग्रीनलैंड और डेनमार्क की संप्रभुता को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. मैक्रॉन ने कहा कि हम किसी भी धमकी या दबाव से विचलित नहीं होंगे और इस मुद्दे पर यूरोपीय संघ के सदस्य देशों के साथ एकजुट होकर जवाब देंगे.
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बता दें, ग्रीनलैंड जो डेनमार्क का एक स्वायत्त क्षेत्र है ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि वह बिक्री के लिए नहीं है. ग्रीनलैंड के अधिकारी और डेनमार्क ने इस मुद्दे पर खुलकर अपना विरोध जताया है. ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री मोल्ड बक ने कहा था कि हम ग्रीनलैंड को बेचने का कोई इरादा नहीं रखते. हमारी पूरी दुनिया में अपनी जगह है और हम अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करेंगे.
