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“भारत के प्राचीन ज्ञान से लेकर वैश्विक खेल मंच तक, योग विश्व की साझा शक्ति बन रहा है”: केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया


भारत की 2036 ओलंपिक की बोली के साथ, योगासन को ओलंपिक खेल के रूप में स्थापित करने के प्रयास जारी”: केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

“योग भारत की सॉफ्ट पावर और स्वास्थ्य, आर्थिक अवसर और वैश्विक मान्यता का माध्यम बना”: डॉ. मांडविया

प्रथम विश्व योगासन चैंपियनशिप 4 से 8 जून तक अहमदाबाद में आयोजित की जाएगी; 75 देशों के प्रतिभागी भाग लेंगे

प्रविष्टि तिथि: 26 MAY 2026 3:55PM by PIB Delhi

गुजरात के अहमदाबाद में 4 से 8 जून तक पहली विश्व योगासन चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा। यह इस बात का प्रतीक है कि वैश्विक स्तर का आयोजन पहली बार किया जा रहा है।

चैम्पियनशिप के दौरान 12 स्पर्धाओं में 75 देशों के 500 से अधिक प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है।

 

केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मांडविया ने चैम्पियनशिप से पहले उपस्थित जन-समूह को संबोधित करते हुए कहा, योग भारत द्वारा विश्व को दिया गया है। यह एक अमूल्य खजाना है, जिसकी खोज हमारे देश में 5000 साल पहले हुई थी।

डॉ. मांडविया ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा, “योग हमें शरीर और मन दोनों की शक्ति प्रदान करता है।” उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि योग अब अच्छे स्वास्थ्य से आगे बढ़कर विश्व स्तर पर स्वीकृत खेल बन गया है।

डॉ. मांडविया ने योग की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति की चर्चा करते हुए कहा, “विश्व के सभी देशों ने योग को अपनाना और इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाना आरंभ कर दिया है।” उन्होंने कहा कि भारत का योग ज्ञान और परंपरा देश के हर घर और गली में विद्यमान है।

डॉ. मांडविया ने योग के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा, “आज योगासन न केवल शारीरिक और मानसिक कल्याण का मार्ग है, बल्कि आजीविका का एक बढ़ता हुआ स्रोत और विश्व भर में भारत की सॉफ्ट पावर का एक शक्तिशाली प्रतीक भी है।”

उन्होंने कहा कि यह चैंपियनशिप भारत को वैश्विक स्तर पर अपनी सॉफ्ट पावर प्रदर्शित करने का एक बड़ा अवसर प्रदान करती है।

डॉ. मांडविया ने कहा कि महासंघ को अब योगासन को एक अंतरराष्ट्रीय खेल के रूप में मान्यता दिलाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक परिषद के ढांचे के तहत पंजीकरण हासिल करने की दिशा में काम करना चाहिए।

भारत की 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी की बोली का उल्लेख करते हुए डॉ. मांडविया ने कहा, “जिस देश में योग का उद्गम हुआ, वह 2036 में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की तैयारी कर रहा है। उसी के अनुरूप हम भी विश्व मंच पर पहली बार योगासन को ओलंपिक खेल के रूप में स्थापित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।”

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पीके/केसी/एसकेजे/एचबी

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