
संचार मंत्रालय

दूरसंचार विभाग समृद्ध ग्राम कार्यक्रम के लिए एक्शन लाइन सी6 – सक्षम वातावरण के तहत डब्ल्यूएसआईएस पुरस्कार 2026 से सम्मानित
भारतनेट-आधारित एकीकृत-डिजिटल सेवा वितरण मॉडल को वैश्विक सम्मान मिलायह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में एकीकृत डिजिटल सेवाएं पहुंचाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है
संचार मंत्री श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, “समावेशी डिजिटल भारत के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को वैश्विक मान्यता मिली है”
प्रविष्टि तिथि: 09 JUL 2026 3:52PM by PIB Delhi
दूरसंचार विभाग को अपने प्रमुख प्रोजेक्ट “समृद्ध ग्राम: भारतनेट द्वारा समर्थित एकीकृत भौतिक डिजिटल सेवा वितरण मॉडल” के लिए वैश्विक विजेता घोषित किया गया है। प्रतिष्ठित वर्ल्ड समिट ऑन द इन्फॉर्मेशन सोसाइटी पुरस्कार 2026 के एक्शन लाइन सी6 – एनेबलिंग एनवायरनमेंट श्रेणी के अंतर्गत यह पुरस्कार दिया गया है। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के भारत के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में एकीकृत डिजिटल सेवाएं पहुंचाने के दृष्टिकोण के अनुरूप है। यह पुरस्कार जिनेवा में आयोजित डब्ल्यूएसआईएस फोरम 2026 के दौरान प्रदान किया गया। इसमें समावेशी ग्रामीण विकास के लिए डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और दूरसंचार कनेक्टिविटी का लाभ उठाने की दिशा में भारत के अभिनव दृष्टिकोण को मान्यता दी गई।

अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ (आईटीयू) के नेतृत्व में आयोजित सूचना समाज पर वर्ल्ड समिट ऑन द इन्फॉर्मेशन सोसाइटी (डब्ल्यूएसआईएस) प्रक्रिया के तहत स्थापित, डब्ल्यूआईएसआईएस पुरस्कार सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) का उपयोग करने वाली परियोजनाओं के लिए विश्व के सबसे प्रतिष्ठित सम्मानों में से हैं। डब्ल्यूआईएसआईएस फोरम का मंच जन-केंद्रित, समावेशी और विकासोन्मुखी डिजिटल परिवर्तन को बढ़ावा देने के लिए सरकारों, संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों, उद्योग, शिक्षाविदों, नागरिक समाज और अंतर्राष्ट्रीय संगठनों को एक साथ लाता है।

संचार एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने एक्स पर इस उपलब्धि को साझा करते हुए इसे वैश्विक मंच पर भारत की एक और उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के समावेशी डिजिटल भारत के दृष्टिकोण की वैश्विक मान्यता को दर्शाता है, ऐसा भारत जिसमें प्रौद्योगिकी के लाभ सुदूरतम गांवों में रहने वाले नागरिकों सहित प्रत्येक नागरिक तक सुलभ हैं। इस पहल के परिवर्तनकारी प्रभाव को रेखांकित करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने बल दिया कि भारतनेट द्वारा संचालित, समृद्ध ग्राम गांव-स्तरीय समृद्धि केंद्रों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, डिजिटल बैंकिंग और आजीविका सेवाएं प्रदान करके कनेक्टिविटी को अवसर में परिवर्तित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह उपलब्धि डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में भारत के वैश्विक नेतृत्व की पुष्टि करती है। इसके साथ ही यह दर्शाती है कि भारत की विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए विकसित समाधान विश्व के लिए अनुकरणीय मॉडल के रूप में कार्य कर सकते हैं। उन्होंने इस पहल से जुड़े सभी हितधारकों को बधाई देते हुए, इस उपल्बधि को को भारत की डिजिटल परिवर्तन यात्रा में एक गौरवपूर्ण कीर्तिमान बताया।

भारतनेट के आधार पर निर्मित समृद्ध ग्राम दूरसंचार विभाग की एक एकीकृत ग्रामीण डिजिटल परिवर्तन पहल है। इस पहल के केंद्र में समृद्धि केंद्र हैं जो विश्वसनीय दूरसंचार कनेक्टिविटी, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सहायक भौतिक सेवा वितरण को मिलाकर एकीकृत भौतिक-डिजिटल सेवाएं प्रदान करने वाले एक ही स्थान पर सभी सेवाएं उपलब्ध कराने वाले ग्राम स्तरीय केंद्रों के रूप में स्थापित किए गए हैं।

समृद्ध ग्राम पहल स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन, कौशल विकास, ई-गवर्नेंस और ई-कॉमर्स सहित नागरिक-केंद्रित सेवाओं की एक व्यापक श्रृंखला को एक साथ लाती है। समृद्ध ग्राम केंद्र टेली-परामर्श, हेल्थ एटीएम के माध्यम से निदान सेवाएं और पीएम जन औषधि केंद्रों के माध्यम से दवाएं उपलब्ध कराता है; स्मार्ट कक्षाएं और एआर/वीआर आधारित कौशल विकास; आईओटी आधारित मृदा परीक्षण, ड्रोन-सक्षम उर्वरक और कीटनाशक छिड़काव, और मोबाइल ऐप आधारित स्मार्ट सिंचाई समाधान; सीएससी/ई-गवर्नेंस और बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सेवाएं; स्थानीय उत्पादों के लिए ई-कॉमर्स सहायता; एफटीटीएच और पीएम-वानी कनेक्टिविटी; सीसीटीवी आधारित ग्राम निगरानी; और सामुदायिक स्तर पर डिजिटल सुविधा प्रदान करता है। इससे आवश्यक सेवाओं तक निर्बाध पहुंच सुनिश्चित होती है और समावेशी, प्रौद्योगिकी-सक्षम ग्रामीण विकास को बढ़ावा मिलता है।
यह परियोजना दर्शाती है कि कैसे भारतनेट और अंतिम-मील दूरसंचार अवसंरचना, स्थानीय सुविधा और सामुदायिक भागीदारी द्वारा समर्थित एक एकीकृत सेवा वितरण मॉडल के माध्यम से, कनेक्टिविटी से परे जाकर ग्रामीण नागरिकों के लिए मापने योग्य सामाजिक-आर्थिक परिणामों में परिवर्तित हो सकती है।
देश मे मजबूत दूरसंचार अवसंरचना को नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के साथ जोड़कर डिजिटल समावेशन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। यह सम्मान हमारी उसी सफलता को रेखांकित करता है। यह विश्व की सबसे बड़ी ग्रामीण ब्रॉडबैंड पहलों में से एक भारतनेट की परिवर्तनकारी क्षमता को भी दर्शाता है। इससे 21 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को सेवा-योग्य और ऑनलाइन बनाकर पूरे ग्रामीण भारत में डिजिटल पहुंच और अवसरों की पहुंच सक्षम बनाई गई हैं।

समृद्ध ग्राम को एक कड़ी बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद वैश्विक विजेता के रूप में चुना गया। इसमें परियोजना प्रस्तुत करना, अंतर्राष्ट्रीय स्क्रीनिंग, वैश्विक ऑनलाइन मतदान, अपनी श्रेणी में शीर्ष पांच चैंपियन परियोजनाओं में चयन और डब्ल्यूएसआईएस विशेषज्ञ समिति द्वारा अंतिम निर्णय शामिल था। वैश्विक ऑनलाइन मतदान चरण के दौरान, नामांकित सभी परियोजनाओं के लिए विश्व भर में 22 लाख से अधिक वोट डाले गए।
डब्ल्यूएसआईएस पुरस्कार 2026 के अंतर्गत अठारह पुरस्कार श्रेणियों में से भारत की केवल दो परियोजनाओं को चैंपियन प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया। इसके परिणामस्वरूप, समृद्ध ग्राम एक्शन लाइन सी6 – सक्षम वातावरण श्रेणी में वैश्विक विजेता बनकर उभरा। यह ग्रामीण डिजिटल परिवर्तन के लिए भारत के व्यावहारिक और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण की अंतरराष्ट्रीय मान्यता को दर्शाता है।
यह परियोजना स्वास्थ्य सेवा, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वित्तीय समावेशन, आजीविका, नवाचार, असमानताओं में कमी और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा देकर कई सतत विकास लक्ष्यों में योगदान देती है। यह समावेशी डिजिटल विकास के लिए अनुकूल नीति और कार्यान्वयन वातावरण को बढ़ावा देकर डब्ल्यूएसआईएस एक्शन लाइन सी6 के उद्देश्यों का भी समर्थन करती है।
समृद्ध ग्राम को मिली वैश्विक मान्यता, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और दूरसंचार का लाभ उठाकर ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल विभाजन को पाटने और सार्थक सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन लाने में भारत के नेतृत्व को और मजबूत करती है। यह अभिनव, विस्तार योग्य और समुदाय-केंद्रित सेवा वितरण मॉडल के माध्यम से एक समावेशी, लचीले और डिजिटल रूप से सशक्त समाज के निर्माण के प्रति देश की प्रतिबद्धता को भी प्रदर्शित करती है।
Another feather in the cap for Bharat on the global stage…🇮🇳
An absolute delight to share that @DoT_India’s Samriddh Gram Integrated Phygital Services Project has been declared Global Winner of the #WSISPrizes2026 under the Enabling Environment category by @ITU.
This is also a… pic.twitter.com/tOEAlelQyr
— Jyotiraditya M. Scindia (@JM_Scindia) July 9, 2026
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पीके/केसी/वीके/एसवी
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