Iran Military Drill: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ईरान ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाले रणनीतिक जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों को सैन्य अभ्यास के दौरान अस्थायी रूप से बंद करने का दावा किया है. ईरानी मीडिया के अनुसार, सुरक्षा और समुद्री चिंताओं के मद्देनजर कई घंटों तक लाइव-फायर एक्सरसाइज की गई. बता दें कि इस जलडमरूमध्य से ही दुनिया के करीब 20% तेल का आयात-निर्यात होता है.

लगभग 33 किलोमीटर चौड़े अपने सबसे संकरे बिंदु वाले इस मार्ग से सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, यूएई और ईरान के तेल-गैस टैंकर गुजरते हैं. अधिकांश आपूर्ति एशियाई बाजारों तक जाती है. अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन के मुताबिक, यहां से गुजरने वाले बड़े हिस्से के लिए कोई व्यवहारिक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं है.

फायर एक्सरसाइज ने बढ़ाई चिंता

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ईरानी मीडिया के अनुसार, इस अभ्यास में लाइव मिसाइल और सतही फायरिंग शामिल थी. नाविकों को पहले ही रेडियो के जरिए चेतावनी दी गई थी. अर्ध-सरकारी एजेंसी ने दावा किया कि तट से दागी गई मिसाइलों ने अपने लक्ष्य को भेदा. हालांकि बंदी की सीमा और असर को लेकर अभी पूरी जानकारी सामने नहीं आई है.

बता दें कि ईरान ने ये कदम ऐसे समय उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. अरब सागर में अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln पहले से तैनात है. वहीं अमेरिका ने USS Gerald R. Ford को भी मध्य-पूर्व की ओर भेजने की घोषणा की है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में किसी भी तरह की असुरक्षित गतिविधि टकराव का खतरा बढ़ा सकती है.

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फिर से बढ़ सकती है तेल की कीमतें  

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच जिनेवा में दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ता का दौर जारी है. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी हमले का जवाब दिया जाएगा. जानकारों का मानना है कि अगर जलडमरूमध्य को लंबे समय तक बंद रखा जाता है तो तेल की कीमतों में तेजी आ सकती है और वैश्विक शिपिंग प्रभावित हो सकती है.