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2024 की वो गर्मियों की क्रांति याद है ना? छात्रों ने सड़कों पर उतरकर शेख हसीना की 15 साल की सत्ता उखाड़ फेंकी. सैकड़ों मौतें, हिंसा, और आखिरकार हसीना को देश छोड़ना पड़ा. उसके बाद नोबेल विजेता मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार ने 18 महीने संभाला. अब कल 12 फरवरी को 13वीं संसदीय चुनाव के साथ संवैधानिक सुधारों पर रेफरेंडम भी है. ये आम चुनाव तय करेगा कि देश लोकतंत्र की पटरी पर मजबूती से लौटेगा या धार्मिक राजनीति का असर और गहरा होगा. जानें पूरी कहानी.
