विद्युत मंत्रालय
तापीय विद्युत संयंत्रों का आधुनिकीकरण
प्रविष्टि तिथि: 06 AUG 2026 7:13PM by PIB Delhi
भारत सरकार ने 16.03.2022 को एनटीपीसी लिमिटेड, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए), गुजरात राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (जीएसईसीएल) और भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (बीएचईएल) के प्रतिनिधियों को शामिल करते हुए एक समिति गठित की, जिसने कोयला आधारित तापीय विद्युत स्टेशनों के जीवन विस्तार और नवीकरण एवं आधुनिकीकरण (आर एंड एम) के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया और आर एंड एम दिशानिर्देश 2023 के रूप में एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद, दिशानिर्देशों के आधार पर, सीईए ने सभी संबंधित हितधारकों से परामर्श करने के बाद दिसंबर 2022 तक 20 वर्ष से अधिक आयु वाली इकाइयों के नवीकरण एवं आधुनिकीकरण/जीवन विस्तार (आर एंड एम/एलई) कार्यों के लिए संभावित उम्मीदवारों के रूप में 223 इकाइयों की पहचान की। किसी भी बड़े ऊर्जा मांग–आपूर्ति अंतर से बचने के लिए इन इकाइयों में आर एंड एम/एलई कार्यों को नौ चरणों में लागू किया जाना है। विवरण अनुबंध में दिए गए हैं।
वर्तमान में, केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश सहित पूरे भारत में तापीय विद्युत संयंत्रों के आधुनिकीकरण/उन्नयन के लिए न तो कोई धनराशि प्रदान करती है और न ही कोई केंद्रीय क्षेत्र योजना है। उत्पादन कंपनी से अपेक्षा की जाती है कि वह व्यवहार्यता का मूल्यांकन करने के बाद आर एंड एम/एलई कार्यों का व्यावसायिक रूप से वित्तपोषण करे।
अनुबंध
अनुबंध जो लोकसभा में 06.08.2026 को उत्तरित अतारांकित प्रश्न संख्या 3100 के भाग (क), (ख) और (घ) के उत्तर में संदर्भित है
चरणबद्ध योजना
|
चरण |
अवधि |
केंद्रीय क्षेत्र |
राज्य क्षेत्र |
निजी क्षेत्र |
कुल इकाइयां |
कुल क्षमता (मेगावाट) |
|
I |
01.01.2024 – 30.06.2026 |
11 इकाइयां (2,230 मेगावाट) |
25 इकाइयां (5,230 मेगावाट) |
1 इकाई (500 मेगावाट) |
37 |
7,960 |
|
II |
01.07.2026 – 31.12.2028 |
18 इकाइयां (5,170 मेगावाट) |
12 इकाइयां (3,140 मेगावाट) |
– |
30 |
8,310 |
|
III |
01.01.2029 – 30.06.2031 |
12 इकाइयां (2,810 मेगावाट) |
12 इकाइयां (2,560 मेगावाट) |
– |
24 |
5,370 |
|
IV |
01.07.2031 – 31.12.2033 |
8 इकाइयां (2,550 मेगावाट) |
15 इकाइयां (3,730 मेगावाट) |
2 इकाइयां (500 मेगावाट) |
25 |
6,780 |
|
V |
01.01.2034 – 30.06.2036 |
5 इकाइयां (1,630 मेगावाट) |
17 इकाइयां (4,330 मेगावाट) |
3 इकाइयां (750 मेगावाट) |
25 |
6,710 |
|
VI |
01.07.2036 – 31.12.2038 |
12 इकाइयां (5,420 मेगावाट) |
8 इकाइयां (2,175 मेगावाट) |
– |
20 |
7,595 |
|
VII |
01.01.2039 – 30.06.2041 |
5 इकाइयां (2,000 मेगावाट) |
16 इकाइयां (4,590 मेगावाट) |
4 इकाइयां (1,000 मेगावाट) |
25 |
7,590 |
|
VIII |
01.07.2041 – 31.12.2043 |
5 इकाइयां (1,740 मेगावाट) |
9 इकाइयां (2,655 मेगावाट) |
9 इकाइयां (2,660 मेगावाट) |
23 |
7,055 |
|
IX |
01.01.2044 – 30.06.2046 |
5 इकाइयां (2,490 मेगावाट) |
2 इकाइयां (460 मेगावाट) |
7 इकाइयां (3,120 मेगावाट) |
14 |
6,070 |
|
कुल योग |
जनवरी 2024 – जून 2046 |
81 इकाइयां (26,040 मेगावाट) |
116 इकाइयां (28,870 मेगावाट) |
26 इकाइयां (8,530 मेगावाट) |
223 |
63,440 |
यह जानकारी विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री श्रीपाद नाइक द्वारा आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर में दी गई।
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(रिलीज़ आईडी: 2295767) आगंतुक पटल : 6
