प्रधानमंत्री कार्यालय
प्रधानमंत्री ने सोमनाथ अमृत महोत्सव में अपने संबोधन की कुछ झलकियां साझा कीं
प्रविष्टि तिथि: 11 MAY 2026 5:22PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज सोमनाथ अमृत महोत्सव में अपने संबोधन की कुछ झलकियां साझा कीं, जिसमें उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह महोत्सव केवल अतीत का उत्सव नहीं है, बल्कि आने वाले एक हजार वर्षों के लिए भारत के लिए प्रेरणा का त्योहार भी है।
एक्स पर कई पोस्टों की एक श्रृंखला में, प्रधानमंत्री ने लिखा:
“सोमनाथ अमृत महोत्सव केवल अतीत का उत्सव नहीं है। यह अगले एक हजार वर्षों के लिए भारत की प्रेरणा का महोत्सव भी है।”
75 वर्ष पहले जब पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा हुई, तब भारत ने एक नई यात्रा शुरू की। आज यह यात्रा और अधिक व्यापक स्वरूप में हमारे सामने है, जिसे हमें नई ऊंचाई पर लेकर जाना है। pic.twitter.com/446QkWrUfn
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
“वर्ष 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण के साथ दुनिया ने भारत के वैज्ञानिकों के सामर्थ्य को महसूस किया। इसके बाद देश ने हर तरह के संकट का जिस मजबूती से मुकाबला किया, उससे दुनिया भी हैरान रह गई।“
वर्ष 1998 में पोखरण में परमाणु परीक्षण के साथ दुनिया ने भारत के वैज्ञानिकों के सामर्थ्य को महसूस किया। इसके बाद देश ने हर तरह के संकट का जिस मजबूती से मुकाबला किया, उससे दुनिया भी हैरान रह गई। pic.twitter.com/l4FYmAr5Kp
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
“सरदार पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और के. एम. मुंशी जी सहित हमारे देश में ऐसी अनगिनत महान विभूतियां हुई हैं, जिन्होंने सोमनाथ की सेवा में सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनका पुण्य स्मरण हमें प्रेरणा देता है कि हम भारतवासियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को निरंतर आगे बढ़ाना है।“
सरदार पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और के. एम. मुंशी जी सहित हमारे देश में ऐसी अनगिनत महान विभूतियां हुई हैं, जिन्होंने सोमनाथ की सेवा में सर्वस्व अर्पित कर दिया। उनका पुण्य स्मरण हमें प्रेरणा देता है कि हम भारतवासियों को अपनी सांस्कृतिक विरासत को निरंतर आगे बढ़ाना है। pic.twitter.com/8s9pKMU1F0
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
“हमारे सांस्कृतिक स्थल हजारों वर्षों से भारत की पहचान रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य से देश में आज भी ऐसे लोग हैं, जिनके लिए सोमनाथ जैसे राष्ट्रीय स्वाभिमान के विषय से ज्यादा जरूरी तुष्टिकरण है।“
हमारे सांस्कृतिक स्थल हजारों वर्षों से भारत की पहचान रहे हैं। लेकिन दुर्भाग्य से देश में आज भी ऐसे लोग हैं, जिनके लिए सोमनाथ जैसे राष्ट्रीय स्वाभिमान के विषय से ज्यादा जरूरी तुष्टिकरण है। pic.twitter.com/5nkVL6lWrO
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
“मुझे देशभर के पवित्र तीर्थों के विकास का सौभाग्य मिला है। पवित्र सोमनाथ परिसर भी इसका एक सशक्त उदाहरण है।“
मुझे देशभर के पवित्र तीर्थों के विकास का सौभाग्य मिला है। पवित्र सोमनाथ परिसर भी इसका एक सशक्त उदाहरण है। pic.twitter.com/rmJ1aMJL0s
— Narendra Modi (@narendramodi) May 11, 2026
“75 वर्ष पहले जब पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर में प्राण–प्रतिष्ठा हुई, तब भारत ने एक नई यात्रा शुरू की। आज यह यात्रा और अधिक व्यापक स्वरूप में हमारे सामने है, जिसे हमें नई ऊंचाई पर लेकर जाना है।“
75 वर्ष पहले जब पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा हुई, तब भारत ने एक नई यात्रा शुरू की। आज यह यात्रा और अधिक व्यापक स्वरूप में हमारे सामने है, जिसे हमें नई ऊंचाई पर लेकर जाना है। pic.twitter.com/446QkWrUfn
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