
पर्यटन मंत्रालय

ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों ने जयपुर घोषणापत्र को पारित किया
‘पर्यटन लोगों को जोड़ता है, यह समुदायों के लिए अवसर पैदा कर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को संभव बनाता हैः श्री गजेंद्र सिंह शेखावत
प्रविष्टि तिथि: 21 AUG 2026 6:28PM by PIB Delhi
भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों की बैठक आज जयपुर में संपन्न हुई। इस अवसर पर ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों के घोषणापत्र को पारित किया गया। यह जयपुर घोषणापत्र ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच पर्यटन सहयोग को मजबूत करने के लिए एक ढांचा प्रदान करता है।

बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने की। यह 2026 में भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स पर्यटन ट्रैक का समापन था, जिसे ‘अनुकूलनीयता, नवाचार, सहयोग और संवहनीयता का निर्माण’ विषय के तहत चलाया जा रहा है।
बैठक में ब्रिक्स के नौ सदस्य देशों ने भाग लिया। इसमें श्री गुस्तावो कोस्टा फेलिसियांडो (पर्यटन मंत्री, ब्राजील), श्री रजा सालेही अमीरी (सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन और हस्तशिल्प मंत्री, ईरान), सुश्री पेट्रिशिया डी लिले (पर्यटन मंत्री, दक्षिण अफ्रीका) और महामहिम अब्दुल्ला बिन तऊक अल मारी (अर्थव्यवस्था और पर्यटन मंत्री, संयुक्त अरब) अमीरात शामिल थे। साथ ही चीन, इथोपिया, इंडोनेशिया और रूस के प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख भी बैठक में मौजूद थे। इसमें भारतीय प्रतिनिधिमंडल में पर्यटन मंत्रालय के सचिव श्री भुवनेश कुमार, संयुक्त सचिव श्री हरिकिशोर एस. तथा अन्य अधिकारी शामिल थे।

जयपुर घोषणापत्र भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स पर्यटन कार्य समूह के चार विषयगत प्राथमिकताओं पर किए गए कार्य को दर्शाता है। ये प्राथमिकताएं हैं – कृत्रिम मेधा और पर्यटन, संवहनीय और जिम्मेदार पर्यटन, पर्यटन कौशल और क्षमता निर्माण तथा पर्यटन आदान-प्रदान और निर्बाध यात्रा सुविधा।
ब्रिक्स पर्यटन मंत्रियों के सर्वसम्मति से अपनाए गए घोषणाप़त्र में पर्यटन में जिम्मेदार, सुरक्षित और मानव-केंद्रित कृत्रिम मेधा तथा डिजिटल प्रौद्योगिकियों की परिवर्तनकारी क्षमता को स्वीकार किया गया है। इसमें पर्यटन योजना, गंतव्य प्रबंधन, आगंतुक सेवाओं, बहुभाषी संचार और यात्रा सुविधा में सहयोग पर बल दिया गया है।
यह संवहनीय और समुदाय केंद्रित पर्यटन, प्राकृतिक और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा, पर्यटन निवेश और अवसंरचना, विविध पर्यटन उत्पादों के विकास और संवर्धन, निरंतर कौशल विकास और उन्नयन, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच भागीदारी, पर्यटन डेटा और आंकड़ों के आदान-प्रदान, सर्वोत्तम प्रथाओं की साझीदारी तथा ब्रिक्स सदस्य देशों की अवाम के बीच मजबूत संबंधों पर जोर देता है।
बैठक को संबोधित करते हुए श्री शेखावत ने कहा कि 2047 तक विकसित भारत की ओर देश की यात्रा में पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसमें विकास को प्रमुख आर्थिक केंद्रों से आगे, कस्बों, गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों तक ले जाने की अनूठी क्षमता है। उन्होंने कहा कि पर्यटन होटल और होमस्टे, टैक्सी आपरेटरों, गाइडों, कारीगरों, बुनकरों, किसानों, उद्यमियों और लाखों परिवारों के लिए अवसर पैदा करता है जिनकी आजीविका प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर इस क्षेत्र से जुड़ी हुई है।

श्री शेखावत ने एक ऐसे पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के भारत के प्रयासों पर प्रकाश डाला जो आर्थिक तौर पर समृद्ध, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार, तकनीकी तौर पर सक्षम और संस्कृतिक रूप से प्रामाणिक हो। उन्होंने कहा, ‘पर्यटन अंततः लोगों को जोड़ता है। यह समुदायों के लिए अवसर पैदा करता और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को संभव बनाता है। यह हमारे देशों के नागरिकों को सरकारों के बीच औचारिक संबंधों से आगे जाकर एक-दूसरे को समझने का अवसर देता है।’
पर्यटन मंत्रियों की बैठक के दौरान ही भारत ने ब्राजील, ईरान, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं। इन बैठकों ने संबंधित मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ बातचीत और पर्यटन सहयोग को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया।
भारत की अध्यक्षता के तहत ब्रिक्स पर्यटन ट्रैक पर एक पत्रकार वार्ता भी आयोजित की गई, जिसमें पर्यटन मंत्रियों की बैठक के परिणामों और जयपुर घोषणापत्र को अपनाने पर प्रकाश डाला गया।

जयपुर में पर्यटन मंत्रिस्तरीय बैठक के हिस्से के तौैर पर मंत्रियों और प्रतिनिधियों को पारंपरिक कला, शिल्प और समुदाय आधारित पर्यटन पहलों को प्रदर्शित करने वाले क्यूेरेटेड अनुभव दिखाए गए।
22 अगस्त 2026 को मंत्री और प्रतिनिधि हवा महल, सिटी पैलेस और आमेर किला समेत जयपुर के कुछ प्रतिष्ठित विरासत स्थलों का दौरा करेंगे, जिससे उन्हें शहर की समृद्ध वास्तुकला, सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
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पीके/केसी/एसके/एसएस
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