लोकसभा सचिवालय
संवाद और सहयोग से भारत और रूस के संसदीय संबंध और प्रगाढ़ होंगे: लोक सभा अध्यक्ष
लोक सभा अध्यक्ष ने संसदीय राजनय को और मजबूत करने तथा भारत और रूस के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों पर विचार करने का आह्वान किया
भारत-रूस संसदीय संवाद में आई तेजी: रूसी संसदीय शिष्टमंडल ने लोक सभा अध्यक्ष से भेंट की
प्रविष्टि तिथि: 02 APR 2026 6:31PM by PIB Delhi
रशियन फेडेरेशन की फेडरल एसेम्बली की फेडेरेशन काउंसिल के फर्स्ट डेप्युटी स्पीकर, महामहिम श्री व्लादिमिर याकुशेव के नेतृत्व में भारत यात्रा पर आए रूस के संसदीय शिष्टमंडल ने आज संसद भवन में लोक सभा अध्यक्ष, श्री ओम बिरला से भेंट की।
रूसी शिष्टमंडल का स्वागत करते हुए, अध्यक्ष महोदय ने श्री याकुशेव को फेडरेशन काउंसिल के संसदीय मैत्री समूह के अध्यक्ष के रूप में उनके चुनाव पर बधाई दी। उन्होंने उल्लेख किया कि यह चुनाव भारत के साथ संसदीय सहयोग बढ़ाने के प्रति रूस की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस बात पर जोर देते हुए कि संवाद और सहयोग से भारत और रूस के संसदीय संबंध और प्रगाढ़ होंगे, श्री बिरला ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी परस्पर विश्वास पर आधारित है और समय की कसौटी पर खरी उतरी हैं। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि भारत की स्वतंत्रता के बाद से, रूस इसके सबसे करीबी और विश्वसनीय भागीदारों में से एक रहा है, और दोनों देशों के लोगों के बीच मित्रता और सहयोग पूरे विश्व के लिए एक उदाहरण है।
श्री बिरला ने दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए उच्च स्तरीय संपर्क और प्रधानमंत्री, श्री नरेंद्र मोदी तथा रूस के राष्ट्रपति, श्री व्लादिमीर पुतिन के बीच निरंतर संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि इन संवादों से द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए हैं और सहयोग के नए मार्ग खुले हैं।
दोनों पक्षों ने अंतर-संसदीय संघ (आईपीयू), ब्रिक्स संसदीय मंच और जी-20 जैसे बहुपक्षीय संसदीय मंचों पर सहयोग के महत्व को रेखांकित किया। अध्यक्ष महोदय ने वैश्विक चुनौतियों का सामूहिक रूप से समाधान करने के लिए सहयोग की भावना को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया। चर्चा के दौरान रक्षा, व्यापार और आर्थिक सहयोग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग पर भी प्रकाश डाला गया। अंतरिक्ष अनुसंधान, आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस (एआई) और स्वच्छ ऊर्जा की पहचान उभरते क्षेत्रों के रूप में की गई जिनमें भविष्य के सहयोग की संभावना है ।
श्री बिरला ने भारत और रूस के बीच मजबूत सांस्कृतिक संबंधों और दोनों देशों के लोगों के घनिष्ठ संबंधों का उल्लेख भी किया। रूसी विश्वविद्यालयों में बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों की उपस्थिति के साथ-साथ रूस में योग और भारतीय सिनेमा की लोकप्रियता, दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक लगाव को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा मॉस्को में हाल ही में आयोजित सांस्कृतिक महोत्सव ‘भारत उत्सव’, में बड़ी संख्या में लोगों द्वारा भाग लिए जाने से रूसी नागरिकों के बीच भारतीय संस्कृति के प्रति बढ़ती रुचि का पता चलता है। रूस में रहने वाले भारतीय समुदाय को रूसी सरकार द्वारा दिए गए स्नेह की सराहना करते हुए, अध्यक्ष महोदय ने उनके कल्याण और सुख-सुविधा सुनिश्चित करने के लिए आभार व्यक्त किया।
श्री बिरला ने दोनों देशों के विधानमंडलों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने में अंतर-संसदीय आयोग के महत्व पर प्रकाश डाला। इस बात का उल्लेख करते हुए कि आयोग की पिछली बैठक 2018 में आयोजित की गई थी, उन्होंने सुझाव दिया कि दोनों पक्ष आपसी सहमति से सुविधाजनक समय पर इसकी अगली बैठक को आयोजित करने पर विचार कर सकते हैं। अध्यक्ष महोदय ने संवाद और सहयोग बढ़ाने में संसदीय मैत्री समूहों के महत्व को भी रेखांकित करते हुए कहा कि भारत की संसद में भारत-रूस संसदीय मैत्री समूह के गठन से संसदीय आदान-प्रदान और राजनयिक संवाद और मजबूत होगा ।
यह विश्वास व्यक्त करते हुए कि भविष्य में भारत और रूस के संबंध और गहरे होंगे, उन्होंने कहा कि इस तरह के उच्च स्तरीय संवाद से संसदीय मैत्री और मजबूत होगी और व्यापक द्विपक्षीय साझेदारी भी बढ़ेगी ।
इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए, रशियन फेडेरेशन की फेडरल एसेम्बली की फेडेरेशन काउंसिल के फर्स्ट डेप्युटी स्पीकर, महामहिम श्री व्लादिमिर याकुशेव ने गर्मजोशी से किए गए स्वागत और रूसी शिष्टमंडल से मिलने के लिए अपने व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालने के लिए श्री बिरला को धन्यवाद दिया। श्री याकुशेव ने कहा कि भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी रूस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों देशों के बीच ब्रिक्स तथा पी-20 जैसे विभिन्न वैश्विक मंचों पर घनिष्ठ संसदीय सहयोग को रेखांकित करते हुए श्री याकुशेव ने कहा कि ब्रिक्स अध्यक्ष के रूप में भारत इस वर्ष ब्रिक्स संसदीय मंच की बैठक की मेजबानी करेगा।
उन्होंने भारत-रूस संसदीय मैत्री समूह के गठन का स्वागत किया और यह भी बताया कि अपनी भारत यात्रा के दौरान, रूसी शिष्टमंडल संचार और आईटी संबंधी संसदीय समिति और भारत-रूस संसदीय मैत्री समूह के साथ बैठकें करेगा। उन्होंने श्री बिरला को रूस आने और अंतर-संसदीय आयोग को फिर से शुरू करने का निमंत्रण भी दिया। उन्होंने इस बात का उल्लेख भी किया कि दोनों देशों के लोगों के बीच घनिष्ठ सांस्कृतिक संबंध हैं। उन्होंने बताया कि पैंतीस हजार से अधिक भारतीय छात्र रूस में पढ़ते हैं और दोनों देशों के संबंधों को गहरा करने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने व्यापार और ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच अधिक सहयोग की आशा व्यक्त की।
दोनों पक्षों ने सभी आयामों में भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की ।
Pleased to meet H.E. Vladimir Yakushev, First Deputy Chairperson of the Federation Council of the Federal Assembly of the Russian Federation along with members of the Russian Parliamentary delegation at the Parliament House.
We exchanged views on cooperation in areas such as… pic.twitter.com/voEKYKlq0j
— Om Birla (@ombirlakota) April 2, 2026
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