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विद्युत मंत्रालय

प्रधान मंत्री सहज बिजली हर घर योजना

प्रविष्टि तिथि: 02 FEB 2026 5:36PM by PIB Delhi

सरकार ने अक्टूबर 2017 में प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना (सौभाग्य) शुरू की। इसका उद्देश्य देश के ग्रामीण क्षेत्रों में सभी इच्छुक गैर-विद्युतीकृत परिवारों और शहरी क्षेत्रों में सभी इच्छुक गरीब परिवारों को बिजली कनेक्शन प्रदान करके सार्वभौमिक घरेलू विद्युतीकरण करना था। सौभाग्य योजना के अनुसार गैर-विद्युतीकृत परिवारों की कुल संख्या लगभग 300 लाख अनुमानित थी। इनमें से सौभाग्य अवधि के दौरान देश भर में 286 लाख परिवारों को विद्युतीकृत किया गया। सभी राज्यों ने 31.03.2019 से पहले चिन्हित सभी इच्छुक गैर-विद्युतीकृत परिवारों के 100% विद्युतीकरण की रिपोर्ट दी है। राज्यवार विवरण नीचे संलग्न है।

सरकार ने आर्थिक रूप से टिकाऊ और परिचालन में कुशल वितरण क्षेत्र के माध्यम से उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में सुधार लाने के उद्देश्य से पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) शुरू की है। इस योजना के अंतर्गत बुनियादी ढांचे और स्मार्ट मीटरिंग कार्यों के लिए 2.62 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। इनमें से 6522 करोड़ रुपये की परियोजनाएं देश भर के 13,65,139 घरों के विद्युतीकरण के लिए स्वीकृत की गई हैं। इसमें प्रधानमंत्री जनजातीय महान्याय अभियान (पीएम-जनमान) के अंतर्गत चिन्हित विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) परिवारों, डीए-जेजीयूए (धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान) के अंतर्गत जनजातीय परिवारों, प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) के अंतर्गत अनुसूचित जाति परिवारों और जीवंत ग्राम कार्यक्रम (वीवीपी) के अंतर्गत दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों के परिवारों के लिए स्वीकृत विद्युतीकरण कार्य शामिल हैं, जहां भी संभव हो। आरडीएसएस (पीवीटीजी + अतिरिक्त परिवार) के अंतर्गत घरेलू विद्युतीकरण का राज्य/केंद्र शासित प्रदेश-वार विवरण नीचे दिया गया है।

सौभाग्य योजना के अंतर्गत आरईसी द्वारा जुटाई गई अतिरिक्त बजटीय उधारी की राशि इस प्रकार है:

क्रमांक

योजना

राशि (करोड़ रुपये में)

सौभाग्य

डीडीयूजीजेवाई

 

निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी धनराशि योजना के लिए उपयोग कर ली गई।

सौभाग्य काल के दौरान विद्युतीकृत घरों की संख्या

क्रमांक

राज्यों के नाम

विद्युतीकृत घरों की संख्या

आंध्र प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश

बिहार

छत्तीसगढ

गुजरात

हरियाणा

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

झारखंड

कर्नाटक

लद्दाख

मध्य प्रदेश

महाराष्ट्र

मणिपुर

मेघालय

मिजोरम

नगालैंड

ओडिशा

पुडुचेरी

पंजाब

राजस्थान

सिक्किम

तमिलनाडु

तेलंगाना

त्रिपुरा

उत्तर प्रदेश।

उत्तराखंड

पश्चिम बंगाल

2,86,13,424

आरडीएसएस (निजी + अतिरिक्त गृहस्थी) के अंतर्गत घरेलू विद्युतीकरण का राज्य/केंद्र शासित प्रदेशवार विवरण

राज्य का नाम

स्वीकृत परिवारों की कुल संख्या

घरों में बिजली पहुंचाई गई

आरडीएसएस के अंतर्गत स्वीकृत अतिरिक्त परिवार

आंध्र प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश

बिहार

छत्तीसगढ

जम्मू और कश्मीर

झारखंड

केरल

मध्य प्रदेश

मणिपुर

मेघालय

मिजोरम

नगालैंड

राजस्थान

उत्तर प्रदेश

कुल (ए)

हिमाचल प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश

उत्तराखंड

कुल (बी)

आंध्र प्रदेश

बिहार

छत्तीसगढ

झारखंड

कर्नाटक

केरल

मध्य प्रदेश

महाराष्ट्र

राजस्थान

तमिलनाडु

तेलंगाना

त्रिपुरा

उत्तर प्रदेश

उत्तराखंड

उप-योग (C1)

गुजरात

ओडिशा

पश्चिम बंगाल

उप-योग (C2)

मध्य प्रदेश

उप-योग (C3)

कुल (C=C1+C2+C3)

आंध्र प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश

बिहार

छत्तीसगढ

हिमाचल प्रदेश

जम्मू और कश्मीर

झारखंड

कर्नाटक

केरल

मध्य प्रदेश

महाराष्ट्र

राजस्थान

तेलंगाना

त्रिपुरा

उत्तर प्रदेश

उत्तराखंड

उप-योग (डी1)

ओडिशा

उप-योग (डी2)

आंध्र प्रदेश

अरुणाचल प्रदेश

हिमाचल प्रदेश

झारखंड

केरल

मध्य प्रदेश

राजस्थान

तेलंगाना

त्रिपुरा

उत्तर प्रदेश

उत्तराखंड

उप-योग (डी3)

ओडिशा

उप-योग (D4)

कुल योग (D=D1+D2+D3+D4)

आंध्र प्रदेश

झारखंड

मध्य प्रदेश

महाराष्ट्र

कुल (ई)

कुल योग (A+B+C+D+E)

विद्युत मंत्रालय में राज्य मंत्री श्रीपद येसो नाईक ने आज राज्यसभा में लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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पीके/ केसी/ एसके

(रिलीज़ आईडी: 2222389)