Jeffrey Epstein files: हाल में ही अमेरिका में जेफरी एपस्टीन को लेकर नए खुलासे किए गए हैं और इससे संबंधित कुछ फाइल्स भी जारी की गई है. इन खुलासों ने दुनिया को हिला दिया है. हर रोज कुछ ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जो बेहद चौंकाने वाले हैं. अब इन दस्तावेजों में पता चला है कि इस्लाम के सबसे पवित्र स्थल मक्का स्थित काबा को ढकने वाले कपड़े के टुकड़े साल 2017 में अमेरिका भेजे गए थे. इस कपड़े को किस्वा कहा जाता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, इन कपड़ों की डिलीवरी सीधे दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन तक हुई थी. सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, वायरल ईमेल के रिकॉर्ड बताते हैं कि यह शिपमेंट संयुक्त अरब अमीरात (UAE) से जुड़े कुछ संपर्कों के जरिए भेजी गई थी. 

रिपोर्ट में क्या हुआ खुलासा? 

एपस्टीन फाइल से जुड़ी सामने आई रिपोर्ट में पता चलता है कि ईमेल में एमिराती बिजनेसवुमन अजीजी अल-अहमदी और अब्दुल्ला अल-मारी नाम के व्यक्ति के बीच हुई बात का जिक्र है. इस ईमेल में तीन कपड़ों के टुकड़ों को अमेरिका भेजने की व्यवस्था का जिक्र किया गया है. जानकारी के अनुसार, इन टुकड़ों में एक काबा के अंदर इस्तेमाल हुआ कपड़ा, दूसरा कपड़ा बाहर लगी किस्वा का हिस्सा और तीसरा टुकड़ा उसी सामग्री से बना हुआ, लेकिन प्रयोग में न लिया गया कपड़ा बताया गया है. इतना ही नहीं, हैरान करने वाली बात है कि इस ईमेल में कहा गया कि इस्तेमाल न किए गए कपड़े को आर्टवर्क की श्रेणी में रखा गया है. 

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2017 में सऊदी से भेजा गया काबा का किस्वा 

रिपोर्ट्स में सामने आई ईमेल की जानकारी से पता चलता है कि मार्च 2017 में यह खेप अमेरिका में एपस्टीन के घर पर पहुंची थी. इस खेप के पहुंचने के बाद भी अल-अहमदी एपस्टीन के स्टाफ के बीच संपर्क बना रहा.  वहीं, सितंबर 2017 में जब तूफान इरमा ने एपस्टीन के निजी द्वीप को नुकसान पहुंचाया था, उस वक्त अल-अहमदी ने लगातार उसकी सलामती के बारे में जानकारी भी ली थी. वहीं, एक ईमेल में उसने मजाकिया लहजे में नया टेंट कारपेट भेजने की बात कही थी. 

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कई अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों के संपर्क में था एपस्टीन 

गौरतलब है कि इन फाइल्स में यह स्पष्ट नहीं है कि अल-अहमदी और एपस्टीन की पहचान कैसे की गई या किस आधार पर इतना पवित्र धार्मिक किस्वा उसको भेजा गया. लेकिन, एक अन्य ईमेल में एपस्टीन की सहायक लेस्ली ग्राफ द्वारा टेस्ट किट भेजे जाने का भी जिक्र किया गया है. हालांकि, इससे संबंधित उद्देश्य साफ नहीं है. वहीं, हाल में ही एक एफबीआई मेमो में दावा किया गया है कि एपस्टीन के अमेरिकी और इजरायली खुफिया एजेंसियों से संबंध थे और वह इजरायल के पूर्व पीएम एहुद बराक का करीबी था. इस खुलासों के बाद कई सवाल खड़े होने लगे हैं.

कब बदला जाता है कि किस्वा? 

गौरतलब है कि काबा पर हर साल नया किस्वा चढ़ाए जाने की परंपरा है. वहीं, पुराना किस्वा फेंका नही जाता है. ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें कुरान की आयतें सोने-चांदी के धागों से कढ़ी होती हैं. यही कारण है कि इसका काफी सम्मान किया जाता है. एक रिपोर्ट के अनुसार, किस्वा छोटे-छोटे टुकड़ों में काटा जाता है. सोने चांदी के धागों को अलग किया जाता है. इन टुकड़ों को मुस्लिम देशों के वरिष्ठ व्यक्तियों, इस्लामी संस्थाओं, म्यूजियमों को गिफ्ट के रूप में दिया जाता है. 

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