नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
पीएम-कुसुम योजना का लाभ देश भर के 21.77 लाख से अधिक किसानों तक पहुंचा
प्रविष्टि तिथि: 24 MAR 2026 7:11PM by PIB Delhi
पीएम-कुसुम एक मांग-आधारित योजना है, जिसके अंतर्गत क्षमताओं का आवंटन राज्यों द्वारा प्रस्तुत मांग और प्राप्त लक्ष्यों के आधार पर किया जाता है। लाभार्थियों का चयन तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन की जिम्मेदारी राज्य कार्यान्वयन एजेंसी (एसआईए) पर निहित होती है।
एसआईए द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार, पीएम-कुसुम योजना के तहत 31.12.2025 तक स्थापित सौर कृषि पंपों और सौर संयंत्रों का विवरण, साथ ही स्थापित क्षमता का विवरण इस प्रकार है:
|
स्वीकृत |
प्रतिष्ठापन |
मेगावाट |
|
|
घटक-ए (सौर ऊर्जा संयंत्र मेगावाट में) |
10,000 |
720.91 |
720.91 |
|
घटक-बी (पंपों की संख्या) |
13,15,190 |
9,75,227 |
4398.57 |
|
घटक-सी (पंपों की संख्या और मेगावाट) |
35,82,884 |
12,01,552 |
5829.98 |
ए. पीएम-कुसुम योजना के माध्यम से 31.12.2025 तक देश में लाभान्वित किसानों की कुल संख्या 21,77,369 है। पीएम-कुसुम योजना के तहत जारी की गई निधि का राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार वित्तीय वर्षवार विवरण अनुलग्नक I में दिया गया है।
बी. योजना के सुगम क्रियान्वयन के लिए मंत्रालय ने प्रक्रियाओं को सरल बनाया है और 17.01.2024 को व्यापक संशोधित दिशानिर्देश जारी किए हैं। योजना के अंतर्गत प्रदान की जाने वाली वित्तीय सहायता का विवरण अनुलग्नक II में दिया गया है।
अनुलग्नक I
पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत जारी की गई निधि का राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार वित्तीय वर्षवार विवरण
(दिनांक 31.12.2025 तक)
(राशि रुपये करोड़ में)
|
क्रम संख्या |
राज्य का नाम |
2019-20 |
2020-21 |
2021-22 |
2022-23 |
2023-24 |
2024-25 |
2025-26 |
कुल |
|
1. |
अरुणाचल प्रदेश |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.82 |
2.12 |
1.91 |
0.00 |
4.84 |
|
2. |
असम |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
1.41 |
1.41 |
|
3. |
गोवा |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.43 |
0.43 |
|
4. |
गुजरात |
0.00 |
3.95 |
0.00 |
7.83 |
28.72 |
59.95 |
230.42 |
330.86 |
|
5. |
हरियाणा |
0.00 |
51.33 |
161.12 |
137.95 |
429.78 |
303.40 |
223.90 |
1,307.48 |
|
6. |
हिमाचल प्रदेश |
0.00 |
2.80 |
0.00 |
5.85 |
0.00 |
1.73 |
1.40 |
11.78 |
|
7. |
जम्मू और कश्मीर |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
15.69 |
0.00 |
12.90 |
0.00 |
28.59 |
|
8. |
झारखंड |
0.00 |
16.05 |
0.00 |
20.04 |
2.36 |
48.73 |
21.45 |
108.62 |
|
9. |
कर्नाटक |
0.00 |
1.26 |
0.00 |
0.00 |
2.38 |
0.89 |
77.46 |
81.99 |
|
10. |
केरल |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
28.53 |
1.72 |
18.98 |
49.23 |
|
11. |
लद्दाख |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
1.53 |
1.53 |
|
12. |
मध्य प्रदेश |
71.07 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.80 |
0.00 |
7.95 |
79.82 |
|
13. |
महाराष्ट्र |
0.00 |
0.00 |
9.60 |
247.60 |
330.21 |
1,619.00 |
2,279.63 |
4,486.03 |
|
14. |
मणिपुर |
0.00 |
0.36 |
0.00 |
0.23 |
0.17 |
0.17 |
0.78 |
1.71 |
|
15. |
मेघालय |
0.00 |
0.28 |
0.00 |
0.00 |
0.31 |
0.00 |
0.00 |
0.59 |
|
16. |
मिजोरम |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.84 |
1.73 |
2.57 |
|
17. |
नगालैंड |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
0.20 |
0.18 |
0.00 |
0.66 |
1.04 |
|
18. |
ओडिशा |
0.00 |
0.77 |
0.00 |
0.00 |
3.44 |
0.00 |
4.09 |
8.29 |
|
19. |
पंजाब |
0.00 |
8.28 |
23.70 |
31.11 |
5.41 |
13.09 |
16.24 |
97.82 |
|
20. |
राजस्थान |
68.98 |
52.06 |
153.49 |
247.63 |
49.41 |
295.20 |
90.44 |
957.21 |
|
21. |
तमिलनाडु |
11.21 |
0.00 |
20.30 |
0.00 |
2.59 |
6.48 |
5.71 |
46.29 |
|
22. |
त्रिपुरा |
0.00 |
3.96 |
7.36 |
0.12 |
17.81 |
9.31 |
7.48 |
46.04 |
|
23. |
उत्तर प्रदेश |
0.00 |
15.34 |
13.73 |
82.30 |
92.13 |
173.01 |
43.37 |
419.88 |
|
24. |
उत्तराखंड |
0.00 |
0.00 |
0.00 |
4.00 |
0.00 |
15.60 |
7.10 |
26.71 |
अनुलग्नक II
पीएम-कुसुम योजना के अंतर्गत वित्तीय सहायता
|
घटक |
उपलब्ध वित्तीय सहायता |
|
घटक ए |
डिस्कॉम्स को खरीद आधारित प्रोत्साहन (पीबीआई) 40 पैसे/किलोवाट घंटा या 6.60 लाख रुपये/मेगावाट/वर्ष, जो भी कम हो, की दर से पांच वर्षों के लिए प्रदान किया जाता है। इस घटक के अंतर्गत कोई सीएफए नहीं है। |
|
घटक बी घटक सी (व्यक्तिगत पंप सौर ऊर्जाकरण) |
• केंद्रीय वित्तीय सहायता (सीएफए) के रूप में एमएनआरई द्वारा जारी बेंचमार्क लागत का 30% या निविदा में खोजी गई प्रणालियों की कीमतों में से जो भी कम हो, वह प्रदान किया जाता है। • हालांकि, सिक्किम, जम्मू – कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड, लक्षद्वीप व अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सहित उत्तर पूर्वी राज्यों में, एमएनआरई द्वारा जारी बेंचमार्क लागत का 50% या निविदा में खोजी गई प्रणालियों की कीमतों में से जो भी कम हो, वह प्रदान किया जाता है। • इसके अतिरिक्त, संबंधित राज्य/केंद्र शासित प्रदेश को कम से कम 30% वित्तीय सहायता प्रदान करनी होगी। शेष लागत लाभार्थी द्वारा वहन की जाएगी। • पीएम कुसुम योजना के घटक बी और घटक सी (आईपीएस) को राज्य के 30% हिस्से के बिना भी लागू किया जा सकता है। केंद्रीय वित्तीय सहायता 30% बनी रहेगी और शेष 70% किसान द्वारा वहन की जाएगी। |
|
घटक सी (फीडर स्तर सौर ऊर्जाकरण) |
कृषि क्षेत्र में सौर ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने हेतु 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट (पूर्वोत्तर राज्यों/पहाड़ी क्षेत्रों/द्वीपों के लिए 1.75 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट) का वित्तीय सहायता अनुदान (सीएफए) प्रदान किया जाता है। सहभागी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश से वित्तीय सहायता की कोई अनिवार्य आवश्यकता नहीं है। सौर ऊर्जा आपूर्ति को पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) या पुनर्चक्रण परिसमापन (आरएससीओ) मोड में लागू किया जा सकता है। |
यह जानकारी आज राज्यसभा में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के राज्य मंत्री श्री श्रीपाद येसो नाइक ने दी।
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