
Shafiqur Rahman: बांग्लादेश के हालात काफी हद तक अस्थिर हैं, यहां पर हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है. हालांकि अगले महीने होने वाले आम चुनावों को लेकर सियासी तकरार छिड़ गई है, इसी बीच बांग्लादेश जमात-ए-इस्लामी के चीफ शफीकुर रहमान ने कहा कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो बांग्लादेश बांग्लादेश ही रहेगा और पाकिस्तान, अफगानिस्तान या ईरान नहीं बनेगा.
हम चाहते हैं खुशहाल बांग्लादेश
शफीकुर रहमान ने यह बयान रंगपुर शहर के पब्लिक लाइब्रेरी ग्राउंड में एक चुनावी रैली को चीफ गेस्ट के तौर पर संबोधित करते हुए दिया. उन्होंने आगे कहा कि हम बांग्लादेश को एक ज्यादा खुशहाल और इंसानी देश के तौर पर फिर से बनाना चाहते हैं. देश पर राज करते समय, हम मदीना के चार्टर को एक मॉडल के तौर पर मानेंगे, जहां इंसाफ और कानून का राज होगा, और सभी धर्मों और बैकग्राउंड के लोगों को बराबर अधिकार मिलेंगे.
नहीं करेंगे झूठे वादे
साथ ही साथ कहा कि हम झूठे वादे करके वोट नहीं मांगेंगे, हम बांग्लादेश से बेरोजगारी खत्म करने का वादा करते हैं. कोई भी परिवार बेरोजगारी के अभिशाप से परेशान नहीं होगा. हम हम ऐसी पॉलिटिक्स नहीं बनाना चाहते जहां पार्टी एक्टिविस्ट का करप्शन नेताओं और लीडरशिप को फासिस्ट बना दे. जमात-ए-इस्लामी इंसाफ पर आधारित पॉलिटिक्स करेगी. एक्टिविस्ट और नेता, दोनों कानून के सामने बराबर होंगे. इंसाफ सबके लिए एक जैसा होगा.
नहीं हुआ ऐसा
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर कमेंट करते हुए, शफीकुर रहमान ने कहा, “वह ‘इंसानियत की मां’ नहीं हैं, वह ‘क्रूरता की मां’ हैं. उन्होंने आगे कहा, हम फिर से कोई नया फासिस्ट नहीं देखना चाहते. जमात-ए-इस्लामी बांग्लादेश में ट्रांसपेरेंट पॉलिटिक्स बनाएगी. आगे कहा कि 5 अगस्त, 2024 के बाद, हमें एक शांतिपूर्ण बांग्लादेश देखने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. अराजकता नहीं रुकी है. देश में झूठे केस की बाढ़ आ गई है. बेगुनाह लोगों पर आरोप लगाए गए हैं और उनसे पैसे वसूले गए हैं. आगे कहा कि यह हैरानी की बात है कि 54 साल बाद भी, रंगपुर में कोई खास डेवलपमेंट नहीं हुआ है. यह इलाका देश का अनाज का भंडार है. फिर भी, फसल उगाने वाले किसानों की जिंदगी में कोई सुधार नहीं हुआ है.(ANI)
