Trump Netanyahu Meeting: डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों अमेरिका की विदेश नीति में काफी एक्टिव नजर आ रहे हैं. एक दिन पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मुलाकात के बाद अब उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मुलाकत की है. इन बैठकों को अमेरिका की कूटनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है. दोनों देश युद्ध से प्रभावित हैं लेकिन हालात अलग-अलग हैं. बता दें कि दोनों नेताओं के बीच गाजा को लेकर आगे की रणनीति पर चर्चा हुई हैं. मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, गाजा के लिए शांति योजना को जल्द से जल्द आगे बढ़ाना होगा लेकिन इसके लिए हमास को पूरी तरह हथियार सरेंडर करने होंगे.

बता दें ट्रंप ने कहा कि अब शांति समझौते के दूसरे चरण पर बात होगी. इस समझौते में हमास का हथियार नियंत्रण, गाजा का दोबारा निर्माण और युद्ध के बाद वहां की शासन व्यवस्था शामिल है. उन्होंने कहा कि गाजा के पुनर्निर्माण का काम भी जल्द शुरू हो सकता है

बोर्ड ऑफ पीस
इस योजना के तहत गाजा के प्रशासन के लिए एक बोर्ड ऑफ पीस बनाने का प्रस्ताव भी है. इस बोर्ड का नेतृत्व खुद डोनाल्ड ट्रंप करने वाला है. इसमें दुनिया के कई और नेता भी शामिल हो सकते हैं. इसका मकसद गाजा में स्थायी शांति और स्थिर व्यवस्था बनाना है. गौरतलब है कि मिस्र में गाजा को लेकर एक शांति समझौता होने के बावजूद भी हालात, पूरी तरह शांत नहीं हो पाएं हैं. इजरायल की ओर से गाजा में सैन्य कार्रवाई जारी है.

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अमेरिकी नेताओं से मिले नेतन्याहू
ट्रंप से मिलने से पहले नेतन्याहू ने अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो से भी बातचीत की थी. मार्को रुबियो से मुलाकात के बाद नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसे शानदार बैठक बताया हैं. इस दौरान दोनों देशों के झंडे भी लगाए गए थे जो इस मुलाकात की अहमियत को दिखाते हैं.

नेतन्याहू लगातार अमेरिकी प्रशासन से हमास के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की मांग कर रहे हैं. उन्होंने ईरान के बढ़ते बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को लेकर भी चिंता जताई है. बीते एक साल में नेतन्याहू कई बार अमेरिका जा चुके हैं. साथ ही ट्रंप को इजरायल का सबसे मजबूत सहयोगी बताते रहे हैं. हालांकि इस बार माहौल पहले जैसा नहीं है. ट्रंप खुद को शांति का पक्षधर बताते रहे हैं. अमेरिका में भी लोग किसी नए मध्य पूर्वी संघर्ष में सीधे शामिल होने के पक्ष में नहीं दिख रहे हैं.

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