Vance says Iran refuses Trump red lines: दुनिया भर में टेंशन हाई है. अमेरिका ने एक झटके में अपना पूरा एयर पावर मिडिल ईस्ट की तरफ मोड़ दिया है. इंडिपेंडेंट फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और मिलिट्री सोर्सेज से पता चल रहा है कि पिछले एक दिन में ही 50 से ज्यादा टॉप क्लास फाइटर जेट्स रीजन में पहुंचाए गए या रास्ते में हैं. इनमें स्टेल्थ किंग F-22 रैप्टर, लेटेस्ट F-35 और क्लासिक F-16 शामिल हैं. साथ में कई एरियल रिफ्यूलिंग टैंकर भी हैं, जो बताते हैं कि ये प्लेन लंबे ऑपरेशंस के लिए तैयार हैं.एक अमेरिकी अधिकारी ने Axios को साफ-साफ कहा, “पिछले 24 घंटों में 50 से ज्यादा फाइटर जेट्स को रीजन में मूव किया गया है.” कुछ रिपोर्ट्स में कुल संख्या 50+ बताई गई है, जिसमें F-35A के 18, F-22 के 12 और F-16 के 36 तक शामिल हैं.
कैरियर ग्रुप भी ईरान की तरफ बढ़ा
ये सिर्फ हवाई हमला नहीं, पूरी नेवी भी एक्टिव है. दुनिया का सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford अपना स्ट्राइक ग्रुप लेकर कैरिबियन से निकलकर अटलांटिक पार कर रहा है. नेवी अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि ये ग्रुप तीन डिस्ट्रॉयर्स USS Mahan, USS Bainbridge और USS Winston Churchill के साथ है. अभी ये मिड-अटलांटिक में है और ईरान के पास पहुंचने में 8-10 दिन लग सकते हैं. पहले से ही USS Abraham Lincoln अरेबियन सी में तैनात है, तो अब दो सुपर कैरियर्स एक साथ होंगे. USNI News ने रिपोर्ट किया कि फोर्ड स्ट्रेट ऑफ जिब्राल्टर की तरफ बढ़ रहा है.
बातचीत भी जारी, तनाव भी कायम
दिलचस्प बात यह है कि सैन्य ताकत बढ़ाने के साथ-साथ दोनों देशों के बीच बातचीत भी चल रही है. स्विट्ज़रलैंड के Geneva में परमाणु कार्यक्रम को लेकर अप्रत्यक्ष वार्ता का दौर जारी है. सूत्रों के मुताबिक बातचीत में कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन कई अहम मुद्दों पर मतभेद अब भी बने हुए हैं। अमेरिकी पक्ष चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर सख्त सीमाएं स्वीकार करे, जबकि ईरान सुरक्षा गारंटी की मांग कर रहा है. इतनी बड़ी मिलिट्री मूवमेंट के बीच भी डिप्लोमेसी का दौर चल रहा है. जेनेवा में ओमान की मेजबानी में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष न्यूक्लियर टॉक्स का दूसरा राउंड हो रहा है.
अभी बन नहीं पाई है पूरी बात
अमेरिकी टीम में ट्रंप के खासम-खास जेरेड कुश्नर और स्टीव विटकॉफ शामिल थे. ईरानी फॉरेन मिनिस्टर अब्बास अरागची ने कहा कि बातचीत “गंभीर और पॉजिटिव” रही, कुछ गाइडिंग प्रिंसिपल्स पर समझ बनी है. उन्होंने ईरानी टीवी पर बताया, “अब रास्ता ज्यादा साफ दिख रहा है, लेकिन जल्दी एग्रीमेंट नहीं होगा.” अमेरिकी ऑफिशियल्स ने भी प्रोग्रेस माना लेकिन कहा कि “बहुत सारे डिटेल्स बाकी हैं.” ईरान को दो हफ्ते में डिटेल्ड प्रपोजल्स देने हैं. ट्रंप ने पहले ही वार्निंग दे रखी है कि अगर डील नहीं बनी तो मिलिट्री ऑप्शन ओपन है. वाइस प्रेसिडेंट JD Vance ने Fox News पर कहा कि ईरान ट्रंप की रेड लाइन्स नहीं मान रहा, लेकिन डिप्लोमेसी प्राथमिकता है.
ईरान की तरफ से जवाब
ईरान कह रहा है कि वो किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा. फॉरेन मिनिस्टर अरागची ने UN में कहा कि “एक नया विंडो खुला है डील के लिए, लेकिन हम अपना बचाव करने को तैयार हैं.” क्षेत्रीय टेंशन बढ़ रही है, क्योंकि ये मूवमेंट 2025 के ऑपरेशन मिडनाइट हैमर जैसा लग रहा है, जब F-22 और दूसरे जेट्स इस्तेमाल हुए थे. कुल मिलाकर, अमेरिका ने ईरान को चारों तरफ से घेर लिया है-हवा से, समंदर से. अब देखना ये है कि अगले दो हफ्ते में बात बनती है या जंग छिड़ जाती है. दुनिया की सांसें थमी हुई हैं
