Colombia News: अवशेष हमें अतीत की याद दिलाते हैं, ऐतिहासिक लड़ाईयों के, ऐतिहासिक ग्रंथों के कई ऐसे अवशेष इतिहासकारों को मिलते आए हैं जिससे सालों साल पहले हुई घटनाओं के बारे में जानकारी मिलती है. कोलंबिया में भी कुछ ऐसा ही हुआ है, करीब छह दशक पहले एक जाने-माने पादरी गुरिल्ला ग्रुप में शामिल हो गए थे, लड़ाई के दौरान उनका निधन हो गया था. उनकी मौत के 6 दशक बाद अब उनकी पहचान हुई है. जानिए नेक काम छोड़कर पादरी ने कैसे विद्रोहियों का हाथ थामा था.

अब बरामद हुई हड्डियां
साल 1966 में कोलंबिया की सेना के साथ गोलीबारी में मारे गए एक कैथोलिक पादरी थे. जिनकी अब हड्डियां बरामद हुई है. ये हड्डियां बुकारामंगा शहर के एक कब्रिस्तान में मिलीं हैं. इसकी खोजबीन करने वाली यूनिट के डायरेक्टर लूज जेनेथ फोरेरो ने कहा है कि 60 साल तक गायब रहने के बाद कैमिलो को ढूंढना एक मील का पत्थर है, इससे हमें पता चलता है कि जिन लोगों के रिश्तेदार लंबे समय से लापता हैं, उन्हें उम्मीद नहीं छोड़नी चाहिए, क्योंकि हमारे पास उनके सवालों का जवाब देने के लिए टेक्निकल और इन्वेस्टिगेटिव क्षमताएं हैं.

कब हुआ था टोरेस का जन्म?
टोरेस का जन्म 1929 में बोगोटा के एक अमीर परिवार में हुआ था और उन्हें 1950 के दशक में पादरी बनाया गया था. उन्होंने बोगोटा की नेशनल यूनिवर्सिटी में सोशियोलॉजी की फैकल्टी बनाने में मदद की. इसके बाद कोलंबिया की पारंपरिक पॉलिटिकल पार्टियों को पावर में रखने वाले एक समझौते के बड़े आलोचक बन गए. उन्होंने उन सिद्धांतों का भी समर्थन किया जो कैथोलिक चर्च से गरीबों पर अत्याचार करने वाले सामाजिक और आर्थिक स्ट्रक्चर को बदलने में मदद करने के लिए कहते थे. 1965 के आखिर में अधिकारियों से धमकियों का सामना करने और कोलंबिया के पॉलिटिकल सिस्टम से निराश होने के बाद टोरेस नेशनल लिबरेशन आर्मी नाम के विद्रोही ग्रुप में में शामिल हो गए. 

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संघर्ष के दौरान मारे गए थे हजारों लोग
टोरेस विद्रोही रैंक में कुछ ही महीने रहे और पहली लड़ाई के दौरान ही मारे गए, इसके बाद कोलंबिया की सरकार ने उनकी बॉडी की जगह को सीक्रेट रखा, उनके शरीर के साथ कुछ ऐसा किया गया कि उनकी पहचान कर पाना मुश्किल हो गया.  कोलंबिया सरकार और देश के सबसे बड़े विद्रोही समूह एफएआरसी के बीच शांति समझौते के बाद 2017 में एक सत्य आयोग बनाया गया. जिसके अनुसार  संघर्ष में 450,000 से अधिक लोग मारे गए थे और कम से कम 120,000 लोग लापता बताए गए थे. जानकारी के मुताबिक टोरेस के अवशेषों को बोगोटा के राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के एक चैपल में रखा जाएगा. पुजारी के शरीर की खोज 2019 में तेज हो गई जब एक अन्य पुजारी जेवियर गिराल्डो ने टोरेस के अवशेषों को खोजने के लिए लापता लोगों की खोज इकाई से याचिका दायर की. जिसके बाद अब उनकी खोजबीन हो पाई है.