Tarique Rahman Reshuffles Senior Military Positions: बांग्लादेश में राजनीति बदलते ही सेना भी हिल गई है. 17 फरवरी को तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली, और बस कुछ ही दिनों में आर्मी हेडक्वार्टर से बड़े बदलाव के ऑर्डर आ गए हैं. रविवार को ये फेरबदल हुए, जो बताते हैं कि नई सरकार पुरानी व्यवस्था को उखाड़ फेंकना चाहती है. ये फेरबदल सेना के कई बड़े पदों पर हुए हैं. जिसमें चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS), प्रिंसिपल स्टाफ ऑफिसर (PSO) और DGFI जैसे महत्वपूर्ण पद शामिल हैं. मुहम्मद यूनुस के 18 महीने के अंतरिम शासन में कई अफसरों की चांदी कट रही थी, लेकिन अब तारिक रहमान ने उन्हें साइडलाइन कर दिया है. बीएनपी के करीबी अफसरों को बड़े पद दिए गए हैं, जो सरकार और सेना के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद करेंगे.

यूनुस के वफादारों पर गिरी गाज, कई बड़े नाम साइडलाइन
 en.prothomalo.com में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यूनुस सरकार के दौरान सेना में कुछ अफसरों का बोलबाला था, लेकिन अब उनकी शामत आ गई. जैसे, लेफ्टिनेंट जनरल एसएम कामरुल हसन, जो PSO ऑफ आर्म्ड फोर्सेस डिवीजन थे, उन्हें विदेश मंत्रालय में राजदूत बनाकर भेज दिया गया है. उनकी जगह मेजर जनरल मीर मुशफिकुर रहमान को प्रमोट कर लेफ्टिनेंट जनरल बनाया गया, जो पहले चटगांव की 24वीं इन्फैंट्री डिवीजन संभाल रहे थे. DGFI, जो बांग्लादेश की सबसे ताकतवर इंटेलिजेंस एजेंसी है, उसके चीफ भी बदले गए हैं. मेजर जनरल मोहम्मद जहांगीर आलम को विदेश मंत्रालय शिफ्ट कर दिया गया है और ब्रिगेडियर जनरल कैसर राशिद चौधरी को प्रमोट कर DGFI का DG बना दिया गया है. चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) का पद भी नया हो गया है. लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद मैनुर रहमान, जो आर्मी ट्रेनिंग एंड डॉक्ट्रिन कमांड (ARTDOC) के जीओसी थे, अब CGS हैं. पुराने CGS मिजानुर रहमान शमीम रिटायर हो चुके हैं.ये सब बदलाव बताते हैं कि तारिक रहमान सेना को अपनी मुट्ठी में करना चाहते हैं.

भारत से अफसर की घर वापसी, मिली धांसू पोस्ट
सबसे ज्यादा सुर्खियां ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद हाफिजुर रहमान की बटोर रही हैं. वो दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन में डिफेंस एडवाइजर थे और DGFI से जुड़े हुए थे.अब उन्हें मेजर जनरल प्रमोट कर 55वीं इन्फैंट्री डिवीजन का जीओसी बना दिया गया. ये डिवीजन जशोर में है, जो बॉर्डर इलाकों में अहम रोल निभाती है. कुछ रिपोर्ट्स में ये भी कहा जा रहा है कि ये बदलाव भारत से रिश्तों पर असर डाल सकते हैं.यूनुस के वक्त दोनों देशों के बीच तनाव था, लेकिन अब तारिक रहमान की सरकार दोस्ती बढ़ाने की कोशिश कर रही है. हाई कमिश्नर प्रणय वर्मा ने भी हाल में कहा था कि भारत नई सरकार के साथ काम करने को तैयार है.

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बॉर्डर टेंशन और फ्यूचर प्लान?
ये फेरबदल म्यांमार बॉर्डर पर चल रही अराकान आर्मी की हरकतों के बीच हुए हैं. नए अफसरों को ऐसे पद दिए गए हैं, जो बॉर्डर सिक्योरिटी मजबूत करेंगे. कुल मिलाकर, तारिक रहमान की ये चाल सेना को राजनीति से दूर रखने और सरकार की कमान मजबूत करने की लगती है. बांग्लादेश की राजनीति में ये बदलाव क्या गुल खिलाएगा यह समय बताएगा.