बांग्लादेश में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं और इसी बीच एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सियासत में हलचल मचा दी है. ठाकुरगांव जिला जमात-ए-इस्लामी के प्रमुख बेलाल उद्दीन प्रधान को सईदपुर एयरपोर्ट पर 74 लाख टका (Tk 7.4 million) नकदी के साथ हिरासत में लिया गया. मामला यहीं नहीं रुका. पुलिस पूछताछ के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई और डॉक्टरों ने हार्ट अटैक की आशंका जताई है. फिलहाल वे रंगपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज करा रहे हैं. 

एयरपोर्ट पर क्या हुआ?
bdnews24.com में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस के मुताबिक बेलाल उद्दीन प्रधान बुधवार सुबह 10:55 बजे यूएस-बांग्ला एयरलाइंस की फ्लाइट से सईदपुर पहुंचे थे. एयरपोर्ट पर नियमित जांच के दौरान उनके पास से 74 लाख टका नकद बरामद हुआ. जब अधिकारियों ने उनसे रकम के स्रोत और मकसद के बारे में सवाल किए, तो उन्होंने इसे कारोबारी लेन-देन बताया. हालांकि पुलिस का कहना है कि वे इस दावे के समर्थन में कोई जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर सके.

पूछताछ के दौरान बिगड़ी तबीयत
पुलिस पूछताछ चल ही रही थी कि अचानक बेलाल की तबीयत बिगड़ गई. उन्हें तुरंत एंबुलेंस से सईदपुर 100-बेड अस्पताल ले जाया गया. प्राथमिक इलाज के बाद हालत को देखते हुए उन्हें रंगपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया. अस्पताल की कोरोनरी केयर यूनिट की प्रभारी सोहेला परवीन ने पुष्टि की कि उन्हें बुधवार दोपहर भर्ती किया गया. सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अज़हरुल इस्लाम ने बताया, “प्रारंभिक तौर पर हार्ट अटैक की संभावना है. फिलहाल मरीज निगरानी में है और अभी खतरे से बाहर नहीं कहा जा सकता.”

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चुनावी माहौल में बढ़े सवाल
घटना ऐसे समय पर हुई है जब देश में चुनावी माहौल गरम है. इतनी बड़ी रकम की बरामदगी ने कई तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है. स्थानीय स्तर पर ‘कैश-फॉर-वोट’ यानी वोट खरीद की चर्चा भी तेज हो गई है. हालांकि पुलिस ने आधिकारिक तौर पर इसे चुनावी रिश्वत का मामला नहीं बताया है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि पैसा कहां से आया और किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था.

जमात की सफाई
जमात-ए-इस्लामी के रंगपुर महानगर सचिव केएम अनवरुल हक काजल ने कहा कि बेलाल उद्दीन प्रधान के पास मौजूद रकम वैध थी और प्रशासनिक नियमों के तहत लाई जा रही थी. उन्होंने आरोप लगाया कि “बिना वजह उन्हें रोका गया और इससे अनावश्यक तनाव पैदा किया जा रहा है.” फिलहाल सबकी नजर अस्पताल और जांच दोनों पर टिकी है. अगर बेलाल की सेहत में सुधार होता है तो उनसे आगे भी पूछताछ की जा सकती है. चुनावी माहौल में इस कैश कांड ने राजनीतिक गलियारों में बहस को और तेज कर दिया है. आने वाले दिनों में जांच की दिशा ही तय करेगी कि यह मामला महज कारोबारी लेन-देन था या फिर इसके पीछे कोई बड़ा चुनावी खेल छिपा है.