US Tariffs On India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए रूस से तेल खरीद के चलते भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाने की घोषणा की है. यह फैसला भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित व्यापार समझौते के कुछ दिनों बाद सामने आया है जिसकी पुष्टि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी की थी. ट्रंप ने इससे पहले ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर व्यापार समझौते की जानकारी दी थी और दावा किया था कि भारत रूसी तेल की खरीद बंद करेगा, जो दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद का विषय रहा है. हालांकि, प्रधानमंत्री मोदी ने अपने एक्स पोस्ट में रूसी तेल का कोई उल्लेख नहीं किया था.
कार्यकारी आदेश में ट्रंप ने दोहराया है कि भारत ने रूस से तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बंद करने की प्रतिबद्धता दोहराई है. साथ ही आदेश में कहा गया है कि भारत ने अमेरिका से ऊर्जा उत्पाद खरीदने और अगले 10 वर्षों में रक्षा सहयोग बढ़ाने के लिए एक रोडमैप बनाने पर सहमति व्यक्त की है.
7 फरवरी से लागू होगा ट्रंप का नया आदेश
आदेश के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों से प्राप्त सूचनाओं और सिफारिशों के आधार पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह निष्कर्ष निकाला है कि भारत ने कार्यकारी आदेश 14066 में वर्णित राष्ट्रीय आपात स्थिति से निपटने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति तथा आर्थिक मामलों में अमेरिका के साथ पर्याप्त तालमेल बैठाया है.
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गौरतलब है कि 8 मार्च 2022 को जारी कार्यकारी आदेश 14066 यूक्रेन की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को कमजोर करने के रूसी प्रयासों के मद्देनजर कुछ आयात और नए निवेशों पर प्रतिबंध से जुड़ा था. ट्रंप के अनुसार, यह नया कार्यकारी आदेश शनिवार, 7 फरवरी 2026 से लागू होगा.
समझिए भारत के लिए क्यों अहम है ट्रंप का ये फैसला?
25 प्रतिशत टैरिफ हटने से भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बड़ी राहत मिलेगी, जिससे निर्यात को सीधा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इससे भारत-अमेरिका के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे. साथ ही ऊर्जा और रक्षा क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से रणनीतिक साझेदारी को नई गति मिलेगी. कुल मिलाकर, डोनाल्ड ट्रंप के दावे पर अब आधिकारिक मुहर लग गई है और यह फैसला भारत के लिए कूटनीतिक व आर्थिक दोनों दृष्टियों से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
