US launches project vault: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक नया कदम उठाते हुए यूएस स्ट्रैटेजिक क्रिटिकल मिनरल्स रिजर्व की घोषणा की है. इसे पहले कभी नहीं बनाया गया ऐसा नागरिक भंडार बताया गया है, जो अमेरिकी उद्योग को किसी भी आपूर्ति संकट से बचाएगा. ट्रंप ने इसे प्रोजेक्ट वॉल्ट का हिस्सा बताया और कहा कि इसका उद्देश्य अमेरिकी व्यवसायों और मजदूरों को किसी भी कमी से नुकसान होने से रोकना है.

इस भंडार की शुरुआत के लिए एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट बैंक की 10 बिलियन डॉलर और निजी क्षेत्र से 2 बिलियन डॉलर की वित्तीय मदद शामिल होगी. ट्रंप ने कहा कि इस योजना से अमेरिकी करदाता को भी लाभ होने की उम्मीद है, क्योंकि लोन पर मिलने वाला ब्याज आमदनी पैदा करेगा. उन्होंने इसे अमेरिका के रणनीतिक भंडार प्रणाली का विस्तार बताया और कहा कि जैसे पहले पेट्रोलियम रिजर्व और राष्ट्रीय रक्षा के लिए खनिज भंडार है, अब उद्योग के लिए भी यह भंडार बनाया गया है.

इंटीरियर सेक्रेटरी डग बर्गम ने कहा कि ट्रंप ने खनन अनुमोदन और अंतरराष्ट्रीय समझौतों को तेजी से बढ़ावा दिया है. उन्होंने बताया कि इस सप्ताह 11 और देश इस ग्लोबल कोएलिशन में शामिल होंगे और 20 देश और भी जुड़ना चाहते हैं. जनरल मोटर्स की सीईओ मैरी बारा ने कहा कि मजबूत आपूर्ति श्रृंखला अमेरिकी अर्थव्यवस्था और ऑटो उद्योग के लिए जरूरी है और उन्होंने 2026 के लिए उत्साह व्यक्त किया है.

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ट्रेज़री सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने प्रोजेक्ट को राष्ट्रीय रणनीति से जोड़ते हुए कहा कि आर्थिक सुरक्षा ही राष्ट्रीय सुरक्षा है. उनका कहना था कि अगर हमारे पास क्रिटिकल मिनरल्स पर नियंत्रण नहीं होगा, तो देश की संप्रभुता अधूरी है. क्रिटिकल मिनरल्स ऊर्जा, इलेक्ट्रॉनिक्स, और रक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में उपयोग होते हैं और अमेरिकी नीति निर्माताओं के लिए यह चिंता का विषय बन गए हैं.

यह कदम अमेरिका की उस योजना का हिस्सा है, जिसमें देश विदेशी सप्लाई चेन, खासकर चीन पर निर्भरता कम करना चाहता है. प्रोजेक्ट वॉल्ट का मकसद अमेरिकी उद्योग को किसी भी वैश्विक संकट से बचाना और उनकी प्रतिस्पर्धा मजबूत करना है. ट्रंप प्रशासन इसे आर्थिक और सुरक्षा हितों के लिए एक रणनीतिक कदम मान रहा है.

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