Bangladesh Violence: बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच बांग्लादेश के एडिटर्स काउंसिल के अध्यक्ष नुरुल कबीर ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने देश के प्रमुख अखबारों प्रोथोम आलो और द डेली स्टार के कार्यालयों साथ ही ढाका स्थित सांस्कृतिक केंद्र छायानाट पर तोड़फोड़ और आगजनी की इजाजत दी थी. यह हिंसा 18 दिसंबर को कट्टरपंथी नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हुई थी.

कबीर की यह टिप्पणी उस्मान के भाई के द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि अंतरिम सरकार के एक धड़े ने बांग्लादेश में 12 फरवरी को होने वाले संसदीय चुनावों को टालने के लिए उस्मान की हत्या की साजिश रची थी. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उस्मान के हमलावरों के खिलाफ शीघ्र मुकदमा नहीं चलाया गया तो मुहम्मद यूनुस का वही हश्र होगा जो शेख हसीना के साथ हुआ था.

पहले से तैयार की गई थी हमले की तैयारी: एडिटर्स काउंसिल 

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बांग्लादेश के एडिटर्स काउंसिल के अध्यक्ष कबीर ने कहा कि यह साफ है कि प्रोथोम आलो, द डेली स्टार और छायानाट को नष्ट करने की घोषणाएं एक या दो दिन पहले ही की गई थीं. बांग्लादेश में हर कोई जानता है कि इन घोषणाओं को किसने किया था, जिसमें सरकार भी शामिल है. बांग्लादेश के किसी भी कानून के तहत यह एक अपराध है लेकिन सरकार ने इसे रोकने के लिए पहले से कोई कार्रवाई नहीं की. उन्होंने आगे कहा कि हमलावरों को पहले ही गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया जबकि हमले की योजना स्पष्ट रूप से बनाई जा चुकी थी. यह एक संगठित ताकत का काम था और गिरफ्तार किए गए लोगों के राजनीतिक संबंध भी स्पष्ट रूप से सामने आए हैं.

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इस बीच, सूचना और प्रसारण सलाहकार सैयदा रिजवाना हसन की उपस्थिति में कबीर ने यह भी कहा कि सरकार ने इस तरह की हिंसा को बढ़ावा दिया और इस मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं की. बता दें कि कबीर की यह टिप्पणी उस समय आई जब प्रमुख विपक्षी पार्टी BNP के नेता तारिक रहमान ने लंदन से अपने घर लौटने के बाद शरीफ उस्मान की हत्या को चुनाव टालने की एक साजिश बताया है. रहमान ने कहा था कि यह हत्या एक साजिश का हिस्सा थी जिसका उद्देश्य आगामी चुनावों को स्थगित करना था.