लोकसभा सचिवालय
भारत और श्रीलंका सदियों पुराने सभ्यतागत, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को साझा करते हैं: लोक सभा अध्यक्ष
भारत का दृष्टिकोण “महिलाओं के विकास” से बदलकर “महिलाओं के नेतृत्व में विकास” हो गया है: श्री ओम बिरला
श्रीलंका के महिला सांसद कॉकस ने संसद भवन में लोक सभा अध्यक्ष से भेंट की
प्रविष्टि तिथि: 11 MAY 2026 8:01PM by PIB Delhi
लोक सभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज कहा कि भारत और श्रीलंका गहरे सभ्यतागत, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों से बंधे हुए हैं, जो सदियों से विकसित हुए हैं। दोनों देशों की साझा बौद्ध विरासत का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि ये अटूट संबंध आज भी भारत और श्रीलंका के बीच मैत्रीपूर्ण रिश्तों का आधार हैं। श्री बिरला ने ये उद्गार आज संसद भवन में श्रीलंका के ‘महिला सांसद कॉकस’ (Women Parliamentarians’ Caucus) के साथ बातचीत के दौरान व्यक्त किये। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व श्रीलंका सरकार की महिला एवं बाल मामलों की मंत्री महामहिम सुश्री सरोजा सावित्री पॉलराज कर रही थीं।
हाल ही में श्री एस.एम. मरिक्कर के नेतृत्व में आए श्रीलंकाई संसदीय प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई अपनी बातचीत को याद करते हुए श्री बिरला ने दोनों देशों के बीच बढ़ते संसदीय आदान-प्रदान पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सांसदों के बीच निरंतर संवाद और नियमित मुलाकातों ने भारत-श्रीलंका के संसदीय संबंधों को नई गति दी है और आपसी समझ को मजबूत किया है।
भारत के लोकतांत्रिक ढांचे में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर जोर देते हुए श्री बिरला ने कहा कि आज महिलाएं शासन और राष्ट्र निर्माण के हर क्षेत्र में—चुनाव प्रक्रिया से लेकर नीति निर्धारण और नेतृत्व की भूमिकाओं तक—सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत का दृष्टिकोण अब “महिलाओं के विकास” के स्थान पर “महिलाओं के नेतृत्व में विकास” (Women-led Development) हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का दृढ़ विश्वास है कि जब महिलाएं विकास का नेतृत्व करती हैं, तो समाज अधिक समावेशी, संतुलित और टिकाऊ बनता है।
श्री बिरला ने यह भी बताया कि नए संसद भवन में भारत की संसद द्वारा पारित पहला कानून ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ था। यह कानून लोक सभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करता है। उन्होंने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया, जिससे महिलाएं देश की विधायी प्रक्रियाओं में अधिक निर्णायक भूमिका निभा सकेंगी और यह भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
भारतीय लोकतंत्र की मजबूत नींव (ग्रासरूट्स) पर चर्चा करते हुए श्री बिरला ने बताया कि भारत के कई राज्यों ने स्थानीय स्वशासन संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया है। इसके परिणामस्वरूप, आज देश भर में 14 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में अपनी सेवाएं दे रही हैं और शासन व सामुदायिक विकास में सक्रिय योगदान दे रही हैं।
आर्थिक सशक्तिकरण के विषय पर श्री बिरला ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से भारत में बड़ी संख्या में महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया जो ग्रामीण भारत में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक क्रांतिकारी माध्यम बनकर उभरी हैं।
इस अवसर पर महामहिम सुश्री सरोजा सावित्री पॉलराज ने प्रतिनिधिमंडल के स्वागत और आतिथ्य के लिए श्री बिरला का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से श्रीलंका की महिला सांसदों को भारत की परिवर्तनकारी योजनाओं, विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमिता और डिजिटल कॉमर्स के क्षेत्र में हो रहे कार्यों को गहराई से समझने का अवसर मिला है। सुश्री पॉलराज ने कोविड-19 महामारी और ‘डितवा’ चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाओं के कठिन समय में श्रीलंका को निरंतर सहायता देने के लिए भारत सरकार का धन्यवाद किया।
Pleased to meet H.E. Ms. Saroja Savithri Paulraj, Minister of Women and Child Affairs, Government of Sri Lanka along with the women Parliamentary delegation from Sri Lanka at the Parliament House and engage with the distinguished members on strengthening bilateral ties and… pic.twitter.com/t1t15l0SE7
— Om Birla (@ombirlakota) May 11, 2026
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