China Flush Toilet Latest Study: क्या चीन में प्राचीन काल में फ्लश टॉयलेट का इस्तेमाल होता था. इस सवाल का अब वैज्ञानिकों ने जवाब खोज लिया है. चीनी वैज्ञानिकों को युयांग शहर के महल परिसर में दबा हुआ फ्लश टॉयलेट मिला था. यह टॉयलेट करीब 2400 साल पुराना बताया जा रहा है. संभावना जताई जा रही है कि इसका इस्तेमाल हान राजवंश के संस्थापक लियू बांग करते होंगे. ऐसे भी कयास हैं कि इस टॉयलेट को शायद किन शाओगोंग और उनके पिता किन शियांगोंग करते होंगे.
युयांग शहर की खुदाई में मिला फ्लश टॉयलेट
चाइना डेली की रिपोर्ट के मुताबिक, वैज्ञानिक जब युयांग शहर के महल में खुदाई कर रहे थे तो उन्हें खंडहर हालत में मिट्टी में दबा हुआ टॉयलेट मिला. उस टॉयलेट से एक घुमावदार पाइप जुड़ा था. जो अर्से तक दबे रहने की वजह से टूट-फूट गया था. उसे सावधानी के साथ फिर से जोड़ा गया तो पता चला कि वह फ्लश टॉयलेट के लिए इस्तेमाल होता था.
कैसे इस्तेमाल करते थे शौचालय?
रिसर्च टीम में शामिल चाइनीज एकेडमी ऑफ सोशल साइंसेज के लियू रुई ने इसी चीनी इतिहास के लिए अहम खोज बताया है. उन्होंने कहा कि वह टॉयलेट महल के प्रशासनिक दफ्तर में बना था. वहां पर एक कटोरा नुमा टॉयलेट था. जिससे एक पाइप जुड़ा हुथा. वह पाइप निकलकर दीवारों के पार एक गड्डे तक जाता था. वैज्ञानकों का अनुमान है कि उस टॉयलेट में प्रत्येक इस्तेमाल के बाद नौकर पानी डालते होंगे.
इंडियन या वेस्टर्न, कैसे करते थे यूज
हालांकि वैज्ञानिकों को इस बात का दुख है कि सदियों तक दबे रहने की वजह से उस टॉयलेट का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह गायब हो चुका है. इसकी वजह से यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि उस टॉयलेट का इस्तेमाल इंडियन या वेस्टर्न, किस स्टाइल में होता होगा. हालांकि इस पर पश्चिमी हान काल की पुरानी नक्काशियां मौजूद हैं, जिससे इसके वेस्टर्न स्टाइल में झुककर बैठने यूज करने का आभास होता है.
प्राचीन काल में लोगों के खानपान पर रिसर्च
फिलहाल चीनी वैज्ञानिक इस प्राचीन टॉयलेट की खोज से बहुत खुश हैं. वे अब इस पर आगे अध्ययन कर रहे हैं. इसके लिए उसके अंदर से मानव अपशिष्ट के निशाना ढूंढे जा रहे हैं. जिससे यह पता लगाया जा सके कि प्राचीन काल में चीन के लोग क्या खाते होंगे. माना जा रहा है कि आगे की रिसर्च में इससे जुड़े और भी कई रहस्य लोगों के सामने आएंगे.
