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जिम्बाब्वे की धरती पर भारत को छठी पर चैंपियन बनाने वाले कप्तान आयुष म्हात्रे अपने देश वापिस आ चुके हैं. म्हात्रे की अगुवाई में टीम इंडिया ने 100 रनों से इंग्लैंड को फाइनल में हराकर खिताब अपने नाम किया था.कप्तान म्हात्रे ने टूर्नामेंट शानदार कप्तानी के साथ बल्ले से भी योगदान दिया और भारत को अंडर-19 का खिताब जीताने वाले 6वें कप्तान बने. म्हात्रे वापिस आने के बाद भारत के महानतम खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के घर पहुंचे. इस मौके पर सचिन तेंदुलकर ने अंडर-19 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान से बातचीत की और उन्हें काफी कुछ समझाया. साथ ही उन्हें सचिन एक खास तोहफा दिया. अब वह वीडियों इंटरनेट पर खूब वायरल हो रही है और लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं.
क्रिकेट के भगवान से मुलाकात
वापस लौटने पर म्हात्रे ने क्रिकेट के दिग्गज सचिन तेंदुलकर से मुलाकात की, जिन्होंने उन्हें उपहार देकर सम्मानित किया। तेंदुलकर ने म्हात्रे को अपनी टेस्ट जर्सी भेंट की, साथ ही एक हस्तलिखित संदेश भी दिया. भारतीय दिग्गज ने युवा खिलाड़ी को बताया कि यह वही जर्सी थी जिसे उन्होंने अपनी अंतिम सीरीज में पहना था, ताकि युवा खिलाड़ी को वरिष्ठ टीम में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा सके.वीडियो में तेंदुलकर ने म्हात्रे से कहा, “लगातार मेहनत करते रहो. ध्यान केंद्रित रखो. लोगों के बहकावे में मत आओ. अभ्यास करते रहो।.एकाग्रता बनाए रखना जरूरी है. चाहे जो भी हो, ध्यान भटकाने वाली चीजें बहुत होंगी, प्रिय आयुष, आपके करियर में अपार सफलता की कामना करता हूं. “
‘आपके देखते हुए’
म्हात्रे ने इस पल को सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए क्रिकेट के दिग्गज से गिफ्ट पाकर अपनी खुशी जाहिर की. “मैं आपको स्क्रीन पर देखते हुए बड़ा हुआ. आज मैं आपके घर पर खड़ा हूं, आपकी यात्रा का एक टुकड़ा अपने हाथों में थामे हुए,” म्हात्रे ने लिखा. “इस सम्मान के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद, सर. मैं इसे उसी आदर के साथ संजो कर रखूंगा, जिस आदर के साथ आपने वर्षों तक भारतीय क्रिकेट को संजो कर रखा.”
म्हात्रे की लीडरशिप
भारतीय अंडर-19 टीम का घर लौटने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया. विरार में म्हात्रे का परिवार, दोस्तों और पड़ोसियों ने स्वागत किया, वहीं उनके साथी खिलाड़ी उद्धव मोहन का भी नई दिल्ली में हीरो जैसा स्वागत हुआ. जश्न में उनकी उपलब्धि पर गर्व और विश्व कप जीत का प्रभाव साफ झलक रहा था.पूरे टूर्नामेंट के दौरान, म्हात्रे ने आगे बढ़कर अगुवाई किया, खासकर नॉकआउट चरणों में. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ फाइनल में 51 गेंदों पर 53 रन और अफगानिस्तान के खिलाफ सेमीफाइनल में 59 गेंदों पर 62 रन बनाए. पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने सात पारियों में 214 रन बनाए, जिनका औसत 30.57 रहा और वे टूर्नामेंट में भारत के चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने।
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