
Bangladesh mob violence: बांग्लादेश में अंतरिम सरकार के गठन के बाद से हालात लगातार बिगड़ते नजर आ रहे हैं. एक प्रमुख मानवाधिकार संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, देश में भीड़ हिंसा, हिरासत में मौत, राजनीतिक टकराव और अल्पसंख्यकों पर हमलों के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. रिपोर्ट बताती है कि जब से मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनी है, तब से अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. यह स्थिति आम नागरिकों के लिए डर और असुरक्षा का माहौल बना रही है.
बिना किसी सबूत या जांच के लोगों को मारा गया
मानवाधिकार संगठन ऐन ओ सालिश केंद्र के मुताबिक, साल 2025 में भीड़ द्वारा की गई हिंसा में 197 लोगों की मौत हुई, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 128 था. सरकार संभालने के बाद से अब तक कुल 293 लोगों की जान भीड़ हिंसा में जा चुकी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि कई मामलों में बिना किसी सबूत या जांच के लोगों को पीट-पीटकर मार दिया गया, अफवाहों और शक के आधार पर लोगों को निशाना बनाया गया, जिससे कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जेलों में मौतों का आंकड़ा चिंताजनक है. साल 2025 में देश की अलग-अलग जेलों में 107 कैदियों की मौत हुई है. इनमें सबसे ज्यादा मौतें ढाका सेंट्रल जेल में दर्ज की गई हैं. इसके अलावा, 38 लोगों की मौत कथित मुठभेड़ों या हिरासत के दौरान हुई थी. मानवाधिकार संगठन का कहना है कि ये मौतें यातना, हिरासत में हिंसा और फर्जी मुठभेड़ों से जुड़ी हो सकती हैं, जो गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन को दिखाने का काम करेगी.
400 से ज्यादा राजनीतिक हिंसा
राजनीतिक हिंसा भी बांग्लादेश में बड़ा मुद्दा बनी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार, एक साल में 400 से ज्यादा राजनीतिक हिंसा की घटनाएं हुई हैं, जिनमें 100 से अधिक लोगों की जान गई और हजारों लोग घायल हुए हैं. इसके साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा पर भी खतरा बढ़ा है. सैकड़ों पत्रकारों को धमकाया गया, उन पर हमले हुए और कई मामलों में पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा है. इससे अभिव्यक्ति की आजादी पर भी असर पड़ रहा है.
अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाएं भी लगातार सामने आ रही हैं. रिपोर्ट में बताया गया कि मंदिरों पर हमले, मूर्तियों की तोड़फोड़, घरों में आगजनी और ज़मीन पर कब्जे जैसे मामले बढ़े हैं. मानवाधिकार संगठन ने सरकार से मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और कानून का राज बहाल किया जाए. मौजूदा हालात यह संकेत देते हैं कि बांग्लादेश को शांति और सुरक्षा की दिशा में गंभीर कदम उठाने की जरूरत है.
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