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सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय

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पीएम मुद्रा योजना उद्यमियों और उद्यमों को 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी वाला ऋण प्रदान करती है


पीएमएमवाई के अंतर्गत समय पर ऋण वितरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ऋण प्रक्रिया को सरल बनाया

प्रविष्टि तिथि: 14 MAR 2026 4:24PM by PIB Delhi

वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) 8 अप्रैल 2015 को सदस्य ऋणदाता संस्थानों (एमएलआई), अर्थात् अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों (एससीबी), गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) और सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) द्वारा 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी वाला ऋण प्रदान करने के लिए शुरू की गई थी। कोई भी व्यक्ति जो अन्यथा ऋण लेने के लिए पात्र है। इनके पास लघु व्यवसाय उद्यम के लिए एक व्यवसाय योजना है और वह इस योजना के अंतर्गत आय सृजन गतिविधियों के लिए विनिर्माण, व्यापार, सेवा क्षेत्रों सहित कृषि से संबंधित गतिविधियों के लिए चार ऋण श्रेणियों में ऋण प्राप्त कर सकता है। शिशु (50,000 रुपये तक के ऋण), किशोर (50,000 रुपये से अधिक और 5 लाख रुपये तक के ऋण), तरुण (5 लाख रुपये से अधिक और 10 लाख रुपये तक के ऋण) और तरुण प्लस (10 लाख रुपये से अधिक और 20 लाख रुपये तक के ऋण उन उद्यमियों के लिए जिन्होंने तरुणश्रेणी के अंतर्गत पिछले ऋण लिए हैं और सफलतापूर्वक चुकाए हैं यह 24.10.2024 से प्रभावी हैं।

यह योजना छोटे व्यवसायों, हस्तशिल्पों, कृषि से संबंधित गतिविधियों और पारंपरिक उद्यमों को वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिन पर कई महिलाएं आय के लिए निर्भर हैं। इसके अलावा जिन महिलाओं के पास अक्सर गिरवी रखने के लिए कोई संपत्ति या क्रेडिट इतिहास नहीं होता, उन्हें पीएमएमवाई के अंतर्गत  प्रदान किए गए बिना गिरवी वाले ऋणों से लाभ हुआ है।

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत सफल ऋणकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से 2024-25 में तरुण प्लसनामक मुद्रा ऋण की एक नई श्रेणी शुरू की गई थी। यह श्रेणी उन ऋणकर्ताओं के लिए है जिन्होंने तरुण श्रेणी के अंतर्गत अपना मुद्रा ऋण सफलतापूर्वक चुका दिया है। तरुण प्लसके अंतर्गत ऐसे ऋणकर्ताओं को 20 लाख रुपये तक का बिना गारंटी वाला ऋण प्रदान किया जाता है।

सरकार ने ऋण आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने और ऋणों के समय पर वितरण को सुनिश्चित करने के लिए कई उपाय किए हैं। जन समर्थ जैसे पोर्टल बनाए गए हैं। इनमें 15 ऋण-संबंधित योजनाएं शामिल हैं। यहां आवेदक निर्दिष्ट ऋणों के लिए स्वयं या सहायता प्राप्त प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम राज्य मंत्री सुश्री शोभा करंदलाजे ने 12 मार्च 2026 को लोकसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/ केसी/एसके/डीके

(रिलीज़ आईडी: 2240225) आगंतुक पटल : 12

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