
Iranian Nuclear Program: अमेरिका और ईरान में तकरार छिड़ी है. दोनों देश एक दूसरे पर निशाना साध रहे हैं. ट्रंप की धमकियों का जवाब देते हुए ईरान ने कहा है कि ट्रंप जैसे सोच रहे हैं, वैसा नहीं होगा, इस बार जंग में पूरा इलाका शामिल होगा, इसी बीच अब ईरान के परमाणु संयंत्र की सैटेलाइट तस्वीरें ली गई हैं, जिसमें दिख रहा है कि इजरायली और अमेरिकी हमलों की चपेट में आए दो ईरानी परमाणु स्थलों पर नई गतिविधि शुरू कर दी है. जानिए पूरा मामला.
क्या कर रहा है ईरान
इन तस्वीरों के बाद अब ये सवाल उठ रहा है कि तेहरान क्षतिग्रस्त सुविधाओं पर क्या कर रहा है. प्लैनेट लैब्स पीबीसी की तस्वीरें दिखाती हैं कि नतांज और इस्फहान परमाणु ठिकानों पर नष्ट इमारतों के ऊपर छतें बनाई गई हैं. यह काम जमीन के सैटेलाइट दृश्यों को अवरुद्ध करता प्रतीत होता है. ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के निरीक्षकों को साइटों का दौरा करने की अनुमति नहीं दी है. वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि यह काम पूर्ण पुनर्निर्माण जैसा नहीं दिखता है.
क्या बोले विशेषज्ञ?
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान यह जांचने की कोशिश कर रहा है कि क्या कोई सामग्री बिना देखे हमलों से बच गई है. फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज की एंड्रिया स्ट्रिकर ने कहा कि इस्फहान एनरिचमेंट के लिए यूरेनियम गैस बनाता है, उसे भी निशाना बनाया गया. यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब US प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर उसके न्यूक्लियर प्रोग्राम पर बातचीत करने के लिए दबाव बना रहे हैं और मिलिट्री एक्शन की चेतावनी दे रहे हैं. हालांकि ईरान ने कहा है कि वह किसी भी हमले का जवाब देगा, साथ ही साथ धमकियों के बावजूद भी उसने बातचीत से मना कर दिया.
ईरान आर्मी के प्रवक्ता ने कही थी ये बात
इससे पहले ईरान आर्मी के प्रवक्ता ने कहा था कि US की किसी भी कार्रवाई पर तेहरान का जवाब सीमित नहीं होगा, जैसा कि पिछले साल जून में था, जब अमेरिकी प्लेन और मिसाइलें ईरान के खिलाफ इजराइल के छोटे हवाई युद्ध में कुछ समय के लिए शामिल हो गए थे, बल्कि यह ‘तुरंत दिया जाने वाला’ एक निर्णायक जवाब होगा. उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकियों ने ऐसा कोई गलत अंदाजा लगाया, तो यह निश्चित रूप से उस तरह नहीं होगा जैसा ट्रंप सोच रहे हैं.
