
पंचायती राज संस्थाओं का सशक्तिकरण
प्रविष्टि तिथि: 28 JUL 2026 4:56PM by PIB Delhi
पंचायती राज मंत्रालय ने फरवरी 2025 में “राज्यों में पंचायतों को अंतरण की स्थिति – एक सांकेतिक साक्ष्य-आधारित रैंकिंग, 2024″ नामक शीर्षक से एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में अंतरण की प्रभावशीलता और जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत बनाने में स्थानीय सरकारों की भूमिका का आकलन किया गया है, जिसमें पंचायती राज संस्थाओं (पीआरआई) के वित्तीय और प्रशासनिक सशक्तिकरण की स्थिति का मूल्यांकन भी शामिल है। यह रिपोर्ट अंतरण सूचकांक को प्रस्तुत करती है, जो कि संविधान के भाग-9 के अंतर्गत आने वाले सभी राज्यों/संघ राज्यों क्षेत्रों को चिन्हित किए गए छः आयामों, अर्थात् रूपरेखा, कार्य, वित्त, पदाधिकारी, क्षमता में वृद्धि और जवाबदेही के आधार पर उनको समग्र स्कोर और रैंक प्रदान करती है।
कई ग्राम पंचायतों को अपर्याप्त वित्तीय संसाधनों, कर्मचारियों की कमी और सीमित प्रशासनिक अधिकारों के कारण स्थानीय विकास कार्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची के संदर्भ में ‘पंचायत’, ‘स्थानीय सरकार” होने के कारण राज्य का विषय है। पंचायतों को राज्यों के पंचायती राज अधिनियमों के अंतर्गत स्थापित और संचालित किया जाता है। संविधान के प्रावधानों के अधीन रहते हुए, राज्यों ने अपने अलग-अलग पंचायती राज अधिनियम बनाए हैं, जो अलग-अलग राज्यों में भिन्न हो सकते हैं। संविधान का अनुच्छेद 243(छ), आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय के लिए योजनाएं तैयार करने के लिए तथा आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की ऐसी स्कीमों को, जो पंचायतों को सौंपी जा सके, जिनमें संविधान की ग्यारहवीं अनुसूची में सूचीबद्ध विषय भी शामिल है, के क्रियान्वयन के लिए, किसी भी राज्य के विधान मंडल को, निर्दिष्ट शर्तों के अधीन, उचित स्तर पर पंचायतों को शक्तियों और उत्तरदायित्वों के हस्तांतरण के लिए, कानून द्वारा, प्रावधानों को बनाने का अधिकार देता है। राज्य के विधानमंडल को, पंचायतों को शक्तियों और उत्तरदायित्वों के हस्तांतरण के लिए, ग्यारहवी अनुसूची में वर्णित 29 विषयों पर विचार करना होता है। तदनुसार, स्थानीय विकास कार्यों को लागू करना, जनशक्ति की आवश्यकता, वित्तीय संसाधन, पंचायत स्तर पर प्रशासनिक अधिकार और पंचायतों की वित्तीय व प्रशासनिक स्वायत्तता को बढ़ाना आदि सहित, पंचायतों से संबंधित सभी मामले राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
15वें वित्त आयोग (एफसी) की अवार्ड अवधि के दौरान (वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2025-26 तक), जिसमें वित्त वर्ष 2020-21 की अंतरिम अवधि भी शामिल है, कुल 2,97,555 करोड़ रुपये के आवंटन की तुलना में कुल 2,82,632 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। 15वें वित्त आयोग के तहत निधि के आवंटन और रिलीज का राज्य-वार विवरण अनुबंध-I में दिया गया है। इसके अलावा, मंत्रालय के संशोधित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) योजना के तहत, वित्त वर्ष 2021-22 से पिछले पांच वर्षों में राज्यों/संघ राज्यक्षेत्र को कुल 3601.77 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। पिछले पांच वर्षों के दौरान संशोधित आरजीएसए योजना के तहत राज्यों/संघ राज्यक्षेत्र को जारी की गई धनराशि का विवरण अनुबंध–II में दिया गया है।
डिजिटल इंडिया पहल के भाग के रूप में, पंचायती राज मंत्रालय ने पंचायतों में पारदर्शिता, जवाबदेही और कुशल वित्तीय प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए एक एकीकृत डिजिटल शासन पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित किया है। इस मंत्रालय ने वर्ष 2020-21 में एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में ‘ईग्रामस्वराज’ शुरू किया है, जो पूर्ण रूप से (एंड-टू-एंड) नियोजन करने, बजटन, लेखांकन, निगरानी और ऑनलाइन भुगतान में मदद करता है। सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) का सरकारी ई-मार्केटप्लेस (जीईएम), और ऑडिटऑनलाइन के साथ इसके एकीकरण ने, जमीनी स्तर पर शासन और वित्तीय निरीक्षण को मजबूत बनाते हुए, निर्बाध निधि प्रवाह, पारदर्शी खरीद, भुगतान और लेखापरीक्षण को सक्षम बनाया है। परिणामसवरूप, 2,64,998 पंचायती राज संस्थाओं में से लगभग 2,40,435 यानी 90.73% संस्थाओं ने वित्त वर्ष 2024-25 में ऑडिट रिपोर्ट तैयार की है। वित्त वर्ष 2024-25 में तैयार की गई ऑडिट रिपोर्ट का स्तर–वार विवरण अनुबंध-III में दिया गया है।
मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2022-23 से राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) की केंद्र प्रायोजित योजना को लागू किया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षण के माध्यम से विशेषकर निर्वाचित प्रतिनिधियों (ईआर), पदाधिकारियों और अन्य हितधारकों के लिए एक शिक्षण पारिस्थितिकी तंत्र बनाकर उनकी क्षमता का निर्माण करना है, ताकि वे प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए अपनी शासन क्षमताओं का विकास कर सकें। साथ ही क्षेत्रीय दौरों एवं प्रशिक्षण मॉड्यूल और सामग्री आदि तैयार करने में भी सहायता दी जा रही है। इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2022-23 से वित्त वर्ष 2026-27 तक (10.07.2026 तक) कुल 1,66,41,509 निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया गया था।
नेतृत्व/प्रबंधन विकास कार्यक्रम (एमडीपी) के तहत भारतीय प्रबंधन संस्थानों (आईआईएम)/ भारतीय तकनीकी संस्थानों (आईआईटी) जैसे उत्कृष्ट संस्थानों के माध्यम से पंचायतों के निर्वाचित प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों को क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण देने की दिशा में भी एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस एमडीपी प्रशिक्षण के तहत दिनांक 10.07.2026 की स्थिति के अनुसार 3,490 लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
मंत्रालय ने आरजीएसए के तहत ई-पंचायत मिशन मोड परियोजना (एमएमपी) को भी लागू किया है, जिससे जमीनी स्तर पर पारदर्शिता, कार्यदक्षता और शासन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ई-पंचायत एमएमपी के हिस्से के रूप में विकसित, ई-ग्राम स्वराज एप्लीकेशन से पंचायत स्तर पर डिजिटल योजना, लेखांकन, निगरानी और ऑनलाइन भुगतान की सुविधा मिली है। सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के साथ ईग्रामस्वराज के एकीकरण से विक्रेताओं और सेवा प्रदाताओं को वास्तविक समय में भुगतान किया जा सकता है, जिससे निर्बाध निधि प्रवाह सुनिश्चित होता है और विलंब में कमी आती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, देश भर में 2,55,254 ग्राम पंचायतों ने अपनी ग्राम पंचायत विकास योजनाएं (जीपीडीपी) अपलोड की है। इसके अलावा, पंचायत खातों के ऑनलाइन लेखापरीक्षा और उनके वित्तीय प्रबंधन के लिए ‘ऑडिटऑनलाइन‘ नामक एक एप्लीकेशन विकसित किया गया है। पंचायतों के वित्तीय प्रबंधन को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय वित्त आयोग निधि के उपयोग की पारदर्शी लेखापरीक्षा हेतु अप्रैल 2020 में ऑडिटऑनलाइन एप्लीकेशन शुरू किया गया है।
मंत्रालय ने पंचायत के स्वयं के राजस्व स्रोत (ओएसआर) संग्रहण को डिजिटल बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिसके लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म “समर्थ पंचायत पोर्टल” विकसित किया है। यह कर और गैर-कर मांगों के सृजन और संग्रहण, कर रजिस्टरों के रखरखाव और राजस्व की ऑनलाइन ट्रैकिंग की सुविधा प्रदान करता है। इस डिजिटल सशक्तिकरण को स्थानीय वित्तीय प्रशासन में पारदर्शिता, कार्यदक्षता और मापनीयता लाने के लिए डिजाइन किया गया है।
वर्ष 2025 में, मंत्रालय ने पंचायतों द्वारा ओएसआर में वृद्धि के माध्यम से आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए आत्मनिर्भर पंचायत विशेष पुरस्कार (एएनपीएसए) की शुरुआत की है।
इसके अतिरिक्त, पंचायती राज मंत्रालय ने ग्राम पंचायतों को अधिक वित्तीय स्वायत्तता प्रदान करने, जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए ओएसआर विषय पर आईआईएम अहमदाबाद के सहयोग से एक प्रशिक्षण मॉड्यूल विकसित किया है। यह मॉड्यूल निर्वाचित प्रतिनिधियों और पंचायत पदाधिकारियों को कर और गैर-कर स्रोतों के माध्यम से ओएसआर सृजन की प्रक्रिया को समझने में सहायता करता है। ओएसआर के विशेष मॉड्यूल के तहत दिनांक 10.07.2026 तक 2,75,893 लोगों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
इसके अलावा, मंत्रालय द्वारा विकसित मेरी पंचायत जैसे एप्लीकेशन से पंचायत के शासन में पारदर्शिता लाने का प्रयास किया गया है, जिससे पंचायत की योजना, गतिविधियों और कार्यों की प्रगति की जानकारी जनता तक पहुँच सके। इसी तरह, पंचायत निर्णय एक ऑनलाइन एप्लीकेशन है जिसका उद्देश्य पंचायतों द्वारा ग्राम सभा के संचालन में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन लाना है।
अनुबंध –I
दिनांक 31 मार्च 2026 की स्थिति के अनुसार 15वें वित्त आयोग के तहत राज्य-वार आवंटन और जारी निधि
(करोड़ रुपये में)
क्रम सं. | राज्य | 2020-21 | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 | कुल | |||||||
आवंटन | जारी | आवंटन | जारी | आवंटन | जारी | आवंटन | जारी | आवंटन | जारी | आवंटन | जारी | आवंटन | जारी | ||
1 | आंध्र प्रदेश | 2,625 | 2,625 | 1,939 | 1,918 | 2,010 | 1,977 | 2,031 | 1,997 | 2,152 | 2,110 | 2,099 | 2,054 | 12,856 | 12,681 |
2 | अरुणाचल प्रदेश | 231 | 231 | 170 | 170 | 177 | 89 | 179 | – | 189 | – | 185 | – | 1,131 | 490 |
3 | असम | 1,604 | 1,604 | 1,186 | 1,186 | 1,228 | 1,228 | 1,241 | 1,241 | 1,315 | 1,315 | 1,283 | 1,283 | 7,857 | 7,857 |
4 | बिहार | 5,018 | 5,018 | 3,709 | 3,709 | 3,842 | 3,842 | 3,884 | 3,855 | 4,114 | 4,109 | 4,012 | 4,012 | 24,579 | 24,545 |
5 | छत्तीसगढ़ | 1,454 | 1,454 | 1,075 | 1,075 | 1,114 | 1,114 | 1,125 | 1,125 | 1,192 | 1,185 | 1,163 | 1,162 | 7,123 | 7,115 |
6 | गोवा | 75 | 75 | 55 | 55 | 57 | 48 | 58 | 55 | 62 | 31 | 61 | – | 368 | 264 |
7 | गुजरात | 3,195 | 3,195 | 2,362 | 2,362 | 2,446 | 2,446 | 2,473 | 2,473 | 2,619 | 2,619 | 2,555 | 2,553 | 15,650 | 15,648 |
8 | हरियाणा | 1,264 | 1,264 | 935 | 935 | 968 | 967 | 979 | 954 | 1,036 | 1,013 | 1,011 | 988 | 6,193 | 6,121 |
9 | हिमाचल प्रदेश | 429 | 429 | 317 | 317 | 329 | 329 | 332 | 332 | 352 | 352 | 343 | 342 | 2,102 | 2,100 |
10 | झारखंड | 1,689 | 1,689 | 1,249 | 1,249 | 1,293 | 1,293 | 1,307 | 1,307 | 1,385 | 1,385 | 1,351 | 674 | 8,274 | 7,597 |
11 | कर्नाटक | 3,217 | 3,217 | 2,377 | 2,376 | 2,463 | 2,094 | 2,490 | 2,087 | 2,637 | 2,133 | 2,572 | – | 15,756 | 11,906 |
12 | केरल | 1,628 | 1,628 | 1,203 | 1,203 | 1,246 | 1,246 | 1,260 | 1,260 | 1,334 | 1,334 | 1,301 | 1,301 | 7,972 | 7,972 |
13 | मध्य प्रदेश | 3,984 | 3,984 | 2,944 | 2,944 | 3,050 | 3,050 | 3,083 | 3,081 | 3,265 | 3,263 | 3,185 | 3,150 | 19,511 | 19,472 |
14 | महाराष्ट्र | 5,827 | 5,827 | 4,307 | 4,267 | 4,461 | 4,073 | 4,510 | 4,093 | 4,776 | 3,918 | 4,659 | 3,942 | 28,540 | 26,119 |
15 | मणिपुर | 177 | 177 | 131 | 66 | 135 | – | 137 | – | 145 | – | 142 | – | 867 | 243 |
16 | मेघालय | 182 | 182 | 135 | 95 | 140 | – | 141 | – | 149 | – | 146 | – | 893 | 277 |
17 | मिजोरम | 93 | 93 | 69 | 69 | 71 | 71 | 72 | 72 | 76 | 76 | 74 | 74 | 455 | 455 |
18 | नागालैंड | 125 | 125 | 92 | 92 | 96 | 48 | 97 | – | 102 | – | 99 | – | 611 | 265 |
19 | ओडिशा | 2,258 | 2,258 | 1,669 | 1,669 | 1,728 | 1,728 | 1,747 | 1,747 | 1,851 | 1,851 | 1,805 | 1,801 | 11,058 | 11,054 |
20 | पंजाब | 1,388 | 1,388 | 1,026 | 1,026 | 1,062 | 1,062 | 1,074 | 1,058 | 1,138 | 1,128 | 1,110 | 1,109 | 6,798 | 6,772 |
21 | राजस्थान | 3,862 | 3,862 | 2,854 | 2,854 | 2,957 | 2,955 | 2,989 | 2,848 | 3,166 | 3,166 | 3,087 | 1,568 | 18,915 | 17,253 |
22 | सिक्किम | 42 | 42 | 31 | 31 | 33 | 33 | 33 | 33 | 35 | 33 | 33 | 33 | 207 | 205 |
23 | तमिलनाडु | 3,607 | 3,607 | 2,666 | 2,666 | 2,761 | 2,761 | 2,791 | 2,791 | 2,957 | 2,957 | 2,884 | 638 | 17,666 | 15,420 |
24 | तेलंगाना | 1,847 | 1,847 | 1,365 | 1,365 | 1,415 | 1,415 | 1,430 | 1,430 | 1,514 | 1,281 | 1,477 | 620 | 9,048 | 7,957 |
25 | त्रिपुरा | 191 | 191 | 141 | 141 | 147 | 147 | 148 | 148 | 157 | 157 | 153 | 153 | 937 | 937 |
26 | उत्तर प्रदेश | 9,752 | 9,752 | 7,208 | 7,208 | 7,466 | 7,466 | 7,547 | 7,547 | 7,994 | 7,994 | 7,797 | 7,797 | 47,764 | 47,764 |
27 | उत्तराखंड | 574 | 574 | 425 | 419 | 440 | 439 | 445 | 444 | 471 | 470 | 458 | 456 | 2,813 | 2,802 |
28 | पश्चिम बंगाल | 4,412 | 4,412 | 3,261 | 3,261 | 3,378 | 3,378 | 3,415 | 3,415 | 3,617 | 3,472 | 3,528 | 3,404 | 21,611 | 21,342 |
कुल | 60,750 | 60,750 | 44,901 | 44,726 | 46,513 | 45,299 | 47,018 | 45,392 | 49,800 | 47,350 | 48,573 | 39,115 | 2,97,555 | 2,82,632 | |
% (प्रतिशत) | 100 | 100 | 97 | 97 | 95 | 81 | 95 | ||||||||
अनुबंध –II
पिछले पांच वर्षों के दौरान संशोधित आरजीएसए के तहत जारी धनराशि का राज्य/संघ राज्यक्षेत्र-वार विवरण
(करोड़ रुपये में)
क्रम सं. | राज्य/संघ राज्यक्षेत्र | 2021-22 | 2022-23 | 2023-24 | 2024-25 | 2025-26 |
1 | अंडमान व निकोबार द्वीप समूह | 0.00 | 0.00 | 0.79 | 2.12 | 1.00 |
2 | आंध्र प्रदेश | 38.54 | 0.00 | 0.00 | 2.52 | 35.00 |
3 | अरुणाचल प्रदेश | 30.07 | 108.69 | 72.09 | 70.00 | 57.00 |
4 | असम | 44.04 | 55.29 | 77.70 | 60.00 | 64.00 |
5 | बिहार | 63.77 | 33.37 | 25.00 | 0.00 | 26.00 |
6 | छत्तीसगढ़ | 7.93 | 0.00 | 17.57 | 16.50 | 29.00 |
7 | दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव | 0.00 | 1.14 | 1.00 | 1.00 | 1.25 |
8 | गोवा | 0.59 | 0.00 | 0.89 | 1.35 | 1.00 |
9 | गुजरात | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 8.00 |
10 | हरियाणा | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 5.00 | 17.91 |
11 | हिमाचल प्रदेश | 32.42 | 60.65 | 19.31 | 27.21 | 14.00 |
12 | जम्मू और कश्मीर | 40.00 | 40.00 | 65.00 | 65.00 | 57.00 |
13 | झारखंड | 7.74 | 0.00 | 31.00 | 0.00 | 15.20 |
14 | कर्नाटक | 29.15 | 36.00 | 20.00 | 16.25 | 11.03 |
15 | केरल | 12.00 | 30.40 | 10.00 | 10.00 | 18.00 |
16 | लक्षद्वीप | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 0.00 |
17 | लद्दाख | 1.08 | 0.00 | 1.00 | 0.00 | 0.72 |
18 | मध्य प्रदेश | 47.11 | 28.00 | 32.17 | 40.00 | 49.95 |
19 | महाराष्ट्र | 73.34 | 37.84 | 116.12 | 80.00 | 54.49 |
20 | मणिपुर | 2.98 | 8.63 | 9.56 | 0.00 | 1.48 |
21 | मेघालय | 0.00 | 0.00 | 6.00 | 8.00 | 5.02 |
22 | मिजोरम | 5.56 | 14.27 | 10.00 | 12.00 | 16.50 |
23 | नागालैंड | 4.58 | 0.00 | 10.00 | 10.00 | 10.70 |
24 | ओडिशा | 1.33 | 11.40 | 27.33 | 20.00 | 62.24 |
25 | पुदुच्चेरी | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 0.00 | 0.00 |
26 | पंजाब | 10.78 | 34.25 | 10.00 | 5.00 | 30.30 |
27 | राजस्थान | 17.27 | 0.00 | 21.72 | 15.00 | 13.00 |
28 | सिक्किम | 1.19 | 6.01 | 6.00 | 7.00 | 3.21 |
29 | तमिलनाडु | 39.89 | 25.42 | 0.00 | 45.00 | 20.00 |
30 | तेलंगाना | 0.00 | 0.00 | 20.00 | 0.00 | 3.00 |
31 | त्रिपुरा | 4.67 | 9.80 | 7.43 | 10.00 | 29.99 |
32 | उत्तर प्रदेश | 83.08 | 85.05 | 84.13 | 38.77 | 28.05 |
33 | उत्तराखंड | 0.00 | 42.48 | 64.67 | 50.00 | 44.09 |
34 | पश्चिम बंगाल | 15.14 | 4.28 | 33.69 | 52.68 | 40.00 |
उप कुल | 614.25 | 672.97 | 800.17 | 670.40 | 768.13 | |
अन्य कार्यान्वयन एजेंसियां | 3.75 | 10.01 | 14.69 | 23.77 | 23.63 | |
कुल योग | 618.00 | 682.98 | 814.86 | 694.17 | 791.76 | |
वित्त वर्ष 2025–26 के लिए, जारी की गई धनराशि में 30 जून 2025 तक एसएनए और 1 जुलाई 2025 से एसएनए-स्पर्श के ज़रिए मिलने वाली धनराशि भी शामिल हैं।
अनुबंध –III
वित्तीय वर्ष 2024-25 में तैयार की गई ऑडिट रिपोर्ट का स्तर-वार विवरण
| क्रम सं. | राज्य | ज़िला पंचायतों की कुल संख्या | तैयार की गई रिपोर्ट वाली ज़िला पंचायतों की संख्या | ब्लॉक पंचायतें की कुल संख्या | तैयार की गई रिपोर्ट वाली ब्लॉक पंचायतों की संख्या | ग्राम पंचायतों की कुल संख्या | तैयार की गई रिपोर्ट वाली ग्राम पंचायतों की संख्या | पंचायती राज संस्थाओं की कुल संख्या | तैयार की गई रिपोर्ट वाली पंचायती राज संस्थाओं की कुल संख्या |
1 | आंध्र प्रदेश | 13 | 13 | 660 | 654 | 13,328 | 13,201 | 14,001 | 13,868 |
2 | अरुणाचल प्रदेश | 27 | 19 | – | – | 2,108 | 1,915 | 2,135 | 1,934 |
3 | असम | 30 | 23 | 197 | 154 | 2,770 | 2,073 | 2,997 | 2,250 |
4 | बिहार | 38 | 4 | 534 | 242 | 8,053 | 5,044 | 8,625 | 5,290 |
5 | छत्तीसगढ़ | 33 | 23 | 146 | 138 | 11,713 | 11,621 | 11,892 | 11,782 |
6 | गोवा | 2 | – | – | – | 191 | 102 | 193 | 102 |
7 | गुजरात | 33 | 33 | 248 | 248 | 14,687 | 14,591 | 14,968 | 14,872 |
8 | हरियाणा | 22 | 22 | 143 | 136 | 6,230 | 6,188 | 6,395 | 6,346 |
9 | हिमाचल प्रदेश | 12 | 12 | 92 | 81 | 3,615 | 3,610 | 3,719 | 3,703 |
10 | झारखंड | 24 | 24 | 264 | 259 | 4,345 | 4,314 | 4,633 | 4,597 |
11 | कर्नाटक | 31 | – | 238 | – | 5,952 | 5,949 | 6,221 | 5,949 |
12 | केरल | 14 | – | 152 | 1 | 941 | 828 | 1,107 | 829 |
13 | मध्य प्रदेश | 52 | 37 | 313 | 223 | 23,011 | 20,223 | 23,376 | 20,483 |
14 | महाराष्ट्र | 34 | – | 351 | 18 | 27,953 | 26,817 | 28,338 | 26,835 |
15 | मणिपुर | 12 | – | – | – | 3,811 | – | 3,823 | – |
16 | मेघालय | 3 | – | – | – | – | – | 3 | – |
17 | मिजोरम | – | – | – | – | 843 | – | 843 | – |
18 | नागालैंड | – | – | – | – | 1,330 | – | 1,330 | – |
19 | ओडिशा | 30 | 30 | 314 | 314 | 6,794 | 6,787 | 7,138 | 7,131 |
20 | पंजाब | 23 | 22 | 154 | 152 | 13,237 | 13,221 | 13,414 | 13,395 |
21 | राजस्थान | 33 | 33 | 361 | 352 | 11,230 | 11,079 | 11,624 | 11,464 |
22 | सिक्किम | 6 | 6 | – | – | 199 | 199 | 205 | 205 |
23 | तमिलनाडु | 36 | 36 | 388 | 388 | 12,525 | 12,518 | 12,949 | 12,942 |
24 | तेलंगाना | 32 | 31 | 572 | 534 | 12,994 | 12,577 | 13,598 | 13,142 |
25 | त्रिपुरा | 9 | 9 | 75 | 75 | 1,194 | 1,193 | 1,278 | 1,277 |
26 | उत्तर प्रदेश | 13 | – | 95 | – | 7,787 | – | 7,895 | – |
27 | उत्तराखंड | 75 | 75 | 826 | 825 | 57,691 | 57,651 | 58,592 | 58,551 |
28 | पश्चिम बंगाल | 22 | 21 | 345 | 287 | 3,339 | 3,180 | 3,706 | 3,488 |
कुल | 659 | 473 | 6,468 | 5,081 | 2,64,725 | 2,34,881 | 2,64,998 | 2,40,435 | |
स्रोत: auditonline.gov.in के ज़रिए तैयार की गई रिपोर्ट।
यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 28 जुलाई 2026 को लोकसभा में एक लिखित जवाब में दी।
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(रिलीज़ आईडी: 2290506)

