रेल मंत्रालय
जम्मू पहली बार पैसेंजर ट्रेन के माध्यम से सीधे कश्मीर से जुड़ा
जम्मू इंटरचेंज के माध्यम से अब पूरे भारत से सीधे जुड़ी कश्मीर घाटी
कश्मीर के लिए सीधी रेल कनेक्टिविटी से हर मौसम में यहां तक पहुँच सुगम होगी, जिससे यात्रा अनुभव और भी सुखद होगा
जम्मू तवी-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस से क्षेत्र में निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी, इससे क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले वर्ष जून में उद्घाटन के बाद से, वंदे भारत की बढ़ती लोकप्रियता के कारण कोचों की संख्या 8 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है: रेल मंत्री, श्री अश्विनी वैष्णव
कश्मीर घाटी से देश के कोने-कोने तक 2 करोड़ किलो सेब पहुँचा: रेल मंत्री
बाहर से सीमेंट की सप्लाई शुरू होने से कश्मीर घाटी में सीमेंट की कीमतों में प्रति बैग ₹50 की कमी आई है
क्षेत्र में अनाज, खाद, नमक और दूध की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है, जिससे आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन और अधिक मजबूत हुई है
कश्मीर घाटी में रेलवे द्वारा लाइन क्षमता का विस्तार किया जा रहा है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को नई गति मिलेगी
अंबाला-जम्मू रेल मार्ग पर मल्टीट्रैकिंग का काम जारी है, वहीं क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाने के लिए पुंछ और राजौरी तक नई रेल लाइन बिछाने की योजना है
रेल मंत्री ने यूएसबीआरएल परियोजना के अंजी खड्ड और चिनाब पुलों का निरीक्षण किया
प्रविष्टि तिथि: 30 APR 2026 6:50PM by PIB Delhi
दशकों से जम्मू में ट्रेन पर सवार होकर सीधे श्रीनगर पहुँचने की कल्पना वास्तविकता से दूर केवल एक सपना ही थी। लेकिन आज वह सपना इतिहास बन गया है। केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने श्रीनगर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा के जम्मू तवी रेलवे स्टेशन तक विस्तार को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे इतिहास में पहली बार जम्मू और कश्मीर सीधे ट्रेन सेवा से जुड़ गए हैं। अब एक सीधा और निर्बाध रेल कॉरिडोर इस क्षेत्र के दो सबसे प्रमुख केंद्रों को आपस में जोड़ता है, जो न केवल यात्रा को तेज बनाएगा बल्कि इस सुंदर क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन और जन-संपर्क की तस्वीर भी बदल देगा।
Seamless connectivity strengthening Jammu & Kashmir’s growth journey! 🇮🇳
Flagged off the newly extended 20-coach Vande Bharat Express from Jammu to Srinagar, along with Chief Minister of J&K @OmarAbdullah Ji and Union Minister @DrJitendraSingh Ji. pic.twitter.com/bnTRaDwlaY
— Ashwini Vaishnaw (@AshwiniVaishnaw) April 30, 2026
जम्मू तवी: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी का मुख्य केंद्र बनकर उभरा
जम्मू तवी उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक है, जो इस केंद्र शासित प्रदेश को देश के शेष हिस्सों से जोड़ने वाले एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है। कन्याकुमारी, हावड़ा, मुंबई और अन्य बड़े शहरों जैसे प्रमुख गंतव्यों के लिए व्यापक रेल संपर्कों के साथ, यह स्टेशन विभिन्न क्षेत्रों के बीच निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, श्री वैष्णव ने इस कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा कि जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ एक बड़ी उपलब्धि को हासिल कर लिया गया है।

अब ट्रेन के जम्मू तवी तक पहुँचने से, देश भर के यात्रियों के लिए श्री माता वैष्णो देवी और श्री अमरनाथ जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों की यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुगम हो जाएगी।
उच्च मांग एवं सुगम यात्रा अनुभव की ओर बढ़ते कदम
रेल मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वंदे भारत सेवा की शुरुआत के बाद से ही इसमें यात्रियों की फुल ऑक्युपेंसी देखी गई है, जो यात्रियों के बीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ पूरे देश के लिए एक लाइफलाइन के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने आगे कहा कि आज जम्मू और श्रीनगर के बीच 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा शुरू की गई है, जो इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्री क्षमता में एक बड़ी वृद्धि का प्रतीक है।
Extended. Expanded. Elevated 🚄✨
The Srinagar – Shri Mata Vaishno Devi Katra #VandeBharatExpress is now extended to Jammu Tawi, with capacity augmented from 8 to 20 coaches. pic.twitter.com/tW4bbbNynS— Ministry of Railways (@RailMinIndia) April 30, 2026
केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि यह विकास माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले वर्ष 6 जून को जम्मू-श्रीनगर रेल लिंक के उद्घाटन के एक वर्ष से भी कम समय के भीतर हुआ है, जिसने इस क्षेत्र में निर्बाध रेल संपर्क की आधारशिला रखी थी। विस्तारित वंदे भारत सेवा की शुरुआत इस ऐतिहासिक कॉरिडोर को और अधिक मजबूती प्रदान करती है, जो यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने, यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने और जम्मू एवं श्रीनगर के बीच हर ऑल-वेदर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने का कार्य करती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस ट्रेन को विशेष रूप से इस क्षेत्र की दुर्गम परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम, जिसमें शून्य से नीचे का तापमान भी शामिल है, के अनुकूल डिजाइन किया गया है। इसमें ऐसी विशेष प्रणालियाँ लगाई गई हैं जो अत्यधिक ठंड में भी ऑनबोर्ड उपकरणों की निर्बाध कार्यक्षमता सुनिश्चित करती हैं।
आज 20 कोच की #VandeBharat सर्विस जम्मू से श्रीनगर तक शुरू हुई है। एक साल पहले माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी ने जम्मू–श्रीनगर रेल लिंक का उद्घाटन किया था: माननीय रेल मंत्री @AshwiniVaishnaw जी pic.twitter.com/IjyzfjQKqK
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) April 30, 2026
श्री वैष्णव ने आगे रेखांकित किया कि इस ट्रेन में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई-एंड सेमीकंडक्टर-आधारित सिस्टम लगे हैं, जो इसे परिवहन का एक अत्यंत आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत साधन बनाता है। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रा के दौरान यात्रियों को क्षेत्रीय संस्कृति से जोड़ने के प्रयास किए गए हैं, जिसके तहत ट्रेन में डोगरी व्यंजन की शुरुआत की गई है। श्री वैष्णव ने कहा कि इस मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को जम्मू-कश्मीर की संस्कृति, वहाँ के सुंदर परिदृश्यों, भाषा, संगीत और खान-पान की परंपराओं का अनुभव मिलेगा, जो इस यात्रा को और भी यादगार और जीवंत बना देगा।
जम्मू और कश्मीर: धरती पर स्वर्ग
जम्मू और कश्मीर, जिसे अक्सर ‘धरती का स्वर्ग’ कहा जाता है, अपनी लुभावनी प्राकृतिक सुंदरता, बर्फ से ढकी पहाड़ियों, हरी-भरी घाटियों और शांत झीलों के लिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र अपने मिलनसार और जीवंत समुदायों का घर है, जिनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत इसकी विशिष्ट पहचान को और बढ़ाती है। बेहतर रेल संपर्क से पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जिससे देश भर के अधिक लोग इस क्षेत्र के प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक जीवंतता का अनुभव कर सकेंगे।
श्री वैष्णव ने कहा कि बेहतर रेल इंफ्रास्ट्रक्चर स्थानीय उत्पादों के सुगम परिवहन को सक्षम बनाकर आर्थिक विकास को भी गति दे रहा है। जम्मू-कश्मीर अपने प्रीमियम ड्राई फ्रूट्स, उत्कृष्ट पश्मीना शॉल, सेब और पारंपरिक हाथ से बुने हुए कालीनों के लिए जाना जाता है, जिनकी पूरे भारत में भारी मांग है। बेहतर रेल संपर्क के साथ, देश भर के बाजारों में इन सामानों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक तेज और कुशल हो रही है, जिससे स्थानीय आजीविका को सहारा मिल रहा है और व्यापार के नए अवसरों का विस्तार हो रहा है।
व्यापारिक और सांस्कृतिक जुड़ाव को नई गति
श्री वैष्णव ने कहा कि इतनी अधिक ऊंचाई पर रेल परिचालन का भारत का यह पहला अनुभव है और इससे प्राप्त अनुभव भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि रेलवे लाइन ने इस क्षेत्र में कार्गो की आवाजाही में काफी सुधार किया है, जिससे परिवहन लागत में कमी आई है और उर्वरक तथा दूध जैसे डेयरी उत्पादों जैसी आवश्यक वस्तुओं के लिए सुगम लॉजिस्टिक्स सुनिश्चित हुई है। चेरी सहित अन्य कृषि उत्पादों को भी पार्सल सेवाओं के माध्यम से भेजा जा रहा है, जिससे स्थानीय किसानों के लिए बाजार तक पहुंच आसान हुई है।
उन्होंने आगे इस बात पर गौर किया कि रेल नेटवर्क ने लॉजिस्टिक्स को सरल बनाया है और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है। भविष्य की ओर देखते हुए, अब हिमालयी क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों में सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए रखरखाव प्रणालियों को मजबूत करने और पुलों एवं सुरंगों के लिए उन्नत तकनीकों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
कश्मीर घाटी: रेल कार्गो समन्वय और आर्थिक संबंधों का सुदृढ़ीकरण
उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) के पूर्ण होने से कश्मीर घाटी अब भारतीय रेल नेटवर्क के शेष हिस्सों के साथ निर्बाध रूप से जुड़ गई है। इसने न केवल यात्रियों को लाभान्वित किया है, बल्कि क्षेत्र की व्यावसायिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति दी है। दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल ‘चिनाब रेल ब्रिज’ और ‘अंजी खड्ढ ब्रिज’ जैसे इंजीनियरिंग के कीर्तिमानों के शुरू होने से इस क्षेत्र में हर मौसम में निरंतर रेल कनेक्टिविटी संभव हो पाई है। इस परिवर्तनकारी इंफ़्रास्ट्रक्चर ने नियमित माल ढुलाई का मार्ग प्रशस्त किया है, जिससे आवागमन समय में काफी कमी आई है, विश्वसनीयता बढ़ी है और घाटी को राष्ट्रीय सप्लाई चेन के साथ और अधिक मजबूती से जोड़ा जा सका है।
रेल मंत्री ने जम्मू से जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार होकर कटरा तक की यात्रा की। ट्रेन में मीडियाकर्मियों से बात करते हुए उन्होंने रेखांकित किया कि अब तक रेल नेटवर्क के माध्यम से श्रीनगर से देश के शेष हिस्सों में लगभग 2 करोड़ किलोग्राम सेब का परिवहन किया जा चुका है।
श्री वैष्णव ने बाद में अंजी खड्ढ पुल और चिनाब रेल ब्रिज का निरीक्षण किया।
इस रेल लाइन (उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला) के बनने से कार्गो में बहुत बड़ा बदलाव आया है। सबसे बड़ी बात यह है कि श्रीनगर से अब तक करीब 2 करोड़ किलो सेब ट्रेन से ट्रांसपोर्ट किए जा चुके हैं : माननीय रेल मंत्री @AshwiniVaishnaw जी pic.twitter.com/maTeCtHo1R
— Ministry of Railways (@RailMinIndia) April 30, 2026
श्री वैष्णव ने रेखांकित किया कि जम्मू और कश्मीर में मजबूत रेल कनेक्टिविटी से माल ढुलाई कार्यों में काफी सुधार हुआ है और इससे आवश्यक वस्तुओं की लागत कम करने में मदद मिली है। उन्होंने गौर किया कि बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता ने वस्तुओं को अधिक किफायती बनाने में योगदान दिया है, जिसमें सीमेंट भी शामिल है। अब सीमेंट का परिवहन कम लागत पर किया जा रहा है, जिससे इसकी कीमतों में प्रति बोरी ₹50 तक की कमी आई है। यह इस क्षेत्र में रेल-आधारित सप्लाई चेन में हुए सुधारों के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।
इस महीने की शुरुआत में, पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने जम्मू-कश्मीर के लिए डेयरी उत्पादों से से भरा अपना पहली कार्गो रैक भेजा, जो लंबी दूरी की माल ढुलाई कनेक्टिविटी में एक नए अध्याय की शुरुआत है। इसके साथ ही, ई-कॉमर्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी अमेज़न ने भी घाटी में अपना परिचालन शुरू कर दिया है, जिसके तहत आदर्श नगर और बडगाम के बीच दैनिक कार्गो आवाजाही स्थापित की गई है। इससे 30 घंटे से भी कम समय में दोनों तरफ से लॉजिस्टिक्स की सुविधा सुलभ हो गई है। आपूर्ति श्रृंखला को और मजबूती प्रदान करते हुए, जम्मू मंडल ने अंबाला से अनंतनाग तक वर्मीकम्पोस्ट उर्वरक के पहले वैगन के आगमन को भी सुगम बनाया है।
इससे पूर्व, इस वर्ष जनवरी में 2,768 मीट्रिक टन चावल वाली 42 वैगनों की पहली पूरी रैक अनंतनाग पहुंची थी। पिछले वर्ष दिसंबर में, भारतीय खाद्य निगम की लगभग 1,384 टन खाद्यान्न ले जाने वाली पहली मालगाड़ी अनंतनाग गुड्स टर्मिनल पर पहुंची थी। इसके अतिरिक्त, पिछले वर्ष अक्टूबर में, गुजरात के खाराघोड़ा से 1,350 टन औद्योगिक नमक की पहली रेल खेप अनंतनाग पहुंची, जो इस क्षेत्र में माल ढुलाई (फ्रेट) के निरंतर बढ़ते विस्तार को रेखांकित करती है।
भविष्य की विस्तार योजनाएं और इंफ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण
श्री वैष्णव ने बताया कि जम्मू तवी स्टेशन का पुनर्विकास कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है, जिसमें बढ़ते ट्रैफिक को संभालने के लिए प्लेटफार्मों का विस्तार, अतिरिक्त प्रवेश द्वार और बेहतर यात्री सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने आगे कहा कि मुख्य मार्गों पर रेल लाइनों के दोहरीकरण (लाइन डबलिंग) और क्षमता विस्तार सहित व्यापक बुनियादी ढांचागत पहलें, जम्मू-कश्मीर और देश के शेष हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत करेंगी।
श्री वैष्णव ने कहा कि जालंधर-जम्मू सेक्शन के दोहरीकरण (डबलिंग) का कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि दिल्ली-अंबाला सेक्शन को चार लाइनों में अपग्रेड किया जा रहा है, जिसे हाल ही में कैबिनेट द्वारा मंजूरी दी गई है। उन्होंने आगे बताया कि क्षमता बढ़ाने के लिए काजीगुंड और बारामूला के बीच रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। उन्होंने सूचित किया कि पुंछ-राजौरी रेल लिंक और उरी-बारामूला विस्तार जैसी परियोजनाएं वर्तमान में योजना और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के चरणों में हैं।
काजीगुंड-बारामूला लाइन को डबल करने से कश्मीर घाटी में माल ढुलाई और यात्री क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे भीड़भाड़ कम होगी, यात्रा के समय में बचत होगी और वस्तुओं एवं पर्यटकों की सुगम आवाजाही संभव हो सकेगी। पुंछ-राजौरी रेल लिंक इतिहास में पहली बार, दो ऐसे जिलों को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ेगा जहाँ पहले रेल सुविधाएँ कम थीं। इससे स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और स्वास्थ्य एवं शिक्षा तक पहुंच में सुधार होगा। वहीं, उरी-बारामूला विस्तार रेल पहुंच को सीमा के और करीब ले जाएगा, जिससे दूर-दराज के क्षेत्रों में पर्यटन और व्यापार के नए द्वार खुलेंगे और साथ ही नागरिकों के सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी।
सम्मिलित रूप से, ये परियोजनाएं इस क्षेत्र की सड़क परिवहन पर अत्यधिक निर्भरता को कम करेंगी, जो भूस्खलन, बर्फबारी और कड़ाके की ठंड जैसी मौसमी बाधाओं के कारण अक्सर बाधित रहता है। साथ ही, ये पहलें निवेश को प्रोत्साहित करेंगी, रोजगार के अवसर सृजित करेंगी और पूरे क्षेत्र के विभिन्न समुदायों और वर्गों में सामाजिक एवं आर्थिक समावेश के साथ-साथ नागरिक सशक्तिकरण की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेंगी।
श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस का जम्मू तवी तक विस्तार, इस क्षेत्र को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क के साथ और अधिक मजबूती से जोड़ने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। यह पर्यटन को बढ़ावा देने, व्यापार को सुगम बनाने और समग्र कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में सहायक होगा। जम्मू में सुविधाजनक इंटरचेंज के साथ, अब देशभर के यात्री निर्बाध रूप से कश्मीर घाटी तक पहुँच सकते हैं, क्योंकि जम्मू भारत के सभी प्रमुख केंद्रों के साथ हर दिशा से अच्छी तरह जुड़ा हुआ है। यह प्रगति जन-जन के मध्य संपर्क को सुगम बनाने के साथ-साथ, राष्ट्र की आर्थिक मुख्यधारा के साथ कश्मीर के गहरे जुड़ाव को सुनिश्चित कर रही है।
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