
पंचायती राज मंत्रालय

पंचायती राज संस्थाओं को वित्त आयोग के अनुदान
प्रविष्टि तिथि: 22 JUL 2026 4:22PM by PIB Delhi
15वें वित्त आयोग के अंतर्गत वर्ष 2021-26 के लिए आंध्र प्रदेश सहित 28 राज्यों में ग्रामीण स्थानीय निकायों को जारी अनुदानों का राज्यवार विवरण अनुबंध में दिया गया है। अप्रेषित राशि उन अनुदानों को दर्शाती है जिन्हें अनुशंसा अवधि के दौरान संबंधित राज्य सरकारों / ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा न करने के कारण जारी नहीं किया जा सका। वित्त आयोग, जो एक संवैधानिक संस्था है, की सिफारिशें एक बार सरकार द्वारा स्वीकृत होकर संसद के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाती हैं, तो उनमें किसी प्रकार का परिवर्तन संभव नहीं होता।
पंचायत, “स्थानीय स्व-शासन” होने के नाते, राज्य का विषय है। हालांकि, पंचायती राज मंत्रालय ग्राम पंचायत विकास योजना रूपरेखा के माध्यम से विकेन्द्रीकृत योजना और विकास कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करता है। ग्राम पंचायतें अपनी ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करती हैं और उन्हें ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर अपलोड करती हैं, जो योजना, बजट, लेखांकन तथा पंचायत गतिविधियों की निगरानी हेतु एक समग्र डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के रूप में कार्य करता है। ग्राम पंचायत विकास योजनाओं की तैयारी प्रतिवर्ष एक सहभागी प्रक्रिया के माध्यम से की जाती है, जिसमें ग्राम सभाओं की भागीदारी होती है। इन योजनाओं में विभिन्न केंद्रीय एवं राज्य योजनाओं के अभिसरण के माध्यम से क्रियान्वित किए जाने वाले कार्यों और गतिविधियों को सम्मिलित किया जाता है।
पिछले तीन वर्षों में ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर अपलोड की गई आंध्र प्रदेश की ग्राम पंचायत विकास योजना की स्थिति का राष्ट्रीय औसत के साथ तुलनात्मक विवरण निम्नानुसार हैः-
वित्तीय वर्ष | संपूर्ण भारत में | आंध्र प्रदेश में | ||||
कुल ग्राम पंचायतों की संख्या | पंचायत विकास योजनाएँ तैयार कर अपलोड करने वाली ग्राम पंचायतों की संख्या | प्रतिशत | कुल ग्राम पंचायतों की संख्या | पंचायत विकास योजनाएँ तैयार कर अपलोड करने वाली ग्राम पंचायतों की संख्या | प्रतिशत | |
2023-24 | 262251 | 255042 | 97.25% | 13328 | 13305 | 99.83% |
2024-25 | 262593 | 255638 | 97.35% | 13328 | 13310 | 99.86% |
2025-26 | 264407 | 255262 | 96.54% | 13327 | 13320 | 99.95% |
इसके अतिरिक्त, पिछले तीन वर्षों के लिए आंध्र प्रदेश में ई-ग्रामस्वराज–पीएफएमएस के माध्यम से निधि अंतरण की स्थिति का राष्ट्रीय स्तर के साथ तुलनात्मक विवरण निम्नानुसार है:-
वित्त्तीय वर्ष | संपूर्ण भारत में | आंध्र प्रदेश में | ||||
कुल ग्राम पंचायत एवं समकक्ष की संख्या | ऑनलाइन भुगतान वाली पंचायतें एवं समकक्ष की संख्या | स्वीकृत भुगतान (रु. करोड़ में) | कुल ग्राम पंचायतों की संख्या | ऑनलाइन भुगतान वाली ग्राम पंचायतों की संख्या | स्वीकृत भुगतान (रु. करोड़ में) | |
2023-24 | 256902 | 245041 | 34246.46 | 13328 | 13095 | 968.711 |
2024-25 | 256169 | 243217 | 37651.95 | 13328 | 13002 | 1636.12 |
2025-26 | 258725 | 245802 | 32762.52 | 13327 | 13041 | 1575.35 |
पंचायती राज मंत्रालय ने फरवरी, 2025 में “राज्यों में पंचायतों को अंतरण की स्थिति-एक सांकेतिक साक्ष्य आधारित रैंकिंग, 2024” नामक शीर्षक से रिपोर्ट को केवल जमीनी स्तर पर लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने में स्थानीय सरकारों की भूमिका और अंतरण की प्रभावकारिता का आकलन करने के लिए जारी किया है। यह रिपोर्ट अंतरण सूचकांक को प्रस्तुत करती है, जोकि संविधान के भाग-9 के अंतर्गत आने वाले सभी राज्यों/ संघ राज्यों क्षेत्रों को, चिन्हित किए गए छः आयामों, अर्थात् रूपरेखा, कार्य, वित्त, पदाधिकारी, क्षमता में वृद्धि और जवाबदेही के आधार पर उनको समग्र स्कोर और रैंक प्रदान करती है। इस रिपोर्ट से पता चलता है कि 2013-14 से 2021-22 के बीच अंतरण सूचकांक का दायरा 39.9% से बढ़कर 43.9% हो गया है।
अनुबंध
पंद्रहवें वित्त आयोग के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-26 के लिए राज्यों को ग्रामीण स्थानीय निकायों के लिए आवंटित व जारी अनुदान का राज्यवार विवरण।
(रु. करोड़ में)
क्र. सं. | राज्य | आवंटन | जारी | अप्रेषित* |
1 | आंध्र प्रदेश | 10231.00 | 10055.82 | 175.18 |
2 | अरूणाचल प्रदेश | 900.00 | 258.50 | 641.50 |
3 | असम | 6253.00 | 6253.00 | 0.00 |
4 | बिहार | 19561.00 | 19527.34 | 33.66 |
5 | छत्तीसगढ़ | 5669.00 | 5661.24 | 7.76 |
6 | गोवा | 293.00 | 188.88 | 104.12 |
7 | गुजरात | 12455.00 | 12453.39 | 1.61 |
8 | हरियाणा | 4929.00 | 4856.54 | 72.46 |
9 | हिमाचल प्रदेश | 1673.00 | 1671.40 | 1.60 |
10 | झारखण्ड | 6585.00 | 5907.88 | 677.12 |
11 | कर्नाटक | 12539.00 | 8688.89 | 3850.11 |
12 | केरल | 6344.00 | 6344.00 | 0.00 |
13 | मध्य प्रदेश | 15527.00 | 15487.97 | 39.03 |
14 | महाराष्ट्र | 22713.00 | 20292.04 | 2420.96 |
15 | मणिपुर | 690.00 | 65.50 | 624.50 |
16 | मेघालय | 711.00 | 94.50 | 616.50 |
17 | मिजोरम | 362.00 | 362.00 | 0.00 |
18 | नागालैंड | 486.00 | 140.00 | 346.00 |
19 | ओड़िशा | 8800.00 | 8796.11 | 3.89 |
20 | पंजाब | 5410.00 | 5383.67 | 26.33 |
21 | राजस्थान | 15053.00 | 13391.31 | 1661.69 |
22 | सिक्किम | 165.00 | 162.78 | 2.22 |
23 | तमिलनाडु | 14059.00 | 11812.93 | 2246.07 |
24 | तेलंगाना | 7201.00 | 6110.45 | 1090.55 |
25 | त्रिपुरा | 746.00 | 746.00 | 0.00 |
26 | उत्तर प्रदेश | 38012.00 | 38012.00 | 0.00 |
27 | उत्तराखण्ड | 2239.00 | 2228.06 | 10.94 |
28 | पश्चिम बंगाल | 17199.00 | 16930.14 | 268.86 |
कुल | 236805.00 | 221882.34 | 14922.66 |
* अप्रेषित राशि उन अनुदानों को दर्शाती है जिन्हें अनुशंसा अवधि के दौरान संबंधित राज्य सरकारों / ग्रामीण स्थानीय निकायों द्वारा निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा न करने के कारण जारी नहीं किया जा सका।
यह जानकारी केंद्रीय मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने 22 जुलाई 2026 को राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में दी।
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(रिलीज़ आईडी: 2287713) आगंतुक पटल : 16

