Spaceflight challenges: अंतरिक्ष में रोने का सवाल आपको अजीब लग सकता है, खासकर उस समय तक, जब आपको ये एहसास ने हो कि अंतरिक्ष में रोना गुरुत्वाकर्षण पर निर्भर करता है. क्योंकि पृथ्वी पर जब कोई रोता है तो आंसू बनते हैं और चेहरे से बह जाते हैं, जिसके चलते कोई इसके बारे में ज्यादा नहीं सोचता है. लेकिन ऑर्बिट में ऐसा नहीं है. क्योंकि, यहां पर गुरुत्वाकर्षण नहीं होने की वजह से आंसू जैसी छोटी सी दिखने वाली चीज ट्रेंड अंतरिक्ष यात्रियों को बेहद अजीब लगती है. 

आपको बता दें कि अंतरिक्ष यात्री भी रोते हैं. क्योंकि, सिर्फ धरती छोड़ने के चलते उनकी भावना खत्म नहीं होती है. अंतरिक्ष में भी उदासी, तनाव और उड़ती धूल के कारण आंखे रिएक्ट करती है, जिसकी वजह से आंसू आते हैं. लेकिन अंतरिक्ष में आंसू आना धरती की तरह सामान्य नहीं है. क्योंकि ये वहां इंसान की उम्मीद के मुताबिक नहीं बहते हैं. वो न तो नीचे की गिरते और न ही गालों पर बहते, वो वहीं रूक जाते हैं जहां पर बनते हैं.

क्या कहते हैं शोधकर्ता?
शोधकर्ताओं का मानना है कि गुरुत्वाकर्षण नहीं होने के चलते आंसू आंख के आसपास जम जाते हैं और बहने की बजाय फैल जाते हैं. इसके चलते ऐसा एहसास होता है, जैसे वो फिलिंग से ज्यादा फिजिकल हैं.क्योंकि, आंसू एक पतली और गोल परत बनाते हैं जो गिरती नहीं है, पलकें झपकाने का भी कोई फायदा नहीं मिलता. बल्कि इससे आंसू आंखों और पलकों पर ज्यादा फैल जाते हैं. जिससे की ऐसा लगता है कि मानों आंख को पानी से ढक रखा है. धुंधलापन महसूस होता है, हालांकि ये कोई खराबी नहीं है, ये दर्दनाक नहीं है लेकिन ये अंतरिक्ष यात्रियों को असहज लगता है. जब कभी किसी अंतरिक्ष यात्री के साथ ऐसा पहली बार होता है तो वो चौंक भी जाते हैं.  

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क्या करते हैं अंतरिक्ष यात्री?
हालांकि, अंतरिक्ष यान में तैरते हुए किसी भी प्रकार के तरल पदार्थ को लावारिस नहीं छोड़ा जाता, चाहे वो पानी हो या फिर पसीना या आंसू. क्योंकि, अंतरिक्ष में गुरुत्वाकर्षण न होने की वजह से तरल पदार्थ बूंदों के रूप में हवा में तैरने लगते हैं, जो उपकरणों या वेंट सिस्टम में जाकर नुकसान पहुंचा सकते हैं. इसके चलते अंतरिक्ष यात्री अपने आंसुओं को भी खास सोखने वाले कपड़ों से सावधानी से साफ कर लेते हैं. अंतरिक्ष में हर तरल पदार्थ को संभालना बहुत जरूरी होता है. चाहे वो धरती पर कितना भी सामान्य क्यों न लगता हो. क्योंकि, इसी सावधानी के चलते ही अंतरिक्ष यात्रियों और यान दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाती है.